Ganesh Chaturthi Special: गणपति बप्पा के रंग में रंगी हैं बॉलीवुड की ये फिल्में, भक्ति और विसर्जन बनीं कहानी की जान
Ganesh Chaturthi Special: हर साल जब भी गणेश चतुर्थी का त्योहार आता है तो देशभर में गणपति बप्पा की भक्ति का रंग देखने को मिलता है. खासकर मुंबई और महाराष्ट्र में गणेश चतुर्थी की रौनक देखने को मिलती है. बॉलीवुड में तो कई सेलेब्स ने तो गणेश चतुर्थी की तैयारी भी शुरू कर दी है. इस त्योहार पर कही बड़े-बड़े गणपति पंडाल, ढोल-नगाड़े, आरती, भक्ति गीत और बप्पा के विसर्जन का नजारा देखने को मिलता है. बॉलीवुड भी गणपति बप्पा के इस खास उत्सव से काफी जुड़ा रहा है, फिल्मों में भक्ति और विजर्सन को काफी शानदार अंदाज में दिखाया गया है, जो कहानी की जान बन गई थी.आइए उन फिल्मों के बारे में जानते हैं.
'डॉन' में गणपति विसर्जन के दौरान दिखा सस्पेंस
शाहरुख खान की फिल्म 'डॉन' में गणपति उत्सव को बेहद खास तरीके से दिखाय गया. जिसमें गणपति विसर्जन का एक बड़ा जुलूस दिखाई देता है, जिसमें मुंबई की सड़कों पर गणपति बप्पा की भक्ति, ढोल-नगाड़े और डांस का माहौल दिखाई देता है. इसी दौरान 'मोर्या रे' गाना भी फिल्माया गया है, जो गणपति उत्सव की एनर्जी को पर्दे पर शानदार तरीके से दिखाता है.
इस सीन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि गणपति विसर्जन यहां सिर्फ बैकग्राउंड में चल रहा त्योहार नहीं है बल्कि सड़कों पर हजारों लोगों की भीड़ बप्पा की भक्ति में डूबी हुई नजर आती है. ऐसा लगता है कि ये कोई मूवी का सीन हीं है बल्कि असली में सबकुछ हो रहा है.
'अग्निपथ' में गणपति बप्पा की भक्ति के बदले की आग
ऋतिक रोशन की 'अग्निपथ' में भी गणपति बप्पा की भक्ति को बेहद खास अंदाज में दिखाया गया है. फिल्म का 'देवा श्री गणेशा' आज भी लोगों को पसंद है. इसकी पॉपुलैरिटी का अंदाज इसी लगया जा सकता है कि गणपति विसर्जन के दौरान भक्त इस गाने बजाते हैं. फिल्म के पूरे सीक्वेंस में गणपति बप्पा की पूजा, आरती, ढोल-नगाड़े, गुलाल और भक्तों की भारी भीड़ दिखाई देती है.
'एबीसीडी' में गणपति बप्पा की भक्ति के साथ हुआ डांस का धमाका
रेमो डिसूजा की फिल्म 'एबीसीडी' डांस पर बेस्ड मूवी है और इसमें गणपति बप्पा की भक्ति को भी डांस के जरिए पेश किया गया. फिल्म के क्लाइमेक्स में गणपति बप्पा को समर्पित 'सड्डा दिल वि तू' पर शानदार परफॉर्मेंस देखने को मिलती है. इस परफॉर्मेंस में गणपति बप्पा की भक्ति के साथ मॉडर्न डांस स्टाइल भी देखने को मिलता है. जहां एक तरफ बप्पा के प्रति श्रद्धा और सम्मान है, वहीं दूसरी तरफ डांसर्स अपनी पूरी एनर्जी के साथ डांस करते हैं. हिप-हॉप जैसे मॉडर्न डांस स्टाइल के साथ गणपति भक्ति का यह मेल काफी शानदार नजर आता है.
'अतिथि तुम कब जाओगे?' में दिखा गणपति बप्पा से जुड़ा एंगल
अजय देवगन, कोंकणा सेन और परेश रावल की 'अतिथि तुम कब जाओगे?' एक कॉमेडी फिल्म है, लेकिन इसमें गणपति बप्पा से जुड़ा एक खूबसूरत और इमोशनल एंगल भी देखने को मिला. फिल्म में घर के अंदर गणपति बप्पा की स्थापना, पूजा और आरती को फिल्म की कहानी का हिस्सा बनाया गया है. फिल्म में एक तरफ गणपति बप्पा को श्रद्धा के साथ विदा किया जाता है, तो दूसरी तरफ फैमिली उस मेहमान से भी छुटकारा पाने की उम्मीद करता है. इस पूरे मोमेंट में कॉमेडी के साथ इमोशन भी देखने को मिलता है.
'शोर इन द सिटी' में गणेशोत्सव बनी पूरी फिल्म की कहानी का हिस्सा
'शोर इन द सिटी' गणपति उत्सव से जुड़ी सबसे बेहतरीन फिल्म से एक है. इसकी कहानी मुंबई में 10 दिनों तक चलने वाले गणेशोत्सव के बैकड्रॉप पर आधारित है. शुरुआत गणेश चतुर्थी के मौके से होती है और कहानी आगे बढ़ते-बढ़ते गणपति विसर्जन तक पहुंचती है. जिसमें मुंबई के गणपति उत्सव का शोर, सड़कों की भीड़, लाउडस्पीकर और पंडाल सबकुछ दिखाया जाता है. इसी गणेशोत्सव के बीच तीन अलग-अलग कहानियां आगे बढ़ती हैं और धीरे-धीरे आपस में जुड़ती हैं.
