बांस से बनाते हैं 200 से ज्यादा सामान, ₹30 से ₹3,000 तक कीमत, प्रशिक्षण लेकर बदली किस्मत
Purvi Champaran Arvind Kumar Bamboo Items: बिहार के गांवों में बांस से बनने वाली पारंपरिक वस्तुओं की कला आज नए रूप में रोजगार और कमाई का जरिया बन रही है. पूर्वी चंपारण के ढाका प्रखंड के दलपत विशुनपुर गांव निवासी अरविंद कुमार ने इसी हुनर को आधुनिक डिजाइन और प्रशिक्षण के साथ आगे बढ़ाया है. कभी डगरा और झाड़ू बनाने से शुरुआत करने वाले अरविंद अब बांस और बेंत से 200 से अधिक तरह की वस्तुएं तैयार करते हैं, जिनमें पेन स्टैंड, ट्रे, चूड़ी, हेयर क्लिप, बास्केट और रिलैक्स चेयर शामिल हैं. उनके बनाए उत्पादों की कीमत 30 रुपये से लेकर 3,000 रुपये तक है और अब वे नए शिल्पकारों को प्रशिक्षण देकर इस कला को आगे बढ़ा रहे हैं.
जहानाबादः ट्रैक्टर से लोगों का खेत जोतते थे उपेंद्र, इस योजना से बदली किस्मत, अब हर माह एक लाख तक कमाई
Business Idea: जहानाबाद के उपेंद्र पहले ट्रैक्टर से खेतों की जुताई करते थे. बिहार सरकार की उद्यमी योजना से उन्हें 10 लाख रुपये का लोन मिला. इससे उन्होंने कंक्रीट ईंट (पेवर ब्लॉक) का बिजनेस शुरू किया. अब वे हर महीने 80 हजार से 1 लाख रुपये कमा रहे हैं. इससे 12 लोगों को रोजगार भी मिला है.
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