Russia पर प्रतिबंध और भारत पर Tariff से जुड़े विधेयक पर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में अगले सप्ताह मतदान
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) अगले सप्ताह रूस पर प्रतिबंधों से जुड़े एक बेहद कड़े और चर्चित विधेयक पर मतदान करने जा रही है। ‘लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट, 2026’ नामक यह विधेयक यदि पारित हो जाता है, तो यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस के साथ-साथ रूसी तेल और प्राकृतिक गैस खरीदने वाले भारत जैसे प्रमुख व्यापारिक साझेदार देशों पर भारी टैरिफ (शुल्क) लगाने के व्यापक अधिकार प्रदान करेगा। यह विधेयक पिछले महीने अमेरिकी सीनेट द्वारा भारी बहुमत से पारित किया जा चुका है। अब प्रतिनिधि सभा की नियम समिति (Rules Committee) सोमवार को इस पर विचार करेगी और इसके बाद इसे सदन के पटल पर मतदान के लिए रखा जाएगा।
डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्य इसका कड़ा विरोध कर रहे हैं। यदि प्रतिनिधि सभा भी इसे पारित कर देती है तो यह विधेयक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस एवं रूसी तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर और कड़े प्रतिबंध लगाने का अधिकार देगा। इसके अलावा ईरान पर पहले से लागू प्रतिबंधों को भी बढ़ाया जा सकेगा।
प्रतिनिधि सभा में अल्पमत के नेता हकीम जेफ्रीज समेत कई डेमोक्रेटिक सांसदों ने इस विधेयक का विरोध किया है। उनका कहना है कि इससे ट्रंप को शुल्क लगाने के व्यापक और जोखिम भरे नए अधिकार मिल जाएंगे। डेमोक्रेटिक सांसद ग्रेगरी मीक्स, डॉन बेयर और रिचर्ड नील ने शुक्रवार को एक संयुक्त बयान में कहा, ‘‘प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेटिक सदस्य यूक्रेन के समर्थन में पूरी मजबूती से खड़े हैं लेकिन ‘लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट’ से फायदा होने के बजाय नुकसान अधिक होगा।’’ इसे भी पढ़ें: Explained Story | दोस्त, दुश्मन और ट्रंप फैक्टर... भारत के लिए BRICS में संतुलन बनाने की बड़ी चुनौती | BRICS Summit 2026
उन्होंने कहा, ‘‘यह विधेयक शुल्क लगाने के राष्ट्रपति के अधिकारों का बहुत अधिक विस्तार करेगा लेकिन रूस पर प्रतिबंध लगाना अनिवार्य नहीं बनाएगा। ये दोनों ही बातें अस्वीकार्य हैं। इन खामियों के कारण अमेरिकियों के लिए वस्तुएं महंगी होंगी और दीर्घकाल के लिहाज से यूक्रेन के लिए समर्थन कमजोर होगा।’’
प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकन नेतृत्व ने पहले इस विधेयक को कार्यसूची से हटा दिया था लेकिन अब इसे आपात कदम के तौर पर नियम समिति के विचार के लिए फिर से लाया गया है। सीनेट की विदेश संबंध समिति की ‘रैंकिंग’ सदस्य जीन शाहीन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘यह बहुत अच्छी खबर है कि प्रतिनिधि सभा रूस पर बेहद जरूरी प्रतिबंध संबंधी विधेयक पर मतदान करेगी।’’ इसे भी पढ़ें: 25th Anniversary of 9/11 Attacks | 'आतंकवाद के पूरी तरह खात्मे तक साथ लड़ेंगे भारत-अमेरिका', पेंटागन स्मारक पर भारतीय राजदूत ने दी श्रद्धांजलि
उन्होंने कहा, ‘‘पुतिन की युद्ध मशीन के कारण यूक्रेन के आम नागरिक लगातार मारे जा रहे हैं और यह विधेयक क्रेमलिन के खजाने पर बड़ी चोट करेगा। अब इसे पारित करने और पुतिन को बातचीत की मेज पर आने के लिए मजबूर करने का समय है।
25th Anniversary of 9/11 Attacks | 'आतंकवाद के पूरी तरह खात्मे तक साथ लड़ेंगे भारत-अमेरिका', पेंटागन स्मारक पर भारतीय राजदूत ने दी श्रद्धांजलि
2001 में अमेरिका में हुए वीभत्स 9/11 आतंकी हमलों की 25वीं बरसी के अवसर पर अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने पेंटागन स्थित राष्ट्रीय 9/11 स्मारक पहुँचकर पीड़ितों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने भारत और अमेरिका की ओर से आतंकवाद के खिलाफ जारी लड़ाई को और मजबूत करने का संकल्प दोहराया।इसे भी पढ़ें: Novak Djokovic बोले, सिनसिनाटी में जल्दी हारने से US Open की तैयारी के लिए मिला अतिरिक्त समय
क्वात्रा ने एक संदेश में कहा कि जब तक आतंकवाद का पूरी तरह खात्मा नहीं हो जाता, तब तक भारत और अमेरिका एकजुट होकर प्रयास जारी रखेंगे। उन्होंने कहा, “आज से 25 साल पहले इसी दिन आतंकवादियों ने अमेरिका पर हमला किया था। आज हम उन हमलों के पीड़ितों को याद करते हैं और उनके परिवारों के लिए प्रार्थना करते हैं।’’ उन्होंने कहा कि आतंकवाद ने दुनियाभर में अनगिनत निर्दोष लोगों की जान ली है तथा इसे अंजाम देने वाले, इसका समर्थन करने वाले और इसे प्रायोजित करने वाले लोग साझा मानवता में निहित हर अच्छी और सभ्य भावना के खिलाफ खड़े हैं। क्वात्रा ने कहा, ‘‘ऐसे लोग करुणा, गरिमा और स्वयं सभ्यता के खिलाफ हैं।’’ इसे भी पढ़ें: Asha Bhosle के 93वें जन्मदिन पर रिलीज़ हुआ उनका आखिरी फ़िल्मी गाना Ae Meri Zindagi, म्यूज़िक वीडियो में दिखीं बिहाइंड-द-सीन्स झलकियाँ
उन्होंने कहा कि भारत लंबे समय से सीमा पार आतंकवाद का सामना करता आया है और इसके खिलाफ लड़ाई में हमेशा अग्रिम मोर्चे पर रहा है। क्वात्रा ने कहा, “हमारी नीति आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत और अमेरिका इस खतरे के खिलाफ एक साथ खड़े रहे हैं। जब तक आतंकवाद का पूरी तरह खात्मा नहीं हो जाता, तब तक भारत और अमेरिका एकजुट होकर प्रयास जारी रखेंगे।
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