RPSC Exam City Slip 2026: फैक्ट्री और बॉयलर इंस्पेक्टर परीक्षा की सिटी स्लिप जारी, 19 सितंबर को एग्जाम; ऐसे करें डाउनलोड
राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से फैक्ट्री और बॉयलर इंस्पेक्टर परीक्षा के लिए एग्जाम सिटी स्लिप जारी कर दी गई है। सिटी स्लिप में उम्मीदवारों को यह जानकारी मिलेगी कि उनकी परीक्षा किस शहर में आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थी इसे आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन चेक और डाउनलोड कर सकते हैं।
सिटी स्लिप डाउनलोड करने के लिए उम्मीदवारों को rpsc.rajasthan.gov.in पर जाना होगा। वेबसाइट के होमपेज पर संबंधित Exam City Slip सेक्शन में जाकर RPSC Factories & Boiler Inspector Exam City Details 2026 लिंक पर क्लिक करना होगा। इसके बाद मांगी गई लॉगिन डिटेल दर्ज करने पर परीक्षा की सिटी डिटेल स्क्रीन पर दिखाई देगी।
उम्मीदवार सिटी स्लिप को डाउनलोड करने के साथ इसका प्रिंटआउट भी निकालकर सुरक्षित रख सकते हैं। हालांकि, परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के लिए केवल सिटी स्लिप ही पर्याप्त होगी या नहीं, इसके लिए अभ्यर्थियों को आयोग की ओर से जारी एडमिट कार्ड और परीक्षा संबंधी निर्देश जरूर देख लेने चाहिए।
ऐसे डाउनलोड करें RPSC Exam City Slip 2026
- सबसे पहले RPSC की आधिकारिक वेबसाइट rpsc.rajasthan.gov.in पर जाएं।
- होमपेज पर Exam City Slip से संबंधित लिंक पर क्लिक करें।
- अब RPSC Factories & Boiler Inspector Exam City Details 2026 लिंक चुनें।
- इसके बाद मांगी गई लॉगिन डिटेल दर्ज करें।
- सबमिट करने के बाद आपकी Exam City Slip स्क्रीन पर दिखाई देगी।
- इसे डाउनलोड करें और भविष्य के लिए इसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।
19 सितंबर को होगी परीक्षा
RPSC फैक्ट्री और बॉयलर इंस्पेक्टर परीक्षा का आयोजन 19 सितंबर 2026 को राजस्थान के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा। परीक्षा में कुल 150 अंकों के 150 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र हल करने के लिए 2 घंटे 30 मिनट का समय मिलेगा।
परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग भी लागू होगी। प्रत्येक गलत उत्तर के लिए निर्धारित अंक का एक-तिहाई अंक काटा जाएगा। इसलिए उम्मीदवारों को परीक्षा में प्रश्नों का उत्तर देते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
Parenting Tips: बच्चा हर वक्त स्क्रीन पर रहता है? व्यवहार में आए ये बदलाव तो हो जाएं सावधान
Screen Time Effects on Children: आजकल मोबाइल, टीवी और टैबलेट बच्चों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुके हैं। कार्टून से लेकर गेम और पढ़ाई तक, स्क्रीन के सामने बिताया समय कब जरूरत से ज्यादा हो जाता है, पता ही नहीं चलता।
लेकिन ज्यादा स्क्रीन टाइम का असर बच्चे के मूड, नींद और ध्यान पर भी नजर आ सकता है। अगर आपका बच्चा भी हर समय स्क्रीन मांगता है, तो इन बदलावों पर जरूर दें ध्यान।
1. छोटी-छोटी बात पर चिड़चिड़ापन
अगर बच्चा स्क्रीन बंद करने पर बार-बार गुस्सा करता है, जिद करता है या बहुत चिड़चिड़ा हो जाता है, तो उसके स्क्रीन इस्तेमाल की आदत पर ध्यान देना जरूरी है। ज्यादा स्क्रीन के इस्तेमाल से बच्चों के टैंट्रम या भावनात्मक व्यवहार बदल सकता है।
2. पढ़ाई में ध्यान लगाने में परेशानी
लगातार मोबाइल या दूसरे स्क्रीन डिवाइस में व्यस्त रहने से बच्चे का ध्यान दूसरी गतिविधियों में लगाने में परेशानी हो सकती है। ज्यादा मोबाइल इस्तेमाल करने वाले बच्चों में पढ़ाई के दौरान ध्यान न लगा पाने की परेशानी सामने आती है।
3. नींद का बिगड़ना
खासकर रात में मोबाइल चलाने की आदत बच्चों की नींद के समय को प्रभावित कर सकती है। स्क्रीन की वजह से बच्चा देर तक जागता रहे या सोने का समय लगातार बदलता रहे, तो उसकी दिनचर्या पर असर पड़ सकता है।
4. हर समय मोबाइल की मांग करना
अगर बच्चा बार-बार फोन मांगता है और डिवाइस न मिलने पर बेचैन या परेशान होने लगता है, तो यह उसकी स्क्रीन आदत पर ध्यान देने का संकेत हो सकता है।
5. परिवार के साथ समय कम करना
स्क्रीन में ज्यादा व्यस्त रहने से बच्चों का परिवार के साथ बातचीत, खेलकूद और दूसरी गतिविधियों में समय कम हो सकता है। इसलिए सिर्फ स्क्रीन के घंटे गिनने के बजाय यह देखना भी जरूरी है कि उसकी वजह से बच्चे की बाकी दिनचर्या तो प्रभावित नहीं हो रही।
बच्चे का स्क्रीन टाइम कैसे करें बैलेंस?
बच्चे से अचानक मोबाइल या टीवी पूरी तरह छीनने के बजाय धीरे-धीरे एक तय रूटीन बनाना बेहतर तरीका हो सकता है। खाना खाते समय और सोने से पहले स्क्रीन से दूरी रखने, रोज कुछ समय आउटडोर गेम्स, पढ़ने या परिवार के साथ बातचीत के लिए तय करने से स्क्रीन की आदत को संतुलित करने में मदद मिल सकती है।
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