नाश्ते का स्वाद करना है डबल? बनाएं महाराष्ट्रीयन मूंग दाल ठेचा, हरी मिर्च और मूंगफली लगाएगी तड़का
Moong Dal Thecha Recipe: मूंग दाल ठेचा महाराष्ट्र की देसी और झटपट बनने वाली डिश है. अंकुरित मूंग, भुनी मूंगफली, नारियल और हरी मिर्च से तैयार यह रेसिपी नाश्ते या खाने के साथ स्वाद बढ़ा सकती है.
CIA Briefs Bin Laden Target List: CIA ने सार्वजनिक किए 70 से ज्यादा सीक्रेट दस्तावेज, ओसामा की हिट लिस्ट में था भारत
अमेरिका की खुफिया एजेंसी सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) द्वारा सार्वजनिक किए गए लगभग 70 से अधिक प्रेसिडेंशियल डेली ब्रीफ (PDB) दस्तावेजों ने 9/11 हमलों से पहले की वैश्विक सुरक्षा स्थिति की परतें खोल दी हैं।
तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपतियों को सौंपे गए इन अति-गोपनीय दस्तावेजों से स्पष्ट होता है कि अल-कायदा का नेटवर्क अमेरिका ही नहीं, बल्कि दक्षिण एशिया और मध्य पूर्व के कई देशों को अपने निशाने पर लेने की योजना बना रहा था।
28 अगस्त 1998 का दस्तावेज: भारत था हिट लिस्ट में
सीआईए द्वारा 28 अगस्त 1998 को तैयार किए गए एक खुफिया दस्तावेज (शीर्षक: "Bin Ladin Terrorist Network Still a Threat") में विशेष रूप से भारत का जिक्र किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, लादेन का नेटवर्क केवल पश्चिमी देशों के खिलाफ ही नहीं, बल्कि भारत में भी बड़े हमलों को अंजाम देने की फिराक में था।
हालांकि, इस दस्तावेज में किसी विशिष्ट स्थान या ऑपरेशन की तारीख का विस्तृत ब्योरा नहीं था, लेकिन लादेन की मंशा और भारत के प्रति उसके खतरे को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया गया था।
भारत के अलावा इन देशों पर भी थी अल-कायदा की नजर
खुफिया ब्रीफिंग में खुलासा किया गया है कि बिन लादेन भारत के साथ-साथ पाकिस्तान, सऊदी अरब, कुवैत, मिस्र, यमन, युगांडा और नाइजीरिया में भी अमेरिकी ठिकानों या स्थानीय सरकारों को निशाना बनाने की योजना बना रहा था।
सीआईए ने अमेरिकी नेतृत्व को आगाह किया था कि अल-कायदा का बुनियादी ढांचा तेजी से फैल रहा है और वह अपरंपरागत हथियारों को हासिल करने का प्रयास कर रहा है।
9/11 की 25वीं बरसी पर सार्वजनिक हुए 100 से ज्यादा पन्ने
वर्ष 2001 के भयानक हमलों की 25वीं बरसी के मौके पर सीआईए ने 100 से अधिक पन्नों के ऐतिहासिक दस्तावेजों को डीक्लासिफाइड किया है। इन फाइलों से पता चलता है कि 1990 के दशक के उत्तरार्ध से ही अमेरिकी खुफिया समुदाय को अल-कायदा की गतिविधियों, उसके फंडिंग नेटवर्क और वैश्विक खतरे के बारे में लगातार जानकारियां मिल रही थीं।
दक्षिण एशियाई सुरक्षा परिदृश्य पर पड़ा था असर
विशेषज्ञों का मानना है कि 1998 के आसपास लादेन द्वारा भारत को निशाना बनाने की बात सामने आना इस बात की पुष्टि करता है कि अल-कायदा उस दौर में जम्मू-कश्मीर और भारतीय उपमहाद्वीप में मौजूद अन्य चरमपंथी संगठनों के साथ संपर्क साधने की कोशिश कर रहा था। सीआईए की इस रिपोर्ट से साबित होता है कि 9/11 से बहुत पहले ही भारत वैश्विक इस्लामी आतंकवाद की हिट लिस्ट में शामिल हो चुका था।
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