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Fruit Chaat: बच्चों के लिए 2 मिनट में तैयार करें फ्रूट चाट, स्वाद और पोषण का है जबरदस्त कॉम्बो

Fruit Chaat: बच्चों को हेल्दी खाना खिलाना अक्सर माता-पिता के लिए चुनौती बन जाता है। खासकर नाश्ते के समय बच्चे ऐसी चीजें पसंद करते हैं जो स्वादिष्ट हों, लेकिन फल और दूसरी पौष्टिक चीजों को देखकर अक्सर मुंह बनाने लगते हैं। ऐसे में फ्रूट चाट एक आसान और स्वादिष्ट विकल्प हो सकती है।

फ्रूट चाट बनाने के लिए आपको घंटों किचन में खड़े होने की जरूरत नहीं है। घर में मौजूद अलग-अलग मौसमी फलों को काटकर कुछ मसालों के साथ मिलाएं और कुछ ही मिनट में बच्चों के लिए रंग-बिरंगा नाश्ता तैयार हो जाएगा। इसमें फल बदलकर स्वाद में भी आसानी से वैरायटी लाई जा सकती है।

फ्रूट चाट के लिए क्या चाहिए?

फ्रूट चाट बनाने के लिए आप सेब, केला, पपीता, अनार, अंगूर, संतरा या अमरूद जैसे फल ले सकते हैं। कोशिश करें कि एक साथ अलग-अलग रंग और स्वाद वाले फल शामिल हों।

इसके अलावा स्वाद के लिए थोड़ा नींबू का रस, हल्का काला नमक और बहुत कम भुना जीरा पाउडर इस्तेमाल किया जा सकता है। बच्चों के लिए चाट बनाते समय मसाले की मात्रा हल्की रखें।

ऐसे बनाएं झटपट फ्रूट चाट

सबसे पहले सभी फलों को अच्छी तरह धो लें। इसके बाद सेब, पपीता, केला और अमरूद को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। संतरे की फांकें अलग करें और बड़े टुकड़े हों तो उन्हें भी छोटा कर सकते हैं।

अब सभी कटे हुए फलों को एक बड़े बाउल में डालें। इसमें अनार के दाने और अंगूर मिलाएं। ऊपर से थोड़ा नींबू का रस, हल्का काला नमक और भुना जीरा पाउडर डालें।

सभी चीजों को हल्के हाथ से मिलाएं। बस आपकी फ्रूट चाट तैयार है। इसे तुरंत बच्चों को सर्व करें, खासकर केला डालने के बाद इसे ज्यादा देर तक रखने से बचें।

बच्चों के लिए क्यों है अच्छा विकल्प?

फलों में अलग-अलग विटामिन, मिनरल्स, पानी और फाइबर पाए जाते हैं। अलग-अलग फलों को मिलाकर बनाई गई फ्रूट चाट बच्चों की डाइट में विविधता लाने का आसान तरीका हो सकती है।

सेब और अमरूद जैसे फलों से फाइबर मिलता है, जबकि संतरा और अन्य खट्टे फल विटामिन C प्रदान करते हैं। अनार और दूसरे रंगीन फलों में भी कई तरह के पौधों से मिलने वाले प्राकृतिक यौगिक पाए जाते हैं।

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लेखक: (कीर्ति)

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High Uric Acid: बढ़े हुए यूरिक एसिड से हैं परेशान? डाइट में शामिल करें ये 5 चीजें, मिलेगा फायदा

High Uric Acid: यूरिक एसिड बढ़ने की समस्या आजकल काफी आम हो गई है। शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा ज्यादा होने पर यह क्रिस्टल के रूप में जोड़ों में जमा हो सकता है, जिससे दर्द, सूजन और गाउट की समस्या हो सकती है। ऐसे में दवाओं के साथ खान-पान पर ध्यान देना भी जरूरी माना जाता है।

अगर आपका यूरिक एसिड बढ़ा हुआ है तो डाइट में कुछ ऐसी चीजों को शामिल किया जा सकता है, जो संतुलित खान-पान का हिस्सा बनकर मदद कर सकती हैं। हालांकि, केवल डाइट के भरोसे यूरिक एसिड को कंट्रोल करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। डॉक्टर की सलाह और जरूरत पड़ने पर दवा भी जरूरी है।

चेरी को डाइट में करें शामिल
चेरी में एंथोसाइनिन जैसे पौधों के प्राकृतिक यौगिक पाए जाते हैं। कुछ अध्ययनों में चेरी या टार्ट चेरी के सेवन और गाउट अटैक के कम जोखिम के बीच संबंध देखा गया है।

