अलायंस एयर की फ्लाइट का इंजन हवा में फेल हुआ:दिल्ली में इमरजेंसी लैंडिंग, सभी 40 यात्री सुरक्षित; प्रयागराज से आ रहा था विमान
अलायंस एयर की फ्लाइट का इंजन हवा में खराब हो गया। फ्लाइट की दूसरे इंजन से दिल्ली के के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। आईजीआईए ने टर्मिनल-1 के रनवे-4 पर आपातकाल घोषित किया। विमान की सुरक्षित लैंडिंग तक करीब 30 मिनट तक रनवे को पूरी तरह खाली रखा गया। फ्लाइट में क्रू मेंबर्स समेत 40 लोग सवार थे। सभी सुरक्षित हैं। DGCA ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। अलायंस एयर की फ्लाइट संख्या 9I- 698 ने दोपहर करीब 12:33 बजे प्रयागराज से नई दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। मेरठ के आसपास पहुंचने पर पायलट को एक इंजन में तकनीकी खराबी का पता चला। पायलट ने इसकी जानकारी तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को दी। दिल्ली में इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति मांगी। सूचना मिलते ही IGI एयरपोर्ट पर इमरजेंसी अलर्ट किया गया। विमान की सुरक्षित लैंडिंग के लिए एयरपोर्ट पर सभी जरूरी इंतजाम किए गए। दोपहर करीब 2:15 बजे विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। सुबह बिलासपुर से प्रयागराज पहुंचा था विमान सूत्रों के मुताबिक, जिस विमान में इंजन में तकनीकी खराबी आई, वह शुक्रवार सुबह 10:45 बजे बिलासपुर से प्रयागराज के लिए रवाना हुआ था। विमान सुबह करीब 11:58 बजे प्रयागराज एयरपोर्ट पहुंचा। कुछ देर रुकने के बाद विमान ने दोपहर 12:33 बजे प्रयागराज से दिल्ली के लिए उड़ान भरी। इसके बाद तकनीकी खराबी सामने आई। दो सप्ताह में अलायंस एयर के विमान की दूसरी घटना अलायंस एयर के विमान में तकनीकी खराबी की यह करीब दो सप्ताह में दूसरी गंभीर घटना है। इससे पहले 28 अगस्त को दिल्ली से बिलासपुर पहुंची अलायंस एयर की फ्लाइट 9I 613 के साथ हादसा होते-होते बचा था। बिलासपुर के बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान विमान का बायां टायर फट गया था। टायर फटने के बाद रनवे पर चिंगारी निकली और तेज घर्षण हुआ। हालांकि, पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए विमान को सुरक्षित रोक लिया। विमान में 37 यात्री और 4 क्रू मेंबर्स सवार थे। सभी सुरक्षित रहे। दो सप्ताह के भीतर सामने आई इन दोनों घटनाओं के बाद अलायंस एयर के विमानों के रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। -------------------------- कल इंडिगो फ्लाइट की अहमदाबाद में हुई थी इमरजेंसी लैंडिंग लखनऊ से सऊदी अरब के दम्माम जा रही इंडिगो की फ्लाइट में गुरुवार को बम की धमकी मिली। इसके बाद अहमदाबाद एयरपोर्ट पर प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। उड़ान के दौरान क्रू मेंबर को विमान के टॉयलेट में एक टिश्यू पेपर मिला, जिस पर अंग्रेजी में ‘बम’ लिखा था। पूरी खबर पढ़ें…
FASTag यूजर्स के लिए बड़ी राहत, अब स्टिकर बदले बिना भी बदल सकेंगे बैंक; जानें कैसे काम करेगा OneTag
FASTag इस्तेमाल करने वाले करोड़ों वाहन मालिकों के लिए सरकार ने बड़ी सुविधा शुरू की है. अब अगर कोई वाहन मालिक अपने FASTag से जुड़े बैंक को बदलना चाहता है, तो उसे नया FASTag लेने और पुराने स्टिकर को वाहन की विंडस्क्रीन से हटाने की जरूरत नहीं होगी. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को OneTag नाम की नई सुविधा लॉन्च की. इसका उद्देश्य FASTag को ज्यादा सुविधाजनक और लचीला बनाना है.
अब बैंक बदलने पर नया FASTag नहीं लेना होगा
अभी तक FASTag जारी करने वाले बैंक को बदलने के लिए वाहन मालिक को पुराने FASTag को बंद कराकर नए बैंक से नया FASTag लेना पड़ता था. इसके बाद पुराने स्टिकर को वाहन की विंडस्क्रीन से हटाकर नया FASTag लगाना पड़ता था. OneTag इस प्रक्रिया को आसान बनाएगा. नई व्यवस्था के तहत वाहन मालिक एक ही FASTag को बनाए रखते हुए उससे जुड़े बैंक को बदल सकेगा. यानी FASTag का फिजिकल स्टिकर वही रहेगा, लेकिन उसके पीछे जुड़े बैंक अकाउंट या सेवा प्रदाता को बदला जा सकेगा.
मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी जैसा होगा सिस्टम
OneTag को समझने के लिए इसे मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी से जोड़कर