साध्वी हर्षानंद गिरि फिर पहुंची खड़े हनुमान मंदिर, बोलीं – ‘प्रतिमा नहीं हटे, मंदिर निर्माण की तारीख बताए प्रशासन’
सिंहस्थ-2028 की तैयारियों और सड़क चौड़ीकरण के कारण उज्जैन का खड़ा हनुमान मंदिर लगातार चर्चा में है। दरअसल शनिवार शाम मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे। इसी दौरान साध्वी हर्षानंद गिरि भी दूसरी बार यहां पहुंचीं। मंदिर पहुंचकर उन्होंने हनुमानजी के दर्शन किए और मौके पर मौजूद लोगों से बातचीत की। साध्वी हर्षानंद गिरि ने इस दौरान कहा कि दो दिन पहले उन्होंने मीडिया के जरिए प्रशासन और सरकार के सामने अपनी बात रखी थी। उनके मुताबिक यह बात सरकार तक पहुंची है और संत समाज भी इस मामले से जुड़ रहा है। उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से इस मामले में कुछ और समय मांगा गया है।
दरअसल साध्वी हर्षानंद गिरि ने बताया कि रविवार शाम खड़े हनुमान मंदिर परिसर में ‘सद्बुद्धि हनुमान महायज्ञ’ किया जाएगा। उनके अनुसार, यज्ञ के जरिए हनुमानजी से प्रार्थना की जाएगी कि प्रशासन और सरकार को सद्बुद्धि मिले और प्रतिमा को लेकर कोई ऐसा फैसला न हो जिससे श्रद्धालुओं की भावनाएं प्रभावित हों।
लिखित और मौखिक आश्वासन की मांग की
इस दौरान साध्वी हर्षानंद गिरि ने कहा कि अगले 48 घंटे में प्रतिमा को नहीं हटाने का लिखित और मौखिक आश्वासन दिया जाना चाहिए। साध्वी ने यह भी कहा कि अब सिर्फ प्रतिमा को लेकर आश्वासन पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रशासन और सरकार को यह भी बताना चाहिए कि मंदिर का निर्माण कब तक किया जाएगा। साध्वी ने महायज्ञ में ज्यादा से ज्यादा लोगों से शामिल होने की अपील की है। उनका कहना है कि इस आयोजन के जरिए समाज की एकजुटता भी सामने आएगी। शनिवार शाम मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम और हनुमानजी के जयकारे लगाए।
पांचवां प्रयास नहीं होना चाहिए: साध्वी हर्षानंद गिरि
बता दें कि साध्वी हर्षानंद गिरि इससे पहले भी दो दिन पहले खड़े हनुमान मंदिर पहुंची थीं। उस दौरान उन्होंने प्रशासन को 48 घंटे का समय देते हुए विरोध प्रदर्शन और धरना देने की बात कही थी। शनिवार को दोबारा मंदिर पहुंचने पर उन्होंने कहा कि मीडिया के जरिए उठाई गई बात सरकार तक पहुंच चुकी है और संत समाज भी अब इस मामले से जुड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अब उनकी मांग साफ है कि खड़े हनुमानजी की प्रतिमा को उसी स्थान पर रखा जाए। साथ ही मंदिर निर्माण को लेकर प्रशासन की तरफ से स्पष्ट घोषणा होनी चाहिए। साध्वी ने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि मंदिर का निर्माण कितनी जल्दी किया जाएगा और इसकी आगे की स्थिति क्या होगी।
साध्वी हर्षानंद गिरि ने कहा, “हम चाहते हैं कि अब इन्हें यहां से हटाने का पांचवां प्रयास न हो। बल्कि प्रशासन और सरकार यह बताए कि यहां मंदिर का निर्माण कितनी जल्दी होगा।”
नियमों को लेकर RBI सख्त, इस फाइनेंस कंपनी पर लगाया 27 लाख से अधिक का जुर्माना, जानें डिटेल
आरबीआई देशभर के सभी बैंकों और नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों को रेगुलेट करने का काम करता है । नियमों का उल्लंघन होने पर अक्सर सख्त कदम उठाता रहता है। सितंबर में एक और नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी के खिलाफ रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने सख्ती दिखाई है। नियमों का सही से अनुपालन न करने इस ऐसेट केयर एंड रिकंस्ट्रक्शन एंटरप्राइज लिमिटेड में पर 27 लाख 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस कार्रवाई की जानकारी आरबीआई ने अपनी वेबसाइट पर प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है।
आरबीआई ने बताया कि 31 मार्च 2025 तक कंपनी की वित्तीय स्थिति को चेक करने के लिए एक संवैधानिक निरीक्षण किया गया था। इस दौरान दिशा निर्देशों के अनुपालन में खामियों का पता चला। इसके बाद कंपनी को नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया। इस पर मिली प्रतिक्रिया और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दी गई मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार किया गया। जब आरोप सही साबित हुए, तो पेनल्टी लगाने का फैसला लिया गया।
कंपनी ने तोड़े ये नियम
इस कंपनी कंपनी ने इनकम रिकग्निशन पर जारी आरबीआई के दिशा निर्देशों का सही से अनुपालन नहीं किया। मैनेजमेंट फीस वसूलने से जुड़े रेगुलेटरी नियमों का उल्लंघन किया। इसलिए आरबीआई ने पेनल्टी लगाने का फैसला लिया। सिक्यॉरिटाइजेशन एंड रिकंस्ट्रक्शन ऑफ असेट्स एंड एनफोर्समेंट ऑफ सिक्योरिटी इंटरेस्ट एक्ट 2002 के विभिन्न प्रावधानों के तहत यह कदम उठाया गया है।
ग्राहकों के लिए चिंता का विषय नहीं
कार्रवाई का असर ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा। आरबीआई ने कहा कि, “यह एक्शन विनियामक खामियों पर आधारित है। इसका उद्देश्य ग्राहक या बैंक के बीच हो रहे किसी भी ट्रांजेक्शन या एग्रीमेंट की वैधता को प्रभावित करना नहीं है। ना ही भविष्य में होने वाली रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया की अन्य किसी कार्रवाई पर इसका कोई भी असर पड़ेगा।”
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