Responsive Scrollable Menu

भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग को मिली 1.4 अरब डॉलर की इक्विटी फंडिंग, 2025 के बाद निवेश में आया तेज उछाल: रिपोर्ट

नई दिल्ली, 13 सितंबर (आईएएनएस)। भारत का सेमीकंडक्टर उद्योग तेजी से निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, देश के सेमीकंडक्टर क्षेत्र ने अब तक 281 वित्तपोषित कंपनियों के माध्यम से कुल 1.4 अरब डॉलर की इक्विटी फंडिंग जुटाई है। इनमें से लगभग 701 मिलियन डॉलर, यानी कुल निवेश का करीब आधा हिस्सा, 2025 के बाद प्राप्त हुआ है, जो इस क्षेत्र में बढ़ते निवेशक विश्वास को दर्शाता है।

ट्रैक्सन की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में वर्तमान में 3,557 सेमीकंडक्टर से संबंधित कंपनियां कार्यरत हैं। इनमें से 281 कंपनियों को फंडिंग मिली है, जबकि 142 कंपनियों ने इक्विटी निवेश जुटाने में सफलता हासिल की है। केवल वर्ष 2026 में अब तक इस उद्योग ने 228 मिलियन डॉलर की फंडिंग आकर्षित की है।

यह रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है जब सेमीकॉन इंडिया 2026 सम्मेलन और प्रदर्शनी का आयोजन 17 से 19 सितंबर के बीच नई दिल्ली में होने जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। उद्योग जगत को उम्मीद है कि यह आयोजन भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर विनिर्माण और डिजाइन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

रिपोर्ट के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (ईएमएस) सबसे अधिक निवेश आकर्षित करने वाला सेगमेंट रहा है। वर्ष 2025 के बाद से इस क्षेत्र में 313 मिलियन डॉलर का निवेश आया है।

इसके बाद एम्बेडेड हार्डवेयर दूसरा सबसे बड़ा निवेश प्राप्त करने वाला सेगमेंट रहा, जिसने 51.9 मिलियन डॉलर जुटाए। खास बात यह है कि यह पूरी राशि पिछले 12 महीनों के दौरान प्राप्त हुई है। इसके अलावा, पावर मैनेजमेंट इंटीग्रेटेड सर्किट्स और फैबलेस सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरर्स भी निवेश के लिहाज से प्रमुख श्रेणियों में शामिल रहे।

भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग में निवेश की रफ्तार पिछले कुछ वर्षों में तेज हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, वार्षिक फंडिंग 2021 में 49 मिलियन डॉलर थी, जो बढ़कर 2025 में 473 मिलियन डॉलर तक पहुंच गई। इस दौरान क्षेत्र ने 36 प्रतिशत से अधिक की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) दर्ज की है।

रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार की उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाएं, सेमीकंडक्टर मिशन, वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में विविधता लाने की कोशिशें और घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में तेजी इस वृद्धि के प्रमुख कारण हैं।

शहरवार विश्लेषण में बेंगलुरु भारत का सबसे बड़ा सेमीकंडक्टर केंद्र बनकर उभरा है, जहां 626 कंपनियां मौजूद हैं, जो देश की कुल सेमीकंडक्टर कंपनियों का लगभग 18 प्रतिशत हिस्सा हैं।

फंडिंग के मामले में भी बेंगलुरु सबसे आगे है और अब तक जुटाई गई कुल इक्विटी फंडिंग में इसकी हिस्सेदारी 40.1 प्रतिशत रही है। इसके बाद नोएडा, गुरुग्राम, कोच्चि और हैदराबाद प्रमुख केंद्रों के रूप में उभरे हैं।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इस क्षेत्र में कंपनियों के लिए अधिग्रहण सबसे लोकप्रिय निकास मार्ग बना हुआ है। अब तक 62 अधिग्रहण दर्ज किए गए हैं, जबकि 42 कंपनियां आईपीओ के जरिए सार्वजनिक बाजार तक पहुंची हैं।

रिपोर्ट में बताया गया है कि किसी कंपनी को पहली फंडिंग मिलने के बाद अधिग्रहण तक पहुंचने में औसतन 11.8 वर्ष लगे, जबकि आईपीओ तक पहुंचने वाली कंपनियों को औसतन 16.5 वर्ष लगे।

--आईएएनएस

डीबीपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

नागालैंड: संदिग्ध जहरीली शराब पीने से तुएनसांग जिले में 9 लोगों की मौत, जांच में जुटी पुलिस

कोहिमा, 13 सितंबर (आईएएनएस)। नागालैंड के तुएनसांग जिले में जहरीली शराब पीने से पिछले तीन दिनों में नौ लोगों की मौत हो गई है। मृतकों में एक ही परिवार के तीन सदस्य भी शामिल हैं।

