kitchen Tips: गर्म रोटी को डिब्बे में रखते समय न करें ये गलती, वरना सॉफ्ट की जगह हो जाएगी गीली
Soft Roti Tips: रोटी बनाते समय अक्सर कोशिश रहती है कि खाना परोसने तक वह गर्म और मुलायम बनी रहे। लेकिन रोटी को सीधे गर्म डिब्बे में बंद करने पर भाप जमा हो सकती है, जिससे उसका स्वाद और बनावट दोनों बदल जाते हैं। अगर आप भी इस परेशानी से बचना चाहते हैं, तो इन 5 आसान तरीकों को आजमा सकते हैं।
1. रोटी को तुरंत बंद डिब्बे में न रखें
तवे से उतारने के बाद रोटी से निकलने वाली गर्म भाप अगर अंदर ही बंद हो जाए, तो नमी बढ़ सकती है। इसलिए रोटी को कुछ पल खुला रखने के बाद ही स्टोर करें।
2. कपड़े या साफ सूती नैपकिन का करें इस्तेमाल
रोटियों को रखने वाले डिब्बे में साफ सूती कपड़ा बिछा सकते हैं। इसके बाद रोटियां रखें और ऊपर से भी हल्का कपड़ा रख दें। इससे अतिरिक्त नमी को संभालने में मदद मिल सकती है और रोटियां ज्यादा गीली नहीं पड़ेंगी।
3. रोटियों को बहुत ज्यादा न दबाएं
एक के ऊपर एक रोटियां रखने के बाद उन्हें बहुत कसकर दबाने से बचें। रोटियों के बीच थोड़ी जगह रहने पर भाप आसानी से निकल सकती है और वे चिपचिपी होने से बच सकती हैं।
4. सही डिब्बे का इस्तेमाल करें
रोटी रखने के लिए ऐसा डिब्बा इस्तेमाल करें जो गर्मी को कुछ समय तक बनाए रख सके, लेकिन उसमें भाप पूरी तरह फंस न जाए। जरूरत से ज्यादा गर्म रोटियों को लंबे समय तक एयरटाइट कंटेनर में बंद करना उन्हें गीला कर सकता है।
5. रोटी बनाते समय आंच का रखें ध्यान
बहुत तेज आंच पर रोटी जल्दी सिक सकती है, लेकिन ज्यादा देर पकाने से वह सूखी भी हो सकती है। रोटी को सही समय पर पलटकर पकाएं और तवे से उतारते ही सही तरीके से रखें।
रोटी को सॉफ्ट रखने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
- आटा गूंथते समय उसमें पर्याप्त पानी डालना, उसे कुछ समय आराम देना और रोटी को जरूरत से ज्यादा न पकाना भी जरूरी है।
- साथ ही, बनी हुई रोटियों को सही तरीके से रखने से उनका स्वाद और नरमी कुछ समय तक बरकरार रखने में मदद मिल सकती है।
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Wooden Doors: मानसून में लकड़ी के दरवाजे हो जाते हैं टाइट और जाम? ये आसान उपाय दिलाएंगे राहत
Wooden Doors: बारिश का मौसम आते ही घर में नमी बढ़ने लगती है। इसका असर दीवारों, फर्नीचर और खासकर लकड़ी के दरवाजों पर दिखाई देने लगता है। कई घरों में इस दौरान दरवाजा बंद करने या खोलने में परेशानी होने लगती है। दरवाजा फ्रेम में अटकने लगता है और कई बार इतना फूल जाता है कि उसे खोलने के लिए जोर लगाना पड़ता है।
दरअसल, लकड़ी एक प्राकृतिक पदार्थ है और इसमें मौजूद छोटे-छोटे छिद्र वातावरण की नमी को सोखते हैं। जब बारिश के दिनों में हवा में नमी अधिक होती है तो लकड़ी के अंदर पानी की मात्रा बढ़ने लगती है। इसके कारण लकड़ी फैल सकती है। अगर दरवाजे की लकड़ी पर सही तरीके से पेंट, पॉलिश या सीलेंट की सुरक्षा नहीं है, तो यह समस्या और बढ़ सकती है।
बारिश में लकड़ी के दरवाजे क्यों फूल जाते हैं?
