शुष्क भूमि कृषि के लिए मजबूत डेटा सिस्टम की जरूरत : विशेषज्ञ
नई दिल्ली, 13 सितंबर (आईएएनएस)। सरकारी अधिकारियों और विशेषज्ञों ने शुष्क भूमि कृषि-खाद्य प्रणालियों के लिए मजबूत डेटा और सूचना प्रणालियों की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने ऐसे साझा इनोवेशन प्लेटफॉर्म या लिविंग लेबोरेटरीज बनाने की बात कही जो रिसर्च को प्रैक्टिस और नीति से जोड़ें। यह जानकारी रविवार को एक आधिकारिक बयान में दी गई।
तीन दिवसीय ड्राईलैंड कांग्रेस 2026 के समापन में शुष्क भूमि कृषि के समाधानों में तेजी लाने के लिए साउथ-साउथ और त्रिकोणीय सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया गया। इसका आयोजन 10 से 12 सितंबर के बीच किया गया था।
कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार, अंतिम दिन संयुक्त राष्ट्र साउथ-साउथ सहयोग दिवस के साथ मेल खाता था और इसका समापन ड्राइलैंड्स पर दिल्ली घोषणा (3डी) को अपनाने के साथ हुआ। यह घोषणा वैश्विक दक्षिण में सहयोग, ज्ञान आदान-प्रदान, नवाचार और सामूहिक कार्रवाई के माध्यम से शुष्क भूमि कृषि को बदलने के लिए साझा एजेंडा तय करती है।
डीएआरई के सचिव और आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एमएल जाट ने शुष्क भूमि कृषि पर प्रयासों के केंद्र में दूरदर्शिता लाने की जरूरत पर जोर दिया। एक मजबूत संस्थागत तंत्र की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि आईसीएआर-राष्ट्रीय कृषि अर्थशास्त्र और नीति अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर-एनआईएपी) को शुष्क भूमि कृषि पर दूरदर्शिता कार्य का नेतृत्व करने के लिए अधिकृत किया जाना चाहिए।
आईसीआरआईएसएटी (अंतर्राष्ट्रीय अर्ध-शुष्क उष्णकटिबंधीय फसल अनुसंधान संस्थान) के महानिदेशक डॉ. हिमांशु पाठक ने वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिए शुष्क भूमि के रणनीतिक महत्व को रेखांकित किया और पिछले तीन दिनों की चर्चाओं को ठोस कार्रवाई में बदलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि चर्चाओं को समेट कर छोटी और लंबी अवधि की कार्रवाइयों में प्राथमिकता तय करने की जरूरत है, ताकि विचारों से अवधारणाओं और अवधारणाओं से विशेषज्ञता, ज्ञान और सहयोग के साथ ठोस कार्रवाई और कार्यान्वयन की ओर बढ़ा जा सके।
इसके अलावा ग्लोबल क्रॉप डायवर्सिटी ट्रस्ट के साथ नए समझौतों और सहमति पत्रों की घोषणा भी की गई।
कांग्रेस के सह-अध्यक्ष डॉ. डीके यादव, डीडीजी (फसल विज्ञान), आईसीएआर और डॉ. स्टैनफोर्ड ब्लेड, डीडीजी (रिसर्च एंड इनोवेशन), आईसीआरआईएसएटी ने तीन दिवसीय विचार-विमर्श का सारांश प्रस्तुत किया और सम्मेलन से निकले प्रमुख परिणामों और सिफारिशों पर प्रकाश डाला।
समारोह में आईएसएससीए ग्लोबल अवार्ड्स 2026 भी प्रदान किए गए, जो एक वार्षिक प्रमुख पहल है जो ग्लोबल साउथ के संस्थानों से सिद्ध कृषि नवाचारों को मान्यता देती है जिनमें विस्तार और देशों के बीच अनुकूलन की मजबूत क्षमता है।
--आईएएनएस
वीकेयू/पीएम
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जावा सागर में 240 यात्रियों वाला जहाज रहस्यमय तरीके से गायब, बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू
Indonesia Ship Missing: इंडोनेशिया में रविवार को एक बेहद दर्दनाक और बड़ी खबर सामने आई है. जावा सागर में 240 यात्रियों को ले जा रहा एक बड़ा यात्री जहाज अचानक रहस्यमयी तरीके से लापता हो गया है. इंडोनेशियाई अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह जहाज पूर्वी जावा के सुरबाया शहर से बोर्नियो द्वीप स्थित दक्षिण कालीमंतन की ओर बढ़ रहा था. इसी दौरान बीच समुद्र में इसका संपर्क अचानक टूट गया. घटना के सामने आते ही स्थानीय प्रशासन और नौसेना के बीच हड़कंप मच गया है. आनन-फानन में बचाव दलों को अलर्ट किया गया और जावा सागर में बड़े पैमाने पर तलाशी और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है.
तकनीकी खराबी और खराब मौसम बना वजह
दक्षिण कालीमंतन प्रांत की राजधानी बंजारमासिन स्थित 'सर्च एंड रेस्क्यू' दफ्तर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि 'वर्गो ट्रांसपोर्ट 8' नाम के इस पोत में तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसके कारण इसकी संचार व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई. पोत के ऑपरेटर का कहना है कि समुद्र में अचानक मौसम बेहद खराब हो गया था, जिसके तुरंत बाद जहाज से कोई संपर्क नहीं हो सका. बंजारमासिन बचाव एजेंसी के ऑपरेशंस चीफ अरियांतो अर्दी ने बताया कि स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए त्रिशक्ति में तुरंत एक ऑपरेशंस पोस्ट स्थापित किया गया है, जहां से पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी की जा रही है.
बंजारमासिन तट से 148 किलोमीटर दूर मिली थी आखिरी लोकेशन
शुरुआती जानकारी के अनुसार, लापता होने से पहले जहाज की आखिरी लोकेशन बंजारमासिन के तट से लगभग 148 किलोमीटर दूर जावा सागर में दर्ज की गई थी. रेस्क्यू टीमों को फौरन उसी संभावित क्षेत्र की ओर रवाना कर दिया गया है. राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी के हताहत होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासन की पहली प्राथमिकता जहाज की सही लोकेशन का पता लगाकर उसमें सवार 240 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है. तटरक्षक बल और बचाव दल समुद्र की लहरों के बीच दिन-रात लापता पोत की तलाश में जुटे हुए हैं.
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