अमेरिका-इजरायल पर बरसे ईरानी राष्ट्रपति, बोले- दबाव और अहंकार के आगे नहीं झुकेगा ईरान
Iran President:ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भारतीय धार्मिक नेताओं, विद्वानों और व्यापारियों को संबोधित करते हुए न्याय, बराबरी और स्वतंत्रता पर ईरान का पक्ष साफ किया. उन्होंने कहा कि ईरान एक ऐसा समाज बनाना चाहता है जहां सभी लोग बिना किसी शोषण या ज़ुल्म के आजाद रहकर जीवन बिता सकें.
'लोगों के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश की गई'
अमेरिका और उसके साथी देश नहीं चाहते कि ईरान स्वतंत्र रहे, इसी वजह से क्रांति के बाद से ही देश पर प्रतिबंध लगाए गए और लोगों के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश की गई. ईरान का मानना है कि दुनिया में शांति बनाए रखने के लिए न्याय बेहद ज़रूरी है, क्योंकि सभी इंसान बराबर हैं.
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BRICS Summit 2026 Live Updates: नई दिल्ली घोषणापत्र पर बनी सहमति, आज अंतिम सत्र में शामिल होंगे दुनिया भर के नेता
BRICS Summit 2026 Live Updates: नई दिल्ली में चल रहा 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आज (13 सितंबर) खत्म हो जाएगा. शिखर सम्मेलन के आखिरी सत्र में दुनिया भर के नेता शामिल होंगे. ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आखिरी सत्र का विषय 'लचीलापन, इनोवेशन, सहयोग और स्थिरता: समावेशी वैश्विक विकास के लिए भविष्य को आकार देना' है. बता दें कि भारत ने इस साल अपनी ब्रिक्स अध्यक्षता के लिए 'लचीलापन, इनोवेशन, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण' को थीम के तौर पर चुना है.
इससे पहले शनिवार को, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन ने पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर संयुक्त अरब अमीरात और ईरान के बीच गहरे मतभेदों को दूर करते हुए आम सहमति से एक संयुक्त घोषणापत्र अपनाया. खास बात यह है कि इस घोषणापत्र में ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिका का कोई सीधा जिक्र नहीं किया गया. नई दिल्ली घोषणापत्र में, ब्रिक्स नेताओं ने "बातचीत और कूटनीति" के जरिए संघर्ष खत्म करने की भारत की अपील का समर्थन किया. साथ ही, उन्होंने "लागू" अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार वैश्विक व्यापार, सप्लाई चेन और ऊर्जा के सुचारू प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया.
ब्रिक्स में शामिल हैं भारत, चीन, रूस समेत ये देश
बता दें कि ब्रिक्स में- ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं. 2024 में इसका विस्तार हुआ और इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान, यूएई और सऊदी अरब को भी शामिल किया गया, जबकि इंडोनेशिया 2025 में ब्रिक्स का सदस्य बना. इसके अलावा बेलारूस, बोलीविया, कजाकिस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम पिछले साल ब्रिक्स के सदस्य देश बने हैं.
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