लकड़ी की सबसे बड़ी खासियत यही है कि यह वातावरण के हिसाब से नमी को सोखती और छोड़ती रहती है। बारिश में हवा में मौजूद नमी लकड़ी के अंदर पहुंच जाती है। इससे उसके रेशों में फैलाव होता है और दरवाजे का आकार थोड़ा बढ़ सकता है।
दरवाजा और उसका फ्रेम बहुत कम अंतर के साथ फिट किया गया हो तो हल्का-सा फैलाव भी परेशानी पैदा कर सकता है। ऐसे में दरवाजा फ्रेम से रगड़ खाने लगता है और खोलने-बंद करने में दिक्कत होती है।
पानी सीधे लगने से बढ़ सकती है परेशानी
अगर दरवाजे के निचले हिस्से पर बारिश का पानी पड़ता है या पोछा लगाते समय वहां पानी जमा रहता है, तो लकड़ी ज्यादा नमी सोख सकती है। खासकर दरवाजे का निचला किनारा और कोने जल्दी प्रभावित होते हैं।
इसलिए बारिश के दिनों में दरवाजे के आसपास पानी जमा न होने दें। अगर पानी पड़ जाए तो सूखे कपड़े से उसे तुरंत साफ कर दें।
पेंट और पॉलिश की सुरक्षा पर दें ध्यान
लकड़ी के दरवाजे को नमी से बचाने में अच्छी क्वालिटी का पेंट, वार्निश, पॉलिश या वुड सीलेंट मदद कर सकता है। यह लकड़ी की सतह पर एक सुरक्षात्मक परत बनाता है, जिससे नमी का सीधे अंदर जाना कम हो सकता है।
समय के साथ अगर पेंट या पॉलिश उखड़ने लगे, दरारें दिखाई दें या सतह पर लकड़ी खुली नजर आने लगे तो उसकी दोबारा फिनिशिंग कराना बेहतर होता है।
दरवाजे के निचले हिस्से की जांच करें
बारिश के मौसम में सबसे पहले दरवाजे के निचले हिस्से को देखें। अगर यहां सूजन, रंग बदलना, दरार या लकड़ी नरम होने जैसी समस्या दिखाई दे रही है तो इसे नजरअंदाज न करें।
हल्की समस्या होने पर प्रभावित हिस्से को अच्छी तरह सुखाकर उसकी सतह की फिनिशिंग कराई जा सकती है। अगर लकड़ी काफी फूल चुकी है तो बढ़ई से जांच करवाना बेहतर है।
घर में वेंटिलेशन रखें बेहतर
सिर्फ दरवाजे को पेंट कर देना ही पर्याप्त नहीं है। घर के अंदर हवा का आवागमन भी अच्छा होना चाहिए। कमरे में बहुत ज्यादा नमी रहने पर लकड़ी के फर्नीचर और दरवाजों पर इसका असर पड़ सकता है।
बारिश के दौरान जब मौसम में थोड़ी धूप हो, तब कुछ समय के लिए खिड़कियां खोलकर कमरे में हवा का प्रवाह बढ़ाया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर डिह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
दरवाजा फूल जाए तो क्या करें?
अगर बारिश में दरवाजा हल्का फूल गया है तो उसे बार-बार जोर लगाकर बंद करने या खोलने की कोशिश न करें। इससे दरवाजे, फ्रेम या कब्जों को नुकसान पहुंच सकता है।
पहले पता करें कि दरवाजा किस हिस्से से रगड़ रहा है। लकड़ी सूखने के बाद कई बार उसका आकार सामान्य होने लगता है। अगर समस्या बनी रहती है तो बढ़ई से प्रभावित हिस्से को हल्का ट्रिम करवाया जा सकता है।
इसके बाद उस हिस्से पर उचित सीलेंट, पेंट या वार्निश लगाना जरूरी है, ताकि लकड़ी दोबारा नमी जल्दी न सोखे।
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लेखक: (कीर्ति)
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