सूरत, बेंगलुरु के बाद प्रतापगढ़ में हॉस्टल की शिकायत:कच्ची और जली रोटी मिलती है, हॉस्टल में पोछा और बाथरूम साफ करने का काम भी हमारा
प्रतापगढ़ के अचलपुर स्थित राजकीय जनजातीय बालिका आश्रम छात्रावास की छात्राएं खराब प्रबंधन से इस तरह परेशान हुई कि जिला कलेक्टर से शिकायत करने पहुंच गईं। छात्राओं ने हॉस्टल में खराब खाने और साफ-सफाई से जुड़ी समस्याओं को लेकर शिकायत की। इस हॉस्टल में करीब 50 छात्राएं रहती हैं। इनमें से 15 छात्राएं पैदल चलकर कलेक्टर ऑफिस पहुंची और स्कूल से संबंधित शिकायतें की। छात्राओं का कहना है कि वार्डन बिस्किट का लालच देकर उनसे ही साफ-सफाई करवाती है। खाने की शिकायत करते हुए एक छात्रा ने कहा कि हमें जो रोटी मिलती है वो एक तरह से कच्ची और दूसरी तरफ से जली हुई होती हैं। छात्राओं से स्कूल में पोछा लगवाया जाता है और बाथरूम साफ करने का काम भी इन बच्चों को ही करना पड़ता है। छात्राओं ने बताया कि उन्हें समय पर और पर्याप्त भोजन नहीं मिलता है। सुबह के नाश्ते में सिर्फ पोहा दिया जाता है। शिकायत में छात्राओं ने कहा कि छात्रावास की जिम्मेदार मैडम नियमित रूप से मौजूद नहीं रहती हैं। वे सिर्फ भोजन के समय फोटो खिंचवाने के लिए आती हैं। उनकी तबियत खराब होने पर उनके परिवार को सूचना देने में भी परेशानी होती है। छात्राओं ने मैडम के समय पर छात्रावास नहीं पहुंचने का आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने की मांग की है। सूरत के गर्ल्स हॉस्टल में रामधुन गाकर किया प्रदर्शन 1 सितंबर को हॉस्टल के खराब मैनेजमेंट से परेशान ऐसी ही छात्राओं ने सूरत में प्रदर्शन किया था। इस हॉस्टल का नाम सरकारी समरस गर्ल्स हॉस्टल है जहां छात्राओं ने 1 सितंबर की रात को विरोध प्रदर्शन किया। उनका ये प्रदर्शन खाने की खराब क्वालिटी, पानी की सप्लाई और रहने की खराब व्यवस्थाओं को लेकर था। छात्राओं ने "रामधुन" गाया और कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक विरोध जारी रहेगा। विरोध करने वाली एक छात्रा ने कहा - इस हॉस्टल के खाने में कीड़े और खराब पानी के अलावा भी कई समस्याएं हैं। ये विरोध हमारी मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा। हॉस्टल परिसर के आस-पास कैमरे लगाने की मांग अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की भावनगर जिला इकाई की अध्यक्ष दीपिका कचोट ने आरोप लगाया कि गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं को अपने खाने में प्लास्टिक और सिगरेट के टुकड़े मिले हैं। उन्होंने कहा - पानी की क्वालिटी खराब है। नौ मंजिल के इस हॉस्टल में सिर्फ दो या तीन मंजिलों पर ही पानी मिलता है। ABVP अध्यक्ष ने यह भी कहा कि हॉस्टल परिसर के आस-पास CCTV कैमरे लगाने चाहिए। कॉलेज जाने के लिए हॉस्टल से बाहर निकलने पर छात्राओं को लड़कों की छेड़छाड़ का सामना करना पड़ता है। वार्डन के बुरे बर्ताव से परेशान छात्राएं एक छात्रा ने आरोप लगाया कि जब छात्राओं ने वार्डन से घर जाने की इजाजत मांगी, तो वार्डन ने उनके साथ बुरा बर्ताव किया। उन्होंने यह भी कहा कि खाने में कीड़े मिलने की उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। खराब पानी पीने से कई बार बीमार हुई छात्राएं इतना ही नहीं छात्राओं ने हॉस्टल के पानी को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। पहले भी छात्राओं ने कहा था कि पानी का रंग कई बार हरा दिखाई देता है। इस पानी को पीने से कई छात्राओं की तबियत खराब हो गई है। उन्होंने आगे बताया कि जब हॉस्टल में निरीक्षण के लिए अधिकारी आते हैं, तो अचानक सारी व्यवस्था सुधर जाती हैं। 