Anthropic CEO Dario Amodei ने दी चेतावनी, सुरक्षा के लिए AI विकास की रफ्तार धीमी करना जरूरी
कृत्रिम मेधा (एआई) से जुड़ी कंपनी एंथ्रोपिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डारियो अमोदेई ने कहा है कि एआई उद्योग को तेजी से हो रहे इसके विकास की रफ्तार कुछ धीमी करनी चाहिए ताकि सुरक्षा उपायों को उसके अनुरूप विकसित होने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। अमोदेई ने चेतावनी दी कि अगर एआई के विकास की रफ्तार कम नहीं की गई, तो अगले छह से 12 महीनों के भीतर एआई इतना सक्षम हो सकता है कि वह पूरे इंटरनेट पर अप्रत्यक्ष तौर पर कब्जा कर सकता है। यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब एआई को लेकर एआई जगत के अंदर और बाहर दोनों जगह चिंताएं बढ़ रही हैं।
लगातार ऐसी रिपोर्ट सामने आ रही हैं कि ये प्रणाली बेहद शक्तिशाली हो रही है और जटिल कामों को इंसानों से बेहतर तरीकों से अंजाम दे रही है लेकिन साथ ही यह डर भी बढ़ रहा है कि ये प्रणाली नियंत्रण से बाहर होकर नुकसानदायक काम कर सकती है। एआई को लेकर चिंता इतनी बढ़ गई है कि चैट जीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने भी ‘फॉर्च्यून’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि उनकी कंपनी इस साल शेयर बाजार में अपना आपीओ नहीं लाएगी। कंपनी का कहना है कि फिलहाल उसका ध्यान सुरक्षा और एआई को मानव हितों के अनुरूप रखने पर है।
अमोदेई एआई के क्षेत्र में प्रमुख आवाजों में से एक हैं और उन्होंने अपनी वेबसाइट पर एक पोस्ट में एआई उद्योग पर निगरानी बढ़ाने की एक योजना पेश की। अमोदेई ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि अगर रफ्तार धीमी करने से हमें मॉडल्स के बहुत अधिक काबिल बनने से पहले एक-दो साल और मिल जाएं और हम उस समय का इस्तेमाल ‘अलाइनमेंट’ (सिस्टम को इंसानी मूल्यों के मुताबिक ढालने) को बेहतर बनाने में करें, तो हम किसी बड़ी गड़बड़ी के जोखिम को काफ़ी हद तक कम कर सकते हैं।’’ एआई उद्योग को सुरक्षा कारणों से विकास धीमा करने की सलाह कई वर्षों से दी जाती रही है लेकिन अब यह दबाव और बढ़ गया है, क्योंकि एआई कंपनियों के कुछ कर्मचारियों ने इस्तीफा दिया है और सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया है कि उनकी कंपनियां पर्याप्त जिम्मेदारी से काम नहीं कर रही हैं। एंथ्रोपिक के पूर्व कर्मचारी जो बेंटन ने शुक्रवार को अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए लिखा कि एआई कंपनियों में सुरक्षा पर काम करने वाले कई लोग ऐसे हैं जो दुनिया के लिए सही काम करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन इन कर्मचारियों को ऐसा लगता है कि उनकी कंपनियां “सुपरइंटेलिजेंस” बनाने की होड़ में फंस गई हैं। अगर कोई कंपनी रुकती है, तो दूसरी कम जिम्मेदार कंपनी आगे निकल सकती है लेकिन अगर वह दौड़ में बनी रहती है, तो वह खुद भी बड़े नुकसान का हिस्सा बनने का जोखिम उठाती है।’’ इससे पहले इसी सप्ताह एआई शोधकर्ता जैकब कॉक्सन ने भी एंथ्रोपिक से इस्तीफा दिया था। उन्होंने कहा था कि एंथ्रोपिक और ओपनएआई दोनों कंपनियां‘सुपरइंटेलिजेंस’ की ओर तेजी से बढ़ रही हैं और इस प्रक्रिया में पूरी मानवता की सुरक्षा को जोखिम में डाला जा रहा है।