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Ganesh Chaturthi 2026: गणपति बप्पा को क्यों चढ़ाते हैं 21 दूर्वा? जानें इसका धार्मिक महत्व
Ganesh Chaturthi 2026: गणेश चतुर्थी इस साल 14 सितंबर 2026 रो मनाई जाएगी. इस दौरान प्रथम पुज्य भगवान गणपति का जन्मोत्सव मनाया जाता है. गणेश चतुर्थी का त्योहार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से चतुर्दशी तिथि तक मनाया जाता है. चतुर्दशी के दिन गणपति बप्पा का विसर्जन किया जाता है. भगवान गणेश की पूजा में दूर्वा का खास महत्व होता है. दूर्वा की घास अत्यंत प्रिय मानी जाती है क्योंकि इस घास को पवित्र माना गया है. इसके बिना बप्पा की पूजा अधूरी मानी जाती है. आइए जानते हैं दूर्वा चढ़ाने का महत्व क्या है.
दूर्वा घास का गणेश पूजन में है विशेष स्थान
गणेश जी की पूजा में दूर्वा यानी की हरी घास का खास स्थान होता है. जिस तरह से गणेश जी का प्रिय भोग मोदक है, उसी प्रकार उन्हें दूर्वा भी अर्पित की जाती है. यह परंपरा सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं होती है. इसका संबंध गहरी आस्था से भी जुड़ा हुआ है. पौराणिक कथा के अनुसार, गणेश जी की गर्मी शांत करने के लिए उन्हें ये घासें चढ़ाई गई थी. अलग-अलग परंपराओं में बप्पा को 21 दूर्वा चढ़ाने के नियम है. दूर्वा का संबंध शरीर, मन, विचार और जीवन के तत्वों से जुड़ा हुआ है.
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क्या है 21 दूर्वा अर्पित करने की पौराणिक कथा?
ज्योतिषाचार्य हरीगोपाल शर्मा बताते हैं कि पौराणिक कथाओं में उल्लेख है कि एक बार अनलासुर नाम का एक भयंकर दैत्य था, जिसनें तीनों लोकों में अपना आतंक मचाया हुआ था. उसके तन से निकलने वाली अग्नि और उसके उग्र स्वभाव से देवता और ऋषि त्राहिमाम करने लगे थे. जब गणेश जी ने अनलासुर का वध किया था, तो उसके तेज से गणेश जी के शरीर में अत्यधिक गर्मी होने लगी. इस समस्या से गणेश जी को राहत दिलाने के लिए देवताओं ने अनेक उपाय किए, लेकिन गर्मी कम नहीं हो रही थी. तब ऋषियों ने उन्हें दूर्वा अर्पित की, जिससे उनका ताप कम हुआ. बस तभी से ही गणेश जी को दूर्वा अत्यंत प्रिय मानी जाती है. दूर्वा हरी और कोमल घासें होती हैं, जो शीतलता और सात्विकता का प्रतीक है. इन्हें अर्पित करने से मन की अशांति दूर होती है और जीवन में शांति आती है. इसके अलावा, दूर्वा का संबंध चंद्रमा से भी माना जाता है, जो शांति और आयु का कारक है. इसलिए, गणेश जी को दूर्वा अर्पित करने से दीर्घायु और सुख-समृद्धि आती है. इसलिए, गणेश चतुर्थी महोत्सव में प्रत्येक दिन उन्हें दूर्वा अर्पित की जाती है.
सिर्फ 21 की संख्या में ही क्यों चढ़ाई जाती है दूर्वा
21 नंबर संख्या का संबंध गणेश भगवान से विशेष रूप से जुड़ा हुआ है. धर्म शास्त्रों में गणेश जी के कुल 21 नामों की व्याख्या है. इसलिए, 21 दूर्वा अर्पित करने का मतलब है कि गणेश जी के सभी रूपों और शक्तियों को प्रसन्न करना. इस संख्या को पूर्णता और समर्पण का प्रतीक माना जाता है. कुछ परंपराओं में 21 संख्या को पांच ज्ञानेंद्रियां, पांच कर्मेंद्रियां, पांच प्राण, पांच तत्व और मन का प्रतीक भी कहा जाता है. इसलिए, 21 दूर्वा गणेश जी को चढ़ाई जाने की परंपरा है.
बप्पा को कैसे चढ़ाएं 21 दूर्वा?
गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश जी को दूर्वा अर्पित करने के लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए. दूर्वा आपको साफ और ताजी लेनी चाहिए. कुछ पूजा पद्धतियों में आपको दूर्वा की छोटी-छोटी गांठों को गणेश जी को अर्पित करना होता है. अगर 21 दूर्वा अर्पित कर रहे हैं तो स्वच्छ घासों के भगवान गणेश के चरणों में रखें. इसके बाद गणेश जी के मंत्रों का जाप करें. आप ऊं गं गणपतये नम: मंत्र का जाप कर सकते हैं.
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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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