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ब्रिक्स देशों की आर्थिक ताकत वैश्विक विकास को दे रही नई दिशा, 1 ट्रिलियन डॉलर निवेश और निष्पक्ष वैश्विक व्यापार पर जोर: एक्सपर्ट्स

नई दिल्ली, 12 सितंबर (आईएएनएस)। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पहले दिन शनिवार को वैश्विक अर्थव्यवस्था, निवेश, व्यापार और बहुपक्षीय सहयोग को लेकर विभिन्न विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने अपने विचार साझा किए। विशेषज्ञों ने कहा कि ब्रिक्स देशों की आर्थिक क्षमता और बढ़ती वैश्विक भूमिका आने वाले वर्षों में विश्व आर्थिक व्यवस्था को नई दिशा दे सकती है। साथ ही, उन्होंने निष्पक्ष वैश्विक व्यापार, विकासशील देशों में निवेश और बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।

न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के पूर्व सचिव अजय दुआ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस टिप्पणी का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने ब्रिक्स देशों की आर्थिक प्रगति का उल्लेख किया था।

आईएएनएस से बातचीत में अजय दुआ ने कहा कि पिछले लगभग एक दशक में वैश्विक अर्थव्यवस्था की औसत वृद्धि दर करीब 3.5 प्रतिशत सालाना रही है, जबकि ब्रिक्स देशों, विशेष रूप से भारत की वृद्धि दर इससे काफी अधिक रही है। उन्होंने कहा कि चीन जैसी बड़ी अर्थव्यवस्था का भी 5.5 से 6 प्रतिशत के आसपास की दर से बढ़ना वैश्विक आर्थिक परिदृश्य पर बड़ा प्रभाव डालता है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि ब्रिक्स देश आज वैश्विक विकास के प्रमुख इंजनों के रूप में उभर रहे हैं।

वहीं, एसडब्ल्यूएफआई के चेयरमैन और आईब्रिक्स 2026 के लीड को-चेयर लक्ष्मी नारायणन ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि ब्रिक्स देशों की संयुक्त अर्थव्यवस्था का आकार लगभग 33 ट्रिलियन डॉलर है, जो वैश्विक जीडीपी का करीब 27 प्रतिशत हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि यदि क्रय शक्ति समता के आधार पर देखा जाए, तो ब्रिक्स और सहयोगी देशों की संयुक्त अर्थव्यवस्था लगभग 82 ट्रिलियन डॉलर की है, जो जी-20 समूह के लगभग 62 ट्रिलियन डॉलर के मुकाबले काफी बड़ी है। उन्होंने कहा कि यह आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि वैश्विक आर्थिक संतुलन धीरे-धीरे उभरती अर्थव्यवस्थाओं की ओर स्थानांतरित हो रहा है।

लक्ष्मी नारायणन ने आगे आईएएनएस से कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में व्यापार और वाणिज्य ब्रिक्स देशों के लिए सबसे महत्वपूर्ण विषय बनकर उभरे हैं। वैश्विक व्यापारिक चुनौतियों का असर लगभग सभी सदस्य देशों पर पड़ा है, और इसलिए आपसी व्यापार को बढ़ाना इस शिखर सम्मेलन का प्रमुख फोकस रहने की उम्मीद है।

उन्होंने आगे कहा, आईब्रिक्स का लक्ष्य ब्रिक्स अर्थव्यवस्थाओं में 1 ट्रिलियन डॉलर का निवेश आकर्षित करना है। यह निवेश विकासशील क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे, उद्योग, तकनीक और आर्थिक गतिविधियों को मजबूत कर सकता है तथा ब्रिक्स देशों को सामूहिक आर्थिक शक्ति के रूप में और मजबूत बना सकता है।

इस बीच, संयुक्त राष्ट्र (यूएन) महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि आज के समय में बहुपक्षवाद पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रीय समूहों और देशों के बीच सकारात्मक समझौते और सहयोग ही वैश्विक तनाव को कम करने का सबसे प्रभावी तरीका है।

दुजारिक ने कहा कि ब्रिक्स विश्व की बड़ी आबादी और वैश्विक आर्थिक उत्पादन के बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में इस मंच की जिम्मेदारी भी काफी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों के पास वैश्विक स्थिरता, आर्थिक सहयोग और साझा विकास को बढ़ावा देने का बड़ा अवसर मौजूद है।

संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने कहा कि वैश्विक दक्षिण (ग्लोबल साउथ) के देशों के हितों की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों में सुधार आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक आर्थिक व्यवस्था अधिक संतुलित और समावेशी होनी चाहिए, ताकि किसी एक समूह या कुछ देशों को ही लाभ न मिले।

दुजारिक ने कहा कि वैश्विक व्यापार प्रणाली को अधिक निष्पक्ष बनाने और विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि अंतरराष्ट्रीय वित्तीय और व्यापारिक ढांचे में संतुलित सुधार किए जाते हैं, तो विकासशील अर्थव्यवस्थाएं अधिक प्रभावी तरीके से वैश्विक विकास में योगदान दे सकेंगी।

