BRICS Summit में Xi Jinping की अपील, पश्चिम एशिया में शांति बहाली के लिए आगे आएं सदस्य देश
चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने शनिवार को ब्रिक्स को उभरते बाजारों और विकासशील देशों के बीच सहयोग के लिए दुनिया का सबसे प्रभावशाली मंच बताया और कहा कि पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने में इस समूह को अपनी ‘‘उचित भूमिका’’ निभानी चाहिए। सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ की खबर के अनुसार ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए शी ने कहा कि चीन पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता कायम करने के लिए ब्रिक्स के सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करेगा। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र की स्थिति लगातार बदल रही है और वहां जारी युद्ध ने पूरे क्षेत्र के लोगों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है और यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साझा हितों के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने उभरती अर्थव्यवस्थाओं वाले प्रमुख देशों के नेताओं से पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने में ‘‘उचित भूमिका’’ निभाने का आह्वान किया और सदस्य देशों से इतिहास के सही पक्ष में खड़े होने का आग्रह किया। शी ने कहा कि ब्रिक्स देशों को शीत युद्ध की मानसिकता का विरोध करना चाहिए और सदस्य देशों से अन्य देशों की संप्रभुता के उल्लंघन तथा उनके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप का विरोध करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पहल में सहयोग मजबूत करना चाहिए, ताकि ब्रिक्स देशों के बीच एआई के माध्यम से नए औद्योगीकरण को बढ़ावा दिया जा सके।
उन्होंने ब्रिक्स देशों से साइबरस्पेस, अंतरिक्ष और गहरे समुद्र के क्षेत्र में वैश्विक शासन व्यवस्था का नेतृत्व करने तथा ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज को और मजबूत करने का आह्वान किया। शी ने कहा कि ब्रिक्स देशों को नवोन्मेषी विकास के साथ-साथ शांति और स्थिरता बनाए रखने में भी अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए तथा सभ्यताओं के बीच आपसी समझ को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सदस्य देशों को वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस समूह को अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को अधिक न्यायसंगत और समानता पर आधारित बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए तथा मानवता के साझा भविष्य वाले समुदाय के निर्माण के लिए मिलकर काम करना चाहिए। शी शनिवार सुबह यहां पहुंचे। यह पिछले सात वर्ष में उनकी पहली भारत यात्रा है और इसे व्यापार एवं निवेश संबंधों के विस्तार के जरिये द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने के एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है।
शिखर सम्मेलन में शामिल होने आये अन्य नेताओं में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, अबू धाबी के युवराज शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली और वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस, विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की महानिदेशक नगोजी ओकोंजो-इवेला, डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस, न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) की अध्यक्ष दिल्मा रूसेफ और ‘एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक’ की प्रमुख जोउ जियायी भी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग ले रही हैं।
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RBI vs Tata Sons : रिजर्व बैंक ने टाटा संस की उस अपील को खारिज कर दिया है, जिसमें कंपनी ने खुद को एनबीएफसी की लिस्ट से बाहर रखने की गुहार लगाई थी. कंपनी ने कहा था कि वह अपना एनबीएफसी लाइसेंस भी सरेंडर करना चाहती है, लेकिन आरबीआई ने इससे साफ इनकार कर दिया और कहा कि टाटा संस को एनबीएफसी की कैटेगरी में ही रखा जाएगा.
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