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बीजेपी को सभी ‘हिजाब’ मंज़ूर नहीं हैं, ऐसा नहीं है, BRICS समिट के लिए झुग्गियों को ढके जाने पर पवन खेड़ा ने केंद्र की आलोचना की

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने शनिवार को 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन से पहले राजधानी के मुख्य रास्तों पर झुग्गी-बस्तियों और कम आय वाले इलाकों को छिपाने के लिए बड़े पर्दे और अस्थायी बैरिकेड लगाने को लेकर बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की। सत्ताधारी पार्टी की राजनीतिक बयानबाजी पर तीखा हमला करते हुए खेड़ा ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि वे गरीबी दूर करने के बजाय विदेशी मेहमानों से भारत की सामाजिक-आर्थिक सच्चाई छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए खेड़ा ने लिखा बीजेपी को सभी 'हिजाब' नापसंद नहीं हैं। जो हिजाब मोदी की नाकामियों को छिपाता है, वह उन्हें बहुत पसंद है।

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इससे पहले दिन में, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि बदलती हुई ग्लोबल व्यवस्था के बीच, सिर्फ़ अलग-अलग बैठकों के नतीजों पर ध्यान देने के बजाय ब्रिक्स (BRICS), आसियान (ASEAN), क्वाड (Quad) और शंघाई सहयोग संगठन (SCO) जैसे मंचों के ज़रिए जुड़ने की प्रक्रिया ज़्यादा ज़रूरी है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि मौजूदा ग्लोबल व्यवस्था ढह गई है और अभी तक कोई नई व्यवस्था नहीं बनी है। ANI से बात करते हुए तिवारी ने कहा, "आखिरकार, दुनिया दिशाहीन हो गई है... इसलिए, पुरानी व्यवस्था, जिसे दूसरे विश्व युद्ध के विजेताओं ने बनाया था, पूरी तरह से ढह गई है। इसकी जगह कोई नई व्यवस्था नहीं बनी है। इसलिए, इन बैठकों को एक प्रक्रिया के तौर पर देखा जाना चाहिए, चाहे वह आसियान हो, ARF हो, क्वाड हो, SCO हो, ब्रिक्स हो या दुनिया भर में मौजूद अन्य संगठन हों। क्योंकि हर कोई अपने पैरों के नीचे पत्थर महसूस करते हुए आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है और यह देखने की कोशिश कर रहा है कि 'दानवों के इस दौर' से क्या निकलेगा, जैसा कि एंटोनियो ग्राम्शी ने कहा था... हम भी आज ऐसी ही स्थिति में हैं।

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उन्होंने आगे कहा, "इसलिए, नतीजों पर ध्यान देने के बजाय, उस प्रक्रिया को मज़बूत और शुरू करने की ज़रूरत है जिससे देश और लोग एक-दूसरे से बातचीत करते रहें। क्योंकि बातचीत की प्रक्रिया से ही एक व्यावहारिक विश्व व्यवस्था बन पाएगी, वरना हम 17वीं और 18वीं सदी के तौर-तरीकों पर वापस लौट जाएंगे।" भारत 12-13 सितंबर को अपनी 2026 की अध्यक्षता में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेज़बानी कर रहा है। भारत की अध्यक्षता "लचीलेपन, इनोवेशन, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण" (Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability) थीम पर आधारित है, जिसमें विकास, स्थिरता और इनोवेशन मुख्य फोकस क्षेत्र हैं।

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Mallikarjun Kharge का Gujarat जल संकट पर BJP पर हमला, CAG रिपोर्ट का दिया हवाला

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुजरात में पेयजल की स्थिति को लेकर शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “हर घर जल” के दावे दूषित पानी में बह गए हैं। खरगे ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि गुजरात में 10 में से करीब नौ नमूने पीने योग्य नहीं पाए गए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के दौरान शुरू की गई ‘सुजलाम-सुफलाम’ योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2004 में इसका जोर-शोर से प्रचार किया गया था, लेकिन आज भी राज्य के कई हिस्सों में लोग पानी के लिए परेशान हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री बनने के बाद इसी तरह के दावों को ‘जल जीवन मिशन’ के माध्यम से आगे बढ़ाया गया। उन्होंने दावा किया कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट ने वर्ष 2022 में गुजरात में 100 प्रतिशत नल कनेक्शन के किए गए दावे पर सवाल उठाए हैं और करीब 14 लाख घर अब भी पानी का इंतजार कर रहे हैं। खरगे ने अहमदाबाद जिले के धोलका में दूषित पानी पीने के कारण 54 लोगों की कैंसर से मौत होने संबंधी हालिया खबर का भी हवाला दिया।

उन्होंने सौराष्ट्र के राजकोट और जामनगर तथा कच्छ-सौराष्ट्र के अन्य इलाकों में पेयजल संकट और किसानों के सूखे से जूझने का दावा किया। खरगे ने कहा कि गुजरात की जनता को 2047 तक ‘विकसित भारत’ का सपना दिखाया जा रहा है, लेकिन भाजपा के करीब 28 वर्षों के शासन में ‘‘झूठा प्रचार’’ और ‘‘नकली रंगीन तस्वीरें’’ दिखाकर लोगों की आंखों में धूल झोंकी गई। कांग्रेस अध्यक्ष ने ‘सुजलाम-सुफलाम’ नाम पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘भाजपा राज में न तो ‘सुजलाम’ यानी शुद्ध पानी है और न ही ‘सुफलाम’ यानी भरपूर उपज और फसल है।

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  Sports

बिना शतक टेस्ट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले 5 खिलाड़ी, दो 99 पर हुए आउट, 19 साल से अटूट विश्व कीर्तिमान

5 cricketers Most runs in test without a hundred: टेस्ट क्रिकेट में 100 रन का आंकड़ा हर बल्लेबाज का सपना होता है. लेकिन क्रिकेट इतिहास में शेन वॉर्न, निरोशन डिकवेला, मिचेल स्टार्क, टिम साउदी और चेतन चौहान ऐसे दिग्गज रहे, जिन्होंने बल्ले से 2000 से ज्यादा रन बनाए, दर्जनों अर्धशतक जड़े, लेकिन नियति ने उनके नाम के आगे कभी तीन अंकों का जादू दर्ज नहीं होने दिया. वॉर्न और स्टार्क 99 रन पर आउट होकर बदकिस्मत रहे. बिना शतक के भी इन 5 सूरमाओं की पारियों का प्रभाव किसी यादगार शतक से कम नहीं रहा. Sun, 13 Sep 2026 05:01:02 +0530

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