BRICS Summit 2026: ब्रिक्स समिट के पहले दिन भारत मंडपम के अंदर से खास रिपोर्ट
BRICS Summit 2026: 18वें ब्रिक्स समिट की शुरुआत आज से होने जा रही है. ऐसे में आज का दिन भारत के लिए काफी अहम माना जा रहा है. ब्रिक्स समिट से पहले शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात हुई. इस मुलाकात में तमाम आयाम देखे जा रहे हैं. वहीं आज पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भी मुलाकात होने जा रही है.
ये इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि भारत की अर्थव्यवस्था पूरे ग्लोबल साउथ में लगातार बढ़ती जा रही है. चाहे वो अर्थव्यवस्था की बात हो या पेमेंट गेटवे की बात हो या फिर ब्रिक्स करेंसी की बात हो. इन तमाम मुद्दों को लेकर के इस ब्रिक्स सम्मेलन में चर्चा होने जा रही है. भारत खासतौर से अपनी सीबीडीसी यानी डिजिटल करेंसी उसको आगे रखने की कोशिश करेगा. साथ में जो ब्रिक्स देश हैं वो डीडोलराइजेशन की तरफ आगे बढ़ रहे हैं. देखें ये ग्राउंड रिपोर्ट...
ये भी पढ़ें: BRICS सम्मेलन के चलते दिल्ली में ट्रैफिक डायवर्जन, घर से निकलने से पहले जरूर पढ़ें एडवाइजरी
फरीदाबाद में ट्रैफिक से मिलेगी बड़ी राहत! 4-लेन फ्लाईओवर से जुड़ेंगे NIT और ग्रेटर फरीदाबाद
Faridabad New Flyover: हरियाणा के फरीदाबाद शहर में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और व्यस्त चौराहों को जाम से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से एक बड़ा बुनियादी ढांचा तैयार किया जा रहा है. शहर के तीन नंबर पुलिया से लेकर दशहरा मैदान तक 4-लेन के नए फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा. इस महत्वाकांक्षी परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की दिशा में काम शुरू हो चुका है. यह प्रस्तावित फ्लाईओवर अवंतीबाई चौक और ईएसआई चौक जैसे प्रमुख और बेहद व्यस्त इलाकों से होकर गुजरेगा, जिससे रोजाना सफर करने वाले वाहन चालकों को भारी राहत मिलेगी.
एनआईटी और ग्रेटर फरीदाबाद के बीच बेहतर कनेक्टिविटी
वर्तमान में फरीदाबाद के पूर्वी क्षेत्र यानी ग्रेटर फरीदाबाद को एनआईटी क्षेत्र के सैनिक कॉलोनी वाले छोर से जोड़ने के लिए सीधी और सुचारू सड़क व्यवस्था की कमी है. सीधी कनेक्टिविटी न होने के कारण चालकों को घूमकर लंबे रास्तों से गुजरना पड़ता है, जिससे न केवल समय की बर्बादी होती है बल्कि उन्हें विभिन्न स्थानों पर भीषण जाम का सामना भी करना पड़ता है. मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलते ही फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (FMDA) ने ईस्ट-वेस्ट परियोजना पर तेजी से कदम आगे बढ़ाए हैं.
ये भी पढ़ें: दिल्लीवासियों के लिए बड़ी खबर! 8 किलोमीटर एलिवेटेड रोड से लेकर मयूर विहार अंडरपास तक ये होगा बदलाव
नए एलिवेटेड फ्लाईओवर और रूट की योजना
ईस्ट-वेस्ट परियोजना के तहत ईएसआईसी चौक से सैनिक कॉलोनी तक लगभग 1600 मीटर लंबा एलिवेटेड फ्लाईओवर बनाने का खाका तैयार किया गया है. भौगोलिक दृष्टि से फरीदाबाद तीन हिस्सों में विभाजित है, जिसके चलते एनआईटी क्षेत्र से सेक्टर 12 या ओल्ड फरीदाबाद की तरफ जाने वाले लोगों को नीलम, बाटा या एनएचपीसी रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) का सहारा लेना पड़ता है. इसके बाद दिल्ली-आगरा हाईवे के अंडरपास और आगरा नहर को पार करके ही ग्रेटर फरीदाबाद पहुँच पाना संभव होता है. इस लंबी और जटिल यात्रा को सुलभ बनाने तथा ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए यू-टर्न सड़कों का निर्माण भी योजना में शामिल किया गया है.
सात प्रमुख स्थानों पर बनेंगे फ्लाईओवर और अंडरपास
ईस्ट-वेस्ट परियोजना के व्यापक ढांचे के अंतर्गत शहर के सात महत्वपूर्ण स्थानों पर नए फ्लाईओवर और अंडरपास बनाने का प्रस्ताव है. इनमें से एक फ्लाईओवर बड़खल गांव के ऊपर से गुजरेगा, जबकि दूसरा फ्लाईओवर सैनिक कॉलोनी मोड़ पर गुरुग्राम रोड से उतरकर बड़खल रोड तक जाएगा. तीसरे फ्लाईओवर का निर्माण बड़खल गांव को पार करते हुए झील के समीप करने की योजना है. चौथा महत्वपूर्ण फ्लाईओवर अनखीर चौक पर बनेगा, जो सीधे अनखीर-गुरुग्राम मार्ग को जोड़ेगा.
ये भी पढ़ें: BRICS Summit 2026 Live Updates: ब्रिक्स समिट के लिए दिल्ली पहुंचे उज्बेकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री जमशेद कुचकारोव
परियोजना की डीपीआर तैयार करने के लिए एफएमडीए की तरफ से एक तकनीकी कंसल्टेंट नियुक्त करने की प्रक्रिया जारी है. चुना गया कंसल्टेंट निर्माण से जुड़ी तमाम तकनीकी संभावनाओं, डिजाइन, ढांचागत जरूरतों और परियोजना की आर्थिक उपयोगिता का गहन अध्ययन करेगा. हाल ही में एफएमडीए के कार्यकारी अभियंता केएस पठानिया ने टीम के साथ सैनिक कॉलोनी से ईएसआई चौक तक के प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया. इस दौरान फ्लाईओवर के डिजाइन और निर्माण मार्ग में आने वाली संभावित रुकावटों की जांच की गई, ताकि डीपीआर फाइनल होते ही आगे की निर्माण प्रक्रिया शुरू की जा सके.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation







