हर दिन गुल्लक में डालते 50 रुपए, आज 300 करोड़ का कारोबार कर रहे तनुज, कंपनी से जुड़े हैं बड़े-बड़े सप्लायर
Business Success Story: बड़ा कारोबार शुरू करने के लिए सिर्फ पूंजी की जरूरत नहीं होती, बल्कि मेहनत, सीखने की इच्छा और आगे बढ़ने के जुनून की भी जरूरत होती है. कुछ ऐसी ही कहानी है नोएडा के एक कारोबारी की, जो हर दिन 50-50 रुपये बचाकर इक्ट्ठे किए, इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक्स का काम सीखा, कूलर असेंबल और रिपेयर किए और धीरे-धीरे अपना कारोबार खड़ा किया.
ममता बनर्जी बंगाल में विधानसभा उपचुनाव नहीं लड़ेंगी:पार्टी ने संचिता प्रधान को उम्मीदवार बनाया; BJP की घोषणा बाकी; 6 अक्टूबर को मतदान
पश्चिम बंगाल की पूर्वी सीएम ममता बनर्जी विधानसभा उपचुनाव नहीं लड़ेंगी। नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होगा। नंदीग्राम सीट से पहले ममता के लड़ने की अटकलें थीं। लेकिन पार्टी ने इस सीट से संचिता प्रधान को टिकट दिया है। सत्ताधारी BJP ने अब तक अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित नहीं किए हैं। नंदीग्राम सीट मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के खाली करने से हुई है। रेजीनगर सीट आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के संस्थापक हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई। नंदीग्राम TMC और भाजपा, दोनों के लिए अहम सीट नंदीग्राम लंबे समय से TMC और भाजपा के बीच राजनीतिक संघर्ष का प्रमुख केंद्र रहा है। इस क्षेत्र में 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन ने ममता बनर्जी और TMC को 2011 में सत्ता तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। 2021 में ममता ने यहीं से बंगाल के मौजूदा सीएम शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ा, लेकिन हार गईं। अधिकारी BJP में शामिल होने के बाद TMC के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी बन चुके हैं। 2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के साथ भवानीपुर सीट से भी चुनाव लड़ा और दोनों जगह जीत दर्ज की। भवानीपुर में उन्होंने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों से हराया। अधिकारी को 73,917 वोट मिले, जबकि ममता बनर्जी को 58,812 वोट मिले। बाद में अधिकारी ने भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद नंदीग्राम सीट खाली हुई। TMC में संगठन और पार्टी के नाम पर संकट उपचुनाव ऐसे समय हो रहा है, जब विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के बाद TMC संगठनात्मक संकट से जूझ रही है। पार्टी के नाम और दो फूल-घास वाले चुनाव चिन्ह को लेकर ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी के गुट आमने-सामने हैं। दोनों गुटों ने पार्टी के नाम, चुनाव चिन्ह और फंड पर दावा किया है। चुनाव आयोग ने शनिवार को दोनों पक्षों से बातचीत की, लेकिन अभी फैसला नहीं हुआ है। ऋतब्रत गुट ने कहा है कि वह TMC के नाम और चिन्ह पर दावा जारी रखेगा। आयोग के फैसले के बिना नामांकन की समयसीमा खत्म होने पर वह निर्दलीय उम्मीदवारों के तौर पर भी चुनाव लड़ सकता है। खबर अपडेट हो रही है…
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