1200 महिलाओं के लिए सिर्फ 1 घंटे आता है पानी हॉस्टल और मेस की साफ-सफाई को लेकर भी छात्राओं में नाराजगी है। पानी की सप्लाई यहां सिर्फ एक घंटे के लिए होती है। छह मंजिला इस हॉस्टल की तीन मंजिल तक भी पानी नहीं चढ़ता। फिलहाल यहां 1200 महिलाएं रहती है। हॉस्टल अथॉरिटी का कहना है कि एक घंटे जो पानी आता है, उसी दौरान महिलाएं नहा लें, अपने कपड़े वगैरह भी धो लें और उसी टाइम लिमिट के अंदर पानी स्टोर करके भी रखें। डिप्टी कलेक्टर ने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। इसके बाद अगले दिन विरोध प्रदर्शन खत्म कर दिया गया। पिछले महीने बेंगलुरु में किया था छात्रों ने प्रदर्शन बेंगलुरु की दयानंद सागर यूनिवर्सिटी (DSU) के S-रेसिडेंसी गर्ल्स हॉस्टल में छात्राओं ने बुनियादी सुविधाओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन 26 और 31 अगस्त को हुआ। इस प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने करीब एक महीने से बंद वाई - फाई, सुबह के समय गर्म पानी की कमी, पीने के पानी की क्वालिटी, सफाई और मच्छरों की समस्या उठाई। इसके अलावा बिजली में उतार-चढ़ाव, लीक ओवरफ्लो होती पाइपलाइन, खराब लिफ्ट और खाली वेंडिंग मशीनों की शिकायत भी की। 26 अगस्त की रात को करीब 9:30 बजे छात्रों ने गर्म पानी की शिकायत को लेकर वार्डन से शिकायत की। करीब 300–350 लड़कियों ने विरोध प्रदर्शन किया। लड़कों ने अंडे और पटाखे भी फेंके छात्राओं का आरोप था कि उनकी सुविधाओं की शिकायतों के बजाय हॉस्टल के 9:30 बजे के एंट्री टाइम के बाद बाहर रहने पर ज्यादा जोर दिया गया। प्रदर्शन के दौरान पास के बॉयज हॉस्टल से कुछ लड़कों ने अंडे और पटाखे भी फेंके। छात्रों को कुछ समस्याएं 30 अगस्त तक दूर करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन छात्रों का कहना है कि पर्याप्त सुधार नहीं हुआ। इसके बाद 31 अगस्त को दोबारा प्रदर्शन हुआ, जिसमें लड़के और लड़कियां दोनों शामिल हुए। छात्रों की मांग है कि उन्हें हॉस्टल में बेहतर सुविधाएं, सही मैनेजमेंट और रहने का अच्छा माहौल मिले। हॉस्टल नियमों को लेकर भी सवाल छात्राओं ने सुविधाओं के साथ-साथ लड़के और लड़कियों के हॉस्टल के अलग-अलग नियमों पर भी सवाल उठाए। यहां लड़कियों के लिए 9:30 बजे और लड़कों के लिए 10 बजे की एंट्री सीमा तय की गई है। छात्राएं बाहर का खाना और इलेक्ट्रिक केतली जैसे नियमों को लेकर भी नाखुश हैं। ये खबर भी पढ़ें इंडियन आर्मी में अग्निवीर रैली के लिए टैटू पॉलिसी जारी:ट्राइबल कम्युनिटी और धार्मिक टैटू बनवा सकते हैं, ये 6 तरह के टैटू प्रतिबंधित इंडियन आर्मी ने अग्निवीर रैली के लिए टैटू पॉलिसी जारी की है। इसमें बताया गया है कि शरीर पर कहां टैटू बनवाया जा सकता है और कहां नहीं। अग्निवीर भर्ती में शारीरिक गतिविधियों के साथ उम्मीदवारों के पूरे शरीर की जांच की जाती है। साथ में शरीर पर टैटू भी देखा जाता है क्योंकि सेना में टैटू को लेकर कड़े नियम तय किए गए हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें
Ganesh Chaturthi पर बप्पा के भोग के लिए 10 आसान तरीकों से बनाएं Sugar Free Modak
14 सितंबर 2026, सोमवार को गणेश चतुर्थी पर्व की शुरुआत होने वाली है और यह त्योहार 10 दिन तक मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी पर घर में बप्पा लाने की सबसे ज्यादा एक्साइटमेंट होती है और उन्हें क्या भोग अर्पित करें, इसका सबसे पहला नाम मोदक का ही आता है।
मोदक में मिठास अधिक होती है, जिससे कई लोग चीनी खाने स बचते हैं। यदि आप इस बार गणपति बप्पा के लिए कुछ ऐसा बनाना चाहती हैं, जिसमें अलग से चीनी न डालने पड़े, तो आप कई तरह के मोदक बना सकती हैं।