--आईएएनएस

डीबीपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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जो रूट ने रचा इतिहास, सचिन तेंदुलकर का बड़ा रिकॉर्ड तोड़ा; अब इस महारिकॉर्ड पर नजर

Joe Root: इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज जो रूट ने पाकिस्तान के खिलाफ बर्मिंघम टेस्ट में शानदार पारी खेलकर इतिहास रच दिया. रूट ने महान भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का बड़ा रिकॉर्ड तोड़ते हुए टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बनने का कारनामा किया है. बर्मिंघम में खेले गए तीसरे टेस्ट की चौथी पारी में रूट ने नाबाद 62 रन बनाए. उनकी इस पारी में 9 चौके शामिल रहे. उनकी शानदार बल्लेबाजी की बदौलत इंग्लैंड ने पाकिस्तान को 8 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली.

रूट ने सचिन को पीछे छोड़ा

पाकिस्तान ने इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 130 रनों का लक्ष्य रखा था. लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने सिर्फ 2 रन पर अपने दो विकेट गंवा दिए थे. इसके बाद जो रूट और जॉर्डन कॉक्स ने शानदार साझेदारी की. रूट ने नाबाद 62 रन बनाए और इसी दौरान टेस्ट क्रिकेट में अपना 69वां अर्धशतक पूरा किया. बता दें कि सचिन तेंदुलकर ने अपने टेस्ट करियर का अंत 68 अर्धशतकों के साथ किया था. अब रूट ने 69 अर्धशतक लगाकर उन्हें पीछे छोड़ दिया है. इस लिस्ट में वेस्टइंडीज के पूर्व बल्लेबाज शिवनारायण चंद्रपॉल 66 अर्धशतकों के साथ तीसरे नंबर पर हैं. ऑस्ट्रेलिया के एलन बॉर्डर और भारत के राहुल द्रविड़ के नाम 63-63 अर्धशतक हैं.

टेस्ट में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज:

  • जो रूट - 69
  • सचिन तेंदुलकर - 68
  • शिवनारायण चंद्रपॉल - 66
  • एलन बॉर्डर - 63
  • राहुल द्रविड़ - 63

सचिन के सबसे ज्यादा टेस्ट रनों के रिकॉर्ड पर भी नजर

जो रूट अब सचिन तेंदुलकर के एक और बड़े रिकॉर्ड के करीब पहुंच गए हैं. टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड फिलहाल सचिन के नाम है. उन्होंने 200 टेस्ट मैचों की 329 पारियों में 15,921 रन बनाए थे. रूट इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं. उन्होंने अब तक 169 टेस्ट मैचों की 309 पारियों में 50.45 की औसत से 14,278 रन बनाए हैं. यानी वह सचिन के रिकॉर्ड से सिर्फ 1,643 रन दूर हैं. अगर रूट इसी तरह रन बनाते रहे तो वह आने वाले समय में सचिन का यह रिकॉर्ड भी तोड़ सकते हैं.

2012 में किया था टेस्ट डेब्यू

आपको बता दें कि जो रूट ने साल 2012 में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था. इसके बाद से वह लगातार इंग्लैंड के लिए शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. 169 टेस्ट में उनके नाम 14,278 रन हैं. इस दौरान उन्होंने 41 शतक और 69 अर्धशतक लगाए हैं. वहीं सचिन तेंदुलकर ने 2013 में टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा था. उन्होंने अपने करियर में 51 शतक लगाए. अब रूट की नजर सबसे ज्यादा टेस्ट रन के रिकॉर्ड पर है. ऐसे में आने वाले मुकाबलों में उनकी बल्लेबाजी पर सभी की नजरें रहेंगी.

यह भी पढ़ें- ENG vs PAK: पाकिस्तान का 0-3 से सूपड़ा साफ, रूट-कॉक्स ने छुड़ाए छक्के; इंग्लैंड ने 8 विकेट से जीता बर्मिंघम टेस्ट

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एक टेस्ट मैच में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले 5 बल्लेबाज, 36 साल ने नहीं टूटा विश्व कीर्तिमान

5 batsman Most runs in a single Test match: टेस्ट मैच की दोनों पारियों को मिलाकर सबसे ज्यादा रन बनाना बल्लेबाजों की अद्भुत सहनशक्ति और कला का सबसे बड़ा प्रमाण है. ग्राहम गूच के के ऐतिहासिक रिकॉर्ड से लेकर ब्रायन लारा के महारिकॉर्ड और शुभमन गिल व कुमार संगकारा की शानदार पारियों तक, यह लिस्ट रेड बॉल क्रिकेट के उन स्वर्णिम अध्यायों को बयां करती है, जहां दिग्गजों ने अपनी आतिशी बल्लेबाजी से इतिहास के पन्नों पर अपना नाम हमेशा के लिए दर्ज कर दिया. Mon, 14 Sep 2026 06:01:03 +0530

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