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'भारत-चीन संबंधों के लिए सीमा पर शांति जरूरी', BRICS समिट के बीच शी जिनपिंग से बोले PM मोदी
BRICS Summit 2026: दिल्ली चल रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आज दूसरा और आखिरी दिन है. इस सम्मेलन में शामिल होने के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी भारत पहुंचे हैं. ब्रिक्स समिट के इतर शनिवार को पीएम मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग संग द्विपक्षीय बैठक की. इस बैठक में दोनों देश ने अपने रिश्तों को एक बार फिर से पटरी पर लाने की कोशिश करते दिखाई दिए. भारत ने कहा कि दोनों देशों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि "मतभेद विवाद न बनें."
बैठक के बाद विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता दोनों देशों के बीच संबंधों के लगातार विकास के लिए एक जरूरी आधार बनी हुई है."
सात साल बाद भारत आए हैं शी जिनपिंग
बता दें कि भारत की मेजबानी में हो रहे ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार दोपहर को ही दिल्ली पहुंचे. सात सालों में यह उनका पहला भारत दौरा है. इससे पहले चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 2019 में भी भारत आए थे, तब उन्होंने तमिलनाडु के महाबलीपुरम का दौरा किया था. लेकिन 2020 में लद्दाख की गलवान घाटी में हुई सैन्य झड़पों के बाद भारत-चीन संबंधों के संबंध बेहद खराब हो गए.
इन तीन बातों का पालन करने की शर्त
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पीएम मोदी ने अगस्त 2025 में तियानजिन में हुई अपनी पिछली मुलाकात के बाद से भारत-चीन संबंधों में हुई 'लगातार प्रगति' का स्वागत किया. विदेश मंत्रालय ने कहा, "उन्होंने फिर से इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों को अपने संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक नजरिए से देखना चाहिए. मतभेदों को विवाद नहीं बनने देना चाहिए." मंत्रालय ने आगे कहा कि पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों पक्षों को 'तीन आपसी बातों'- आपसी सम्मान, आपसी संवेदनशीलता और आपसी हित का पालन करना चाहिए.
विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि द्विपक्षीय बातचीत में भारत-चीन सीमा विवाद का मुद्दा उठा और शी तथा पीएम मोदी ने 'निष्पक्ष, उचित और आपसी सहमति वाले समाधान' के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई. बता दें कि पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग की पिछले साल अगस्त में चीन के तियानजिन में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात हुई थी.
द्विपक्षीय बातचीत के दौरान क्या बोले चीनी राष्ट्रपति?
पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत और चीन को 'ग्लोबल साउथ' का 'महत्वपूर्ण सदस्य' बताया और कहा कि दोनों देशों पर 'बड़ी जिम्मेदारियां' हैं. उन्होंने कहा, "जटिल अंतरराष्ट्रीय हालात, जिनमें कई तरह के बदलाव और चुनौतियां शामिल हैं, को देखते हुए दुनिया के दो सबसे अधिक आबादी वाले देशों और ग्लोबल साउथ के महत्वपूर्ण सदस्यों के तौर पर चीन और भारत पर बड़ी जिम्मेदारियां हैं. दोनों पक्षों को मानवता के भविष्य और अपने लोगों की भलाई को ध्यान में रखना चाहिए और व्यापक ब्रिक्स (BRICS) ढांचे के भीतर उच्च-गुणवत्ता वाले सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए."
उन्होंने कहा, "हमें एक समान और व्यवस्थित बहुध्रुवीय दुनिया तथा समावेशी व आपसी लाभ वाले आर्थिक वैश्वीकरण की वकालत करनी चाहिए, ताकि विश्व शांति, स्थिरता, विकास और समृद्धि को बढ़ावा देने में और अधिक सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो सके." इससे पहले शनिवार को चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि मध्य पूर्व का युद्ध 'साझा हितों' के लिए सही नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिक्स देश दूसरे देशों की संप्रभुता के उल्लंघन और उनके आंतरिक मामलों में दखल का विरोध करते हैं.
वहीं ब्रिक्स समिट को संबोधित करते हुए शी जिनपिंग ने कहा कि चीन इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए ब्रिक्स समूह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर काम करेगा, क्योंकि मध्य पूर्व का संघर्ष "अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साझा हितों के अनुरूप नहीं है."
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