18वें BRICS Summit की सफलता से आगामी विधानसभा चुनावों में BJP को बढ़त की उम्मीद
राष्ट्रीय राजधानी में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सफल मेजबानी भाजपा के लिए उत्साहवर्धक साबित हुई है। पार्टी के एक सूत्र ने कहा कि इस सफल आयोजन से सत्तारूढ़ भाजपा को अपने पक्ष में राजनीतिक विमर्श को मजबूत करने तथा अगले साल कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले विपक्ष के हमलों का मुकाबला करने का अवसर मिला है। भाजपा सूत्रों के अनुसार, शनिवार को शिखर सम्मेलन में अपनाए गए ‘नयी दिल्ली घोषणापत्र’ में ब्रिक्स समूह द्वारा पहलगाम आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा किया जाना पार्टी के लिए ‘‘बड़ी उपलब्धि’’ और मोदी सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाने वाले विपक्ष के लिए ‘‘उचित जवाब’’ साबित हुआ है।
पार्टी के एक सूत्र ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ब्रिक्स समूह द्वारा हस्ताक्षरित संयुक्त घोषणापत्र प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार की एक बड़ी कूटनीतिक जीत है और अगले साल होने वाले चुनावों से पहले भाजपा के लिए उत्साहवर्धक है। विदेश नीति को लेकर सरकार पर हमला करने वाले विपक्षी दलों को इससे उचित जवाब मिला है।’’ जुलाई में नीट पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व वाले विरोध-प्रदर्शनों के बाद से विपक्षी दलों ने मोदी सरकार पर कई मुद्दों को लेकर अपने हमले तेज कर दिए हैं। एक अन्य सूत्र ने कहा, ‘‘ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में सर्वसम्मति से अपनाए गए घोषणापत्र ने प्रधानमंत्री मोदी की वैश्विक स्तर पर स्वीकार्य नेता के रूप में छवि को और मजबूत किया है।’’ सूत्र ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और विस्तारित ब्रिक्स समूह के अन्य नेताओं की मौजूदगी ने भारत की कूटनीति को देश में चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
भाजपा सूत्रों के अनुसार, पार्टी ‘सेवा संकल्प’ अभियान के दौरान ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के परिणामों को प्रमुखता से सामने रखेगी। एक महीने तक चलने वाला यह अभियान 17 सितंबर से शुरू होगा। यह प्रधानमंत्री मोदी के सरकार के प्रमुख के रूप में सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जाएगा।
देशव्यापी ‘सेवा संकल्प’ अभियान के दौरान भाजपा विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक पहुंचने का प्रयास करेगी। अगले साल सात राज्यों - उत्तर प्रदेश, गुजरात, मणिपुर, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और हिमाचल प्रदेश - में विधानसभा चुनाव होने हैं। पंजाब और हिमाचल प्रदेश को छोड़कर बाकी पांच राज्यों में भाजपा सत्ता में है।
Congress असम के तीन जिलों में बाढ़ पीड़ितों के क्षतिग्रस्त मकान बनवाएगी
कांग्रेस ने रविवार को कहा कि उसने असम के तीन जिलों में बाढ़ से क्षतिग्रस्त मकानों के पुनर्निर्माण का फैसला किया है और पार्टी पदाधिकारियों को इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश दिए हैं। यह फैसला शनिवार को असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के महासचिवों और उसके जिला समितियों के अध्यक्षों की बैठक में लिया गया। बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव और असम प्रभारी भूपेश बघेल भी मौजूद थे।
पार्टी के एक बयान में कहा गया, ‘‘कांग्रेस ने असम के शिवसागर, जोरहाट और चराइदेव जिलों में भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों के मकानों के पुनर्निर्माण में मदद का हाथ बढ़ाने का फैसला किया है।’’ बयान में कहा गया, ‘‘असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई के निर्देश के अनुसार पार्टी के सभी महासचिवों, जिला प्रभारियों और जिला कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्षों को शिवसागर, जोरहाट और चराइदेव जिला कांग्रेस कमेटियों के साथ समन्वय करके उन गांवों की तत्काल पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां मकानों का पुनर्निर्माण किया जाना है।’’ बयान के अनुसार, असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव रमन्ना बरुआ द्वारा जारी औपचारिक पत्र के माध्यम से संबंधित सभी पदाधिकारियों को पूरी प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर लागू करने का निर्देश दिया गया है। इस साल असम में बाढ़ से कम से कम 108 लोगों की मौत हुई है। प्रभावित जिलों में मकानों, पशु शेड, मत्स्य पालन केंद्रों और स्वास्थ्य केंद्रों समेत बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचने की सूचना है।
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