IND vs AFG: अर्शदीप सिंह की घातक गेंदबाजी, अजमतुल्लाह उमरजई की फिफ्टी, अफगानिस्तान ने भारत को दिया 157 रनों का लक्ष्य
IND vs AFG 1st T20I: भारत और अफगानिस्तान के बीच 3 मैचों की टी20I सीरीज का पहला मुकाबला दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जा रहा है. भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर के टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया. जिसके बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए अफगानिस्तान ने 8 विकेट पर 156 रनों का स्कोर बनाया है. यानी टीम इंडिया को अब जीत के लिए 157 रन बनाने होंगे. अफगानिस्तान के लिए अजमतुल्लाह उमरजई ने सबसे ज्यादा नाबाद 64 रनों की पारी खेली. जबकि मोहम्मद नबी ने 33 रनों का योगदान दिया. भारत के लिए अर्शदीप सिंह ने 3 विकेट चटकाए.
जसप्रीत बुमराह ने अफगानिस्तान को दिए शुरुआती झटके
भारत के खिलाफ इस मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी अफगानिस्तान की पारी का आगाज कप्तान इब्राहिम जादरान और रहमानुल्लाह गुरबाज ने किया, लेकिन दोनों टीम को अच्छी शुरुआत नहीं दिला पाए. पारी के पहले ओवर की दूसरी ही गेंद पर जसप्रीत बुमराह ने अफगानिस्तान को पहला झटका दिया. उन्होंने ओपनर रहमानुल्लाह गुरबाज को दूसरी ही गेंद पर चलता किया. अफगानिस्तान ने 2 ओवर में एक विकेट पर 18 रन बना लिए हैं.
43 रन के स्कोर पर अफगानिस्तान की आधी टीम लौट गई थी पवेलियन
इसके बाद 7वें ओवर तक 43 रन के स्कोर पर अफगानिस्तान की आधी टीम पवेलियन लौट गई. कप्तान इब्राहिम जादरान के रूप में अफगानिस्तान को दूसरा झटका लगा था, वो 11 रन बनाकर रनआउट हो गए थे. इसके बाद अर्शदीप सिंह ने सेदिकुल्लाह अटल को आउट कर पाकिस्तान को तीसरा झटका दिया. सेदिकुल्लाह अटल ने 13 गेंद पर 13 रन बनाए. इसके बाद अगले ओवर में अक्षर पटेल ने गुलबदीन नायब को 2 रन के स्कोर पर पवेलियन का रास्ता दिखाया. फिर दरविश रसूली को वरुण चक्रवर्ती ने अपना शिकार बनाया, दरविश रसूली 2 रन बनाकर चलते बने.
उमरजई और नबी के बीच हुई 83 रनों की साझेदारी
इसके बाद अफगानिस्तान की लड़खड़ाती पारी को अजमतुल्लाह उमरजई और मोहम्मद नबी ने संभाला और छठे विकेट के लिए 83 रनों की साझेदारी की, लेकिन फिर अर्शदीप सिंह ने नबी को आउट कर उस पनपती साझेदारी को तोड़ा. नबी 27 गेंद पर 33 रन बनाकर आउट हुए, फिर राशिद खान को 1 रन के निजी स्कोर पर अर्शदीप सिंह ने चलता किया. इसके बाद नूर अहमद बिना खाता खोले रनआउट हो गए.
ऐसी है भारत और अफगानिस्तान की प्लेइंग 11
भारत की प्लेइंग 11: संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, नितीश कुमार रेड्डी, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, जसप्रित बुमरा, वरुण चक्रवर्ती.
अफगानिस्तान की प्लेइंग 11: इब्राहिम जादरान (कप्तान), रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), सेदिकुल्लाह अटल, दरविश रसूली, अजमतुल्लाह उमरजई, गुलबदीन नायब, मोहम्मद नबी, राशिद खान, मुजीब उर रहमान, नूर अहमद, फजलहक फारूकी.