घटना के बाद राज्य पुलिस ने रेड अलर्ट जारी करते हुए लोगों से अज्ञात या गैर-अधिकृत स्रोतों से खरीदी गई शराब का सेवन न करने की अपील की है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मृतकों ने कथित तौर पर संदिग्ध मिलावटी शराब पी थी, जिसके बाद उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी और बाद में उनकी मौत हो गई।

हालांकि, मौतों के सटीक कारणों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन नागालैंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) रुपिन शर्मा ने कहा कि शुरुआती जानकारी के आधार पर आशंका है कि सभी लोगों की मौत जहरीली शराब के सेवन के कारण हुई है।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, 10 और 11 सितंबर को तुएनसांग टाउन और चेंदांग सैडल क्षेत्र में कुल नौ मौतें दर्ज की गईं।

बयान में कहा गया कि मौजूदा जानकारी के आधार पर सभी मौतों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शराब के सेवन से संबंध दिखाई देता है और इसी दिशा में जांच की जा रही है।

बयान के अनुसार, शराब बेचने वाले व्यक्ति के परिवार के एक सदस्य की फांसी लगने से मौत हुई है। पुलिस इस मामले की अलग से जांच कर रही है और इसे संभावित आत्महत्या का मामला माना जा रहा है।

तुएनसांग पुलिस को शनिवार को अस्पताल में भर्ती लोगों की मौतों के एक जैसे पैटर्न की जानकारी मिली। शुरुआती जांच में पता चला कि अधिकांश मृतकों ने लक्षण दिखाई देने से पहले शराब का सेवन किया था।

पुलिस के अनुसार, मृतकों में धुंधला दिखाई देना, तेज सिरदर्द, चक्कर आना, मतली और उल्टी जैसे लक्षण पाए गए थे।

पुलिस ने कहा कि फिलहाल जहरीली या मिलावटी शराब को मौतों का संभावित कारण माना जा रहा है, लेकिन वैज्ञानिक जांच पूरी होने से पहले इसकी अंतिम पुष्टि नहीं की जा सकती।

मामले की जांच के तहत वैज्ञानिक और फोरेंसिक प्रक्रियाएं अपनाई जाएंगी।

बयान में यह भी कहा गया कि ज्यादातर मामलों में पोस्टमार्टम नहीं हो सका, क्योंकि पुलिस को मौतों के पैटर्न की जानकारी मिलने से पहले ही शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया था।

इसलिए फिलहाल जांच उपलब्ध मेडिकल रिकॉर्ड, शुरुआती पूछताछ और एकत्रित अन्य सूचनाओं के आधार पर की जा रही है।

तुएनसांग पुलिस मौतों की परिस्थितियों की गहन जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि शराब कहां से खरीदी गई थी, उसकी प्रकृति क्या थी, और इस घटना के लिए किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी बनती है या नहीं।

जानकारी के अनुसार, मृतकों में एक ही परिवार के तीन सदस्य भी शामिल हैं, जिनके परिसर से कुछ मृतकों ने कथित तौर पर शराब खरीदी थी।

मौतों के वास्तविक कारण और शराब की प्रकृति का पता लगाने के लिए विभिन्न संबंधित विभागों के सहयोग से वैज्ञानिक और चिकित्सीय जांच जारी है।

पुलिस ने तुएनसांग टाउन और चेंदांग सैडल इलाके में व्यापक तलाशी और छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान संदिग्ध गैर-अधिकृत, नकली या मिलावटी शराब की तलाश की गई। अभियान में विभिन्न स्थानों से लगभग 470 बोतल भारतीय निर्मित विदेशी शराब (आईएमएफएल) और बीयर के कैन जब्त किए गए।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि लोगों को अज्ञात, गैर-अधिकृत या संदिग्ध स्रोतों से प्राप्त शराब के सेवन के खतरों के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया गया है।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

शेफाली-मंधाना की 159 रन की ओपनिंग पार्टनरशिप ने किया कमाल, 8वीं बार भारत के सिर सजा एशिया कप का ताज

India wins 8th Women's Asia Cup Title: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एक बार फिर अपना दबदबा कायम करते हुए रिकॉर्ड आठवीं बार महिला एशिया कप का खिताब जीत लिया है. इस ऐतिहासिक खिताबी जीत की नींव टीम की ओपनर्स ने रखी. शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए पहले विकेट के लिए 159 रनों की मैच जिताऊ साझेदारी की. फाइनल मुकाबले में शेफाली वर्मा ने आक्रामक अंदाज में 68 रनों की बेहतरीन पारी खेली, जबकि स्मृति मंधाना ने भी उनका बखूबी साथ निभाते हुए 59 रनों का अहम योगदान दिया. Sun, 13 Sep 2026 23:25:23 +0530

  Videos
See all

Hanuman Ansh Movie News: हनुमान अंश के कलाकारों ने सुनाए शूटिंग के दौरान के दिलचस्प किस्से! Top News #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-13T18:28:45+00:00

Uttarakhand News Today: 12 बजते ही उत्तराखंड से आई बड़ी खबर! | CM Dhami | BJP | Breaking News #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-13T18:30:30+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers