IND VS AFG: पहले टी-20 पर मंडराया बारिश का साया? जानिए मुकाबले के दौरान कैसा रहेगा दिल्ली का मौसम
IND VS AFG: भारत और अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के बीच 3 मैचों की टी-20 सीरीज खेली जाने वाली है. सीरीज का पहला मुकाबला दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाएगा, जिसपर हर किसी की नजरें टिकी होंगी. मगर, इस मैच के शुरू होने से पहले एक टेंशन की खबर सामने आ रही है. वेदर फॉरकास्ट बता रहे हैं कि रविवार को दिल्ली में बारिश की संभावना है, जहां भारत-अफगानिस्तान के बीच पहला टी-20 मैच खेला जाने वाला है. तो आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि बारिश की संभावना कितनी है और क्या सचमुच इससे मैच प्रभावित होगा?
कैसा रहेगा आज मौसम का हाल?
भारत और अफगानिस्तान के बीच पहला टी-20 मैच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में रविवार को खेला जाने वाला है. रविवार को दिल्ली में बारिश की संभावना है, जिसकी वजह से भारत और अफगानिस्तान के बीच खेला जाने वाला मुकाबला प्रभावित हो सकता है. रविवार को दिल्ली में 64% बारिश होने की संभावना जताई जा रही है.
जी हां, सुबह बारिश की संभावना 64% है, जो रात में घटकर 55% हो रही है. चूंकि, भारत-अफगानिस्तान के बीच मुकाबला शाम 7 बजे शुरू होगा. ऐसे में बारिश मैच को प्रभावित कर सकती है. रविवार को तापमान 33 डिग्री से 27 डिग्री तक रह सकता है. हवा 14 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चल सकती है. ह्यूमिडिटी 67% रहने की संभावना है.
Vintage vibes. Priceless reactions. ????
— BCCI (@BCCI) September 12, 2026
???? #TeamIndia takes on the 1980s trend ???? - By @RajalArora #AFGvIND pic.twitter.com/nSaClHHdyn
कहां देख सकेंगे लाइव मैच?
भारत और अफगानिस्तान (IND VS AFG) के बीच खेला जाने वाला पहला मुकाबला शाम 7 बजे शुरू होगा, जिसके टॉस के लिए दोनों कप्तान 6.30 बजे मैदान पर उतरेंगे. इस सीरीज के सभी मैचों के एक्सक्लूसिव टीवी प्रसारण अधिकार सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के पास हैं. यानी तीनों मैच सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के चैनलों पर लाइव देखे जा सकेंगे. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भारत-अफगानिस्तान सीरीज की लाइव स्ट्रीमिंग फैनकोड पर उपलब्ध होगी. फैनकोड ने इस सीरीज के एक्सक्लूसिव डिजिटल राइट्स हासिल किए हैं और मोबाइल, वेब तथा कनेक्टेड टीवी के जरिए मैच देखे जा सकते हैं.
Abhishek Sharma ???? Shivam Dube ????
— BCCI (@BCCI) September 10, 2026
Who wins the ???????????????????? ???????? ???????????? '????????????????' ????????????? ????#TeamIndia | @OfficialAbhi04 | @IamShivamDube pic.twitter.com/pnCK1gqx63
कैसी रहेगी अरुण जेटली स्टेडियम की पिच?
दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम की पिच को आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए अनुकूल माना जाता है. T20 क्रिकेट में यहां गेंद बल्ले पर अच्छी तरह आती है और छोटे मैदान के कारण बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने का मौका मिलता है. शुरुआत में तेज गेंदबाजों को थोड़ी स्विंग या सीम मिल सकती है, लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है, स्पिन गेंदबाजों को टर्न और ग्रिप मिलने की संभावना बढ़ जाती है. हालांकि, पिच का मिजाज मैच और परिस्थितियों के अनुसार बदल सकता है. कुल मिलाकर यहां हाई-स्कोरिंग मुकाबले देखने को मिलते हैं और पावरप्ले का फायदा उठाना अहम होता है.
ऐसी हो सकती है भारतीय टीम की संभावित-इलेवन
अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उपकप्तान), शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह.