हालांकि, चेरी को यूरिक एसिड की दवा नहीं माना जा सकता। इसे संतुलित मात्रा में फल के रूप में डाइट में शामिल किया जा सकता है।

लो-फैट दूध और दही
कम वसा वाला दूध और दही प्रोटीन और कैल्शियम के अच्छे स्रोत हैं। डेयरी उत्पादों को लेकर हुए अध्ययनों में लो-फैट डेयरी का सेवन गाउट के कम जोखिम से जुड़ा पाया गया है।

इसलिए डाइट में बिना ज्यादा चीनी वाला लो-फैट दही या दूध शामिल किया जा सकता है।

पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
यूरिक एसिड को मैनेज करने में पर्याप्त पानी पीना भी महत्वपूर्ण है। पानी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है और किडनी के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी है।

हालांकि, पानी की जरूरत हर व्यक्ति में अलग हो सकती है। किडनी, हृदय या अन्य बीमारी होने पर तरल पदार्थ की मात्रा डॉक्टर की सलाह से तय करें।

विटामिन-C वाले फल
संतरा, मौसंबी, अमरूद जैसे फल विटामिन-C प्रदान करते हैं। कुछ शोधों में विटामिन-C सेवन और यूरिक एसिड के स्तर के बीच संबंध देखा गया है।

लेकिन फलों का सेवन पूरे फल के रूप में करना बेहतर है। मीठे पैकेज्ड जूस या ज्यादा चीनी वाले फलों के पेय से बचना चाहिए।

साबुत अनाज और फाइबर वाली चीजें
ओट्स, ब्राउन राइस, जौ और अन्य साबुत अनाज संतुलित डाइट का हिस्सा हो सकते हैं। इनमें फाइबर पाया जाता है और ये लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करते हैं।

यूरिक एसिड बढ़ने पर डाइट में सिर्फ एक चीज जोड़ने के बजाय संपूर्ण खान-पान को संतुलित करना ज्यादा जरूरी है।

इन चीजों से बनाएं दूरी

यूरिक एसिड बढ़ा हुआ है तो सिर्फ क्या खाना है, यह जानना काफी नहीं है। रेड मीट, ऑर्गन मीट और कुछ सी-फूड में प्यूरीन अधिक होता है, इसलिए इनका सेवन सीमित करना पड़ सकता है।

इसके अलावा शराब और ज्यादा फ्रुक्टोज वाली मीठी ड्रिंक्स भी गाउट के जोखिम से जुड़ी हैं। इसलिए मीठे पेय, शुगर वाली ड्रिंक्स और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से दूरी रखना बेहतर है।

(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)

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लेखक: (कीर्ति)

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 Women’s Asia Cup 2026: 8वीं बार चैंपियन बना भारत, मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार, टीम ने सेरेमनी से बनाई दूरी 

महिला एशिया कप 2026: दुबई में श्रीलंका को 72 रन से हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार महिला एशिया कप का खिताब जीतने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन सेरेमनी में शामिल नहीं हुई। फाइनल के बाद मंच पर एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी मौजूद थे। हालांकि, भारतीय खिलाड़ी मेडल और ट्रॉफी लेने के लिए मंच पर नहीं पहुंचीं।

फाइनल में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 183/5 रन बनाए। शैफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम को मजबूत शुरुआत दी। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका को 111 रन पर ऑलआउट कर दिया। भारत ने मुकाबला 72 रन से जीतकर महिला एशिया कप के इतिहास में अपना आठवां खिताब दर्ज किया।

हालांकि, खिताबी जीत के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी का दृश्य चर्चा का विषय बन गया। मंच पर श्रीलंकाई खिलाड़ियों को उपविजेता पदक और पुरस्कार दिए गए, जबकि भारतीय टीम सेरेमनी में नजर नहीं आई। BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला भी कार्यक्रम में मौजूद थे।

भारतीय टीम के इस फैसले को 2025 पुरुष एशिया कप फाइनल की घटना से जोड़कर देखा जा रहा है। उस दौरान भी भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार किया था। मौजूदा मामले में भी नकवी की मौजूदगी और टीम के सेरेमनी से दूर रहने को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद ट्रॉफी प्रेजेंटेशन सेरेमनी का यह दृश्य चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। हालांकि, भारतीय टीम के सेरेमनी में शामिल नहीं होने की आधिकारिक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। ऐसे में मोहसिन नकवी की मौजूदगी को इस फैसले का कारण मानने के बजाय इसे फिलहाल सामने आए घटनाक्रम और संदर्भ के तौर पर देखना उचित होगा।

भारत की ऐतिहासिक जीत के बीच ट्रॉफी सेरेमनी का यह दृश्य अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा में है।

Mon, 14 Sep 2026 01:33:47 +0530

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