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भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग को मिली 1.4 अरब डॉलर की इक्विटी फंडिंग, 2025 के बाद निवेश में आया तेज उछाल: रिपोर्ट
नई दिल्ली, 13 सितंबर (आईएएनएस)। भारत का सेमीकंडक्टर उद्योग तेजी से निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, देश के सेमीकंडक्टर क्षेत्र ने अब तक 281 वित्तपोषित कंपनियों के माध्यम से कुल 1.4 अरब डॉलर की इक्विटी फंडिंग जुटाई है। इनमें से लगभग 701 मिलियन डॉलर, यानी कुल निवेश का करीब आधा हिस्सा, 2025 के बाद प्राप्त हुआ है, जो इस क्षेत्र में बढ़ते निवेशक विश्वास को दर्शाता है।
ट्रैक्सन की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में वर्तमान में 3,557 सेमीकंडक्टर से संबंधित कंपनियां कार्यरत हैं। इनमें से 281 कंपनियों को फंडिंग मिली है, जबकि 142 कंपनियों ने इक्विटी निवेश जुटाने में सफलता हासिल की है। केवल वर्ष 2026 में अब तक इस उद्योग ने 228 मिलियन डॉलर की फंडिंग आकर्षित की है।
यह रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है जब सेमीकॉन इंडिया 2026 सम्मेलन और प्रदर्शनी का आयोजन 17 से 19 सितंबर के बीच नई दिल्ली में होने जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। उद्योग जगत को उम्मीद है कि यह आयोजन भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर विनिर्माण और डिजाइन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
रिपोर्ट के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (ईएमएस) सबसे अधिक निवेश आकर्षित करने वाला सेगमेंट रहा है। वर्ष 2025 के बाद से इस क्षेत्र में 313 मिलियन डॉलर का निवेश आया है।
इसके बाद एम्बेडेड हार्डवेयर दूसरा सबसे बड़ा निवेश प्राप्त करने वाला सेगमेंट रहा, जिसने 51.9 मिलियन डॉलर जुटाए। खास बात यह है कि यह पूरी राशि पिछले 12 महीनों के दौरान प्राप्त हुई है। इसके अलावा, पावर मैनेजमेंट इंटीग्रेटेड सर्किट्स और फैबलेस सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरर्स भी निवेश के लिहाज से प्रमुख श्रेणियों में शामिल रहे।
भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग में निवेश की रफ्तार पिछले कुछ वर्षों में तेज हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, वार्षिक फंडिंग 2021 में 49 मिलियन डॉलर थी, जो बढ़कर 2025 में 473 मिलियन डॉलर तक पहुंच गई। इस दौरान क्षेत्र ने 36 प्रतिशत से अधिक की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) दर्ज की है।
रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार की उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाएं, सेमीकंडक्टर मिशन, वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में विविधता लाने की कोशिशें और घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में तेजी इस वृद्धि के प्रमुख कारण हैं।
शहरवार विश्लेषण में बेंगलुरु भारत का सबसे बड़ा सेमीकंडक्टर केंद्र बनकर उभरा है, जहां 626 कंपनियां मौजूद हैं, जो देश की कुल सेमीकंडक्टर कंपनियों का लगभग 18 प्रतिशत हिस्सा हैं।
फंडिंग के मामले में भी बेंगलुरु सबसे आगे है और अब तक जुटाई गई कुल इक्विटी फंडिंग में इसकी हिस्सेदारी 40.1 प्रतिशत रही है। इसके बाद नोएडा, गुरुग्राम, कोच्चि और हैदराबाद प्रमुख केंद्रों के रूप में उभरे हैं।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इस क्षेत्र में कंपनियों के लिए अधिग्रहण सबसे लोकप्रिय निकास मार्ग बना हुआ है। अब तक 62 अधिग्रहण दर्ज किए गए हैं, जबकि 42 कंपनियां आईपीओ के जरिए सार्वजनिक बाजार तक पहुंची हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि किसी कंपनी को पहली फंडिंग मिलने के बाद अधिग्रहण तक पहुंचने में औसतन 11.8 वर्ष लगे, जबकि आईपीओ तक पहुंचने वाली कंपनियों को औसतन 16.5 वर्ष लगे।
--आईएएनएस
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