अफगानिस्तान टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का स्क्वाड: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और यश ठाकुर
भारत के खिलाफ T20I सीरीज के लिए अफगानिस्तान की टीम: इब्राहिम जादरान (कप्तान), रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), सेदिकुल्लाह अटल, दरविश रसूली, अजमतुल्लाह उमरजई, गुलबदीन नायब, नूर रहमान, मोहम्मद नबी, रशीद खान, नांग्याल खरोटी, मुजीब उर रहमान, नूर अहमद, फजलहक फारूकी, नवीन-उल-हक, अब्दुल्ला अहमदजई
ये भी पढ़ें: एशिया कप में है टीम इंडिया का दबदबा, 10वीं बार खेलने उतरेगी फाइनल, जानिए कितनी बार बन चुकी है चैंपियन?
मंदिर में भगवान की मूर्ति की परिक्रमा क्यों की जाती है? जानें इसके पीछे की धार्मिक मान्यता
Mandir Parikrama significance: हिंदू धर्म में मंदिर जाकर भगवान के दर्शन करने के बाद उनकी परिक्रमा करने की परंपरा भी प्रचलित है। श्रद्धालु भगवान की प्रतिमा या मंदिर के गर्भगृह के चारों ओर घूमकर परिक्रमा करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसे ईश्वर के प्रति श्रद्धा और समर्पण व्यक्त करने का माध्यम माना जाता है।
परिक्रमा का धार्मिक अर्थ क्या है?
‘परिक्रमा’ या ‘प्रदक्षिणा’ का भाव भगवान को अपने जीवन का केंद्र मानने से जोड़ा जाता है। भक्त भगवान के चारों ओर घूमते हुए यह भावना रखते हैं कि उनके जीवन में ईश्वर सर्वोच्च स्थान पर हैं।
इसी वजह से मंदिरों में परिक्रमा को पूजा की महत्वपूर्ण परंपराओं में शामिल किया गया है।
परिक्रमा किस दिशा में की जाती है?
हिंदू धार्मिक परंपरा में सामान्य तौर पर दक्षिणावर्त परिक्रमा यानी भगवान को अपनी दाईं ओर रखते हुए परिक्रमा करने की परंपरा बताई जाती है। इसे प्रदक्षिणा भी कहा जाता है।
हालांकि, सभी देवी-देवताओं और सभी धार्मिक स्थलों के नियम एक जैसे नहीं होते। कुछ विशेष पूजा परंपराओं में अलग विधियां भी देखने को मिलती हैं।
कितनी बार परिक्रमा करनी चाहिए?
परिक्रमा की संख्या को लेकर अलग-अलग धार्मिक मान्यताएं और परंपराएं हैं। कई मंदिरों में श्रद्धालु एक, तीन, पांच या अधिक बार परिक्रमा करते हैं।
इसलिए परिक्रमा की कोई एक संख्या सभी मंदिरों पर लागू नहीं होती। जिस मंदिर में दर्शन के लिए जाएं, वहां की प्रचलित परंपरा का पालन करना उचित माना जाता है।
परिक्रमा करते समय क्या भावना रखनी चाहिए?
धार्मिक दृष्टि से परिक्रमा केवल मंदिर के चारों ओर घूमना नहीं है। इसे भगवान के प्रति भक्ति, विनम्रता और समर्पण के भाव से जोड़ा जाता है।
श्रद्धालु परिक्रमा के दौरान भगवान का नाम लेते हैं और अपने परिवार की सुख-शांति तथा मंगल की प्रार्थना करते हैं।
कुछ मंदिरों में पूरी परिक्रमा क्यों नहीं की जाती?
कुछ विशेष देवी-देवताओं की पूजा पद्धतियों में परिक्रमा के अलग नियम बताए जाते हैं। उदाहरण के लिए, कुछ परंपराओं में शिवलिंग की परिक्रमा करते समय जलधारी या अन्य विशेष स्थान को पार न करने की मान्यता मिलती है।
इसलिए किसी भी मंदिर में परिक्रमा करने से पहले वहां की स्थानीय धार्मिक परंपरा और नियमों को जानना बेहतर होता है।
परिक्रमा आज भी आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा
मंदिर में घंटी बजाने, भगवान के दर्शन और पूजा के बाद परिक्रमा करने की परंपरा आज भी करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी हुई है। भक्त इसे भगवान के प्रति सम्मान और अपनी श्रद्धा प्रकट करने का माध्यम मानते हैं।
परिक्रमा का धार्मिक महत्व मुख्य रूप से आस्था और परंपराओं पर आधारित है।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और प्रचलित परंपराओं पर आधारित है। अलग-अलग मंदिरों, क्षेत्रों और संप्रदायों में परिक्रमा के नियम और विधि अलग हो सकती है। इसे सामान्य धार्मिक जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation
Haribhoomi








