ICSI CS Professional Result 2026: जून सत्र के नतीजे घोषित, खुशी अग्रवाल और सानिया समीर खान ने किया टॉप
ICSI CS Professional Result 2026: भारतीय कंपनी सचिव संस्थान (ICSI) ने बहुप्रतीक्षित सीएस (CS) प्रोफेशनल प्रोग्राम जून 2026 के परीक्षा परिणाम आधिकारिक तौर पर 25 अगस्त 2026 को जारी कर दिए हैं। जो उम्मीदवार इस प्रतिष्ठित परीक्षा में शामिल हुए थे, वे अब संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट icsi.edu के माध्यम से अपने अंक और परिणाम देख सकते हैं। परिणामों के साथ-साथ संस्थान ने जून 2026 सत्र की ऑल इंडिया प्रोविजनल मेरिट लिस्ट और टॉपर्स की आधिकारिक सूची भी जारी कर दी है।
इसके अलावा, एग्जीक्यूटिव और प्रोफेशनल प्रोग्राम परीक्षाओं के लिए ई-रिजल्ट-सह-मार्क्स स्टेटमेंट (e-Result-Cum-Marks Statement) को भी अलग से उपलब्ध करा दिया गया है, जिसे डाउनलोड करने के लिए छात्रों को अपनी लॉगिन डिटेल्स दर्ज करनी होगी।
खुशी अग्रवाल और सानिया समीर खान बनीं संयुक्त टॉपर
आईसीएसआई ने जून 2026 सत्र के लिए सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले मेधावियों के नामों की घोषणा कर दी है। इस परीक्षा में दो बेटियों ने बाजी मारते हुए इतिहास रचा है। टॉपर्स की सूची इस प्रकार है:
- रैंक 1: खुशी अग्रवाल (रोल नंबर - 108531)
- रैंक 1: सानिया समीर खान (रोल नंबर - 123102)
- रैंक 2: विदुषी गर्ग (रोल नंबर - 105437)
- रैंक 3: हरकिरण कौर (रोल नंबर - 124932)
खुशी अग्रवाल और सानिया समीर खान ने संयुक्त रूप से पहली रैंक हासिल कर पूरे देश में अपने संस्थान और परिवार का नाम रोशन किया है। यह मेरिट लिस्ट प्रोफेशनल प्रोग्राम परीक्षा जून 2026 के परिणामों के एक अहम हिस्से के रूप में जारी की गई है।
अपना रिजल्ट चेक करने की आसान प्रक्रिया
परीक्षा में बैठे उम्मीदवार नीचे दिए गए चरणों का पालन करके अपना स्कोर कार्ड आसानी से देख सकते हैं:
- सबसे पहले ICSI की आधिकारिक वेबसाइट icsi.edu पर विजिट करें।
- होमपेज पर उपलब्ध 'CS Professional June 2026 Result' के लिंक पर क्लिक करें।
- इसके बाद अपनी जरूरी लॉगिन क्रेडेंशियल (Login Credentials) दर्ज करें।
- सभी विवरण भरकर सबमिट करें, जिससे आपका रिजल्ट स्क्रीन पर आ जाएगा।
- स्क्रीन पर अपने अंक (Marks) और योग्यता की स्थिति (Qualifying Status) की जांच करें।
- भविष्य की जरूरत के लिए ई-रिजल्ट-कम-मार्क्स स्टेटमेंट को डाउनलोड कर सुरक्षित रख लें।
रिजल्ट चेक करने के लिए डायरेक्ट लिंक।
छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपने स्कोरकार्ड पर छपी सभी जानकारियों को ध्यान से जांच लें और जब तक मूल मार्कशीट हाथ में न आ जाए, तब तक इस डिजिटल कॉपी को संभाल कर रखें।
Raksha Bandhan 2026: इस रक्षाबंधन चॉकलेट नहीं, भाई-बहन को दें हेल्थ इंश्योरेंस का गिफ्ट; Gen-Z का बदल रहा अंदाज
Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के प्रेम और सुरक्षा के प्रतीक पर्व रक्षाबंधन पर अब उपहारों के मायने तेजी से बदल रहे हैं। देश की युवा पीढ़ी यानी Gen-Z अब पारंपरिक मिठाइयों और महंगे गैजेट्स से आगे निकलकर अपनों को 'वित्तीय सुरक्षा' (Financial Protection) का तोहफा देने पर जोर दे रही है। प्रोबोस इंश्योरेंस (Probus Insurance) के डायरेक्टर राकेश गोयल ने इस बदलते ट्रेंड पर रोशनी डालते हुए बताया है कि कैसे आज के युवा भाई-बहन को शॉर्ट-टर्म गिफ्ट देने के बजाय लॉन्ग-टर्म हेल्थ इंश्योरेंस कवर देना ज्यादा सार्थक मान रहे हैं।
चॉकलेट या हेल्थ कवर: क्या है बेहतर विकल्प?
राकेश गोयल ने त्योहारों पर होने वाले खर्चों की तुलना करते हुए एक दिलचस्प उदाहरण सामने रखा है:
- पारंपरिक तरीका (चॉकलेट और मिठाइयां): आमतौर पर लोग त्योहार पर प्रीमियम चॉकलेट हैम्पर या गिफ्टी आइटम्स पर करीब 7,000 रुपये खर्च कर देते हैं। कुछ ही दिनों में मिठाइयां खत्म हो जाती हैं और उस पैसे का कोई स्थाई या दीर्घकालिक लाभ नहीं बचता।
- मॉडर्न ट्रेंड (हेल्थ इंश्योरेंस): इसके विपरीत, अगर उसी 7,000 रुपये का उपयोग किसी भाई या बहन के लिए 5 लाख रुपये के हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में किया जाए, तो यह भविष्य के लिए एक बड़ा सुरक्षा कवच बन जाता है।
मामूली खर्च और बड़ा सुरक्षा चक्र
इस वित्तीय प्लानिंग के गणित को समझाते हुए उन्होंने बताया कि 7,000 रुपये सालाना का खर्च महीने के हिसाब से महज 600 रुपये से भी कम बैठता है। यानी दो कप कॉफी या कुछ ओटीटी सब्सक्रिप्शन के खर्च के बराबर।
आज के समय में मेडिकल इंफ्लेशन (चिकित्सा महंगाई) हर साल 14% से 15% की दर से बढ़ रही है। ऐसे में एक छोटी सी अनहोनी या अस्पताल का बिल युवा प्रोफेशनल की सालभर की बचत को पलभर में खत्म कर सकता है। यही वजह है कि Gen-Z इसे एक बोरिंग खर्च नहीं बल्कि 'अल्टीमेट फाइनेंशियल फ्लेक्स' मान रहा है, जो परंपरा के साथ आधुनिक रिस्क मैनेजमेंट का बेहतरीन मेल है।
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