फेस्टिवल सीजन से पहले 95 टन खाने-पीने की चीजें जब्त:कीमत ₹4.45 करोड़; महाराष्ट्र FDA ने लिया एक्शन, कहा-सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर कार्रवाई होगी
महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने पिछले दो दिनों में राज्यभर में जांच के दौरान बटर, पनीर और खोया जैसी 95 टन से ज्यादा खाने-पीने की चीजें और 172 लीटर दूध जब्त किया। इनकी कीमत करीब ₹4.45 करोड़ है। FDA के मुताबिक, फेस्टिवल से पहले सुरक्षित और स्वच्छ खाने-पीने की चीजें उपलब्ध कराने के लिए यह अभियान चलाया गया। इस दौरान अहिल्यानगर, पुणे, नासिक और बुलढाणा में इन सभी की जांच की गई। कोल्ड स्टोरेज पर छापा मारकर 75 किलो बटर जब्त किया अहिल्यानगर में अधिकारियों ने एक कोल्ड स्टोरेज पर छापा मारकर 75,368 किलो पाश्चराइज्ड अनसॉल्टेड कुकिंग बटर जब्त किया। इसकी कीमत करीब ₹3.95 करोड़ थी। अधिकारियों को स्टॉक की गुणवत्ता खराब होने और लेबलिंग में गड़बड़ी की आशंका थी। सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं और स्टॉक को सील कर दिया गया है। पुणे में FDA अधिकारियों ने दो गाड़ी को रोका, जिनमें फेस्टिवल सीजन में बिक्री के लिए मिलावटी पनीर, खोया और दही ले जाया जा रहा था। फेस्टिवल सीजन 14 सितंबर से गणेश चतुर्थी के साथ शुरू हो रहा है। कर्नाटक से लाए गए पनीर के बिल भी नहीं मिले अधिकारियों को पता चला कि दूध से बने प्रोडक्ट ऐसे गाड़ी में ले जाए जा रहे थे, जिनमें टेम्परेचर कंट्रोल की सुविधा नहीं थी। कर्नाटक से लाए गए पनीर के बिल भी नहीं मिले। कुछ प्रोडक्ट बिना सील की पॉलीथिन में रखे थे और उन पर सही जानकारी वाले लेबल भी नहीं लगे थे। पहले गाड़ी से 24 सैंपल लिए गए और 7,362 किलो पनीर व अन्य खाने-पीने की चीजें जब्त की गईं, जिनकी कीमत ₹17.15 लाख थी। दूसरी गाड़ी से 12 सैंपल लिए गए और 6,081 किलो पनीर जब्त किया गया, जिसकी कीमत ₹14.55 लाख थी। FDA ने पुणे, नासिक और बुलढाणा में छापेमारी की महाराष्ट्र में FDA क्यों चर्चा में, नए कमिश्नर के आने के बाद से एक्शन जारी महाराष्ट्र का फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन यानी FDA पिछले कुछ महीनों से चर्चा में है। इसकी वजह नए FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे हैं। जिन्होंने पद संभालने के 3 महीने के भीतर 1100 से ज्यादा छापे मारे और 165 लाइसेंस सस्पेंड किए। पूरे प्रदेश में नकली पनीर पर बैन लगाया। हाईकोर्ट की अपनी कैंटीन तक नहीं बख्शी। अब सीधे बॉलीवुड के तीन बड़े सितारों शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को विमल के ऐड के लिए नोटिस जारी किया है। सोशल मीडिया पर इन्हें ‘रियल लाइफ सिंघम’ का टैग दिया जा रहा है। ------------- ये खबर भी पढ़ें… बॉम्बे हाईकोर्ट बोला-FDA अधिकारी खुद को भगवान समझते हैं क्या:न नियम पढ़ते- न कानून जानते, कार्रवाई कर देते; 5 रेस्टोरेंट को फूड लाइसेंस वापस मिले बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र के फूड डिपार्टमेंट के काम करने के तरीके पर सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा, अधिकारी न तो हमारा आदेश समझते हैं, न ही एक्ट। वे अपने नियम तक नहीं पढ़ते। न ही कानून जानते बस कार्रवाई कर देते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
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