इसके लिए आपको कोई ज्यादा सामान की जरुरत नहीं है। किचन में मिलने वाली हर एक चीज से आप स्वादिष्ट मोदक बना सकते हैं। इसलिए आप नारियल, ड्राई फ्रूट्स, मखाना, तिल या चॉकलेट से मोदक बनाएंगी तो लोगों को खूब पसंद आएंगे। इस बार आप भोग में एक नहीं बल्कि हर रोज 10 दिन के लिए दस तरह के शुगर फ्री मोदक बना सकते हैं।
10 दिनों तक बप्पा को लगाएं अलग-अलग तरह के मोदक का भोग
गणेश चतुर्थी से लेकर अनंत चतुर्दशी तक आप अलग-अलग तरह के मोदक को भोग बप्पा को लगा सकते हैं-
खजूर-ड्राई फ्रूट्स मोदक
असल में इस मोदर के लिए आपको ज्यादा चीनी डालने की कोई जरुरत नहीं होगी। इसके लिए आप खजूर को पीसकर उसमें बारीक कटे हुए बादाम, काजू और अखरोट मिला लें। अब इस मिश्रण को मोदक के सांचे में भरकर मोदक का शेप दे दें। तैयार हैं आपके खजूर-ड्राई फ्रूट्स मोदक।
नारियल-खजूर मोदक
इसे बनाने के लिए आपको चीनी डालने की कोई जरुरत नहीं है। सबसे पहले आप खजूर को पीस लें और इसमें बारीक कटे हुए बादाम, काजू और अखरोट मिला लें। अब मिश्रण को मोदक के सांचे में भरकर मोदक का शेप दे दें। तैयार है आपके नारियल खजूर मोदक।
तिल-ड्राई फ्रूट्स मोदक
बप्पा के लिए आप कुछ अलग बनाना चाहती हैं, तो तिल वाले मोदक भी बना सकती हैं। इसके लिए तिल को थोड़ा-सा भूनकर पीस लें और इसमें कटे हुए काजू-बादाम मिला दें। इसकी बाइंडिंग के लिए थोड़ा खजूर का पेस्ट डालें और सांचे से मोदक तैयार कर लें।
मखाना मोदक
मखाने का मोदक बनाने के लिए सबसे पहले मखाने को अच्छे से भून लें। फिर इन्हें पीस लें और इसमें ड्राई फ्रूट्स का पाउडर और खजूर का पेस्ट मिलाएं, फिर इस मिश्रण को मोदक के सांचे में दबाकर निकाल लें।
बादाम मोदक
यही पर्व है जब सब लोग बप्पा को भोग में मोदक अर्पित करते हैं। इसे बनाने के लिए बादाम को पीसकर उसमें थोड़ा दूध डालकर सॉफ्ट मिश्रण तैयार कर लें और अब इसमें चीनी की जगह खजूर का पेस्ट मिलाएं और लो फ्लेम पर पकाकर मोदक बना लें।
काजू मोदक
वैसे आपको काजू कतली काफी पसंद होगी है, लेकिन इस बार आप काजू के मोदक जरुर बनाएं और इसका स्वाद बिल्कुल काजू कतली जैसा होता है। इसके बनाने के लिए काजू को पीसकर पाउडर बना लें और इसमें थोड़ा दूध डालकर मिश्रण तैयार कर लें। मिठास के लिए खजूर का पेस्ट मिला दे, फिर इसके मोदक के सांचे में भर दें। तैयार है आपका काजू मोदक।
कोकोनट-ड्राई फ्रूट्स मोदक
आप भी घर पर नारियल और ड्राई फ्रूट्स मोदक भी ट्राई कर सकती है। इसे बनाने के लिए नारियल और ड्राई फ्रूट्स को थोड़ा-सा भूनकर पाउडर बना लें और बाद में इसमें खजूर का पेस्ट मिला लें। मिश्रण तैयार होने के बाद मोदक बना लें।
कोको मोदक
अगर आपको चॉकेलट खाना काफी पसंद हैं, तो आप कोको पाउडर वाला मोदक घर में आसानी से बना सकती हैं। इसे बनाने के लिए मखाने और ड्राई फ्रूट्स के पाउडर में बिना चीनी वाला कोको पाउडर और खजूर का पेस्ट मिला लें। फिर मोदक बना लें।
पीनट मोदक
इतना ही नहीं, आप पीनट के मोदक बना सकते हैं। इसे बनाने के लिए भुनी हुई मूंगफली को पीसकर उसका पाउडर बना लें। अब इसमें खजूर का पेस्ट मिलाकर अच्छी तरह से गूंथ लें। इसके बाद मोल्ड में डालकर मोदक बना लें।
अंजीर-ड्राई फ्रूट्स मोदक
अंजीर वाले मोदक भी खाने में काफी टेस्टी होते हैं। वैसे यह आपको बनाने में थोड़ा महंगा पड़ सकता है। हालांकि इसका स्वाद गजब का होता है। इसे बनाने के लिए सबसे पहले सूखे अंजीर को थोड़ी देर भिगोकर पीस लें। अब इसमें कटे हुए बादाम और काजू मिलाएं और मिश्रण को मोदक का शेप दे दें।
इन बातों का रखें ध्यान
- इन रेसिपी में अलग से चीनी नहीं डाली है।
- खजूर, अंजीर जैसी चीजों में नेचुरल शुगर होती है, यह पूरी तरह शुगर फ्री नहीं है।
- भोग के लिए मोदक बनाए, तो साफ-सफाई का विशेष का ध्यान रखें।
- यदि आपको एक्स्ट्रा मिठास चाहिए, तो ऊपर से पिसी हुई चीनी अलग से कोट कर सकते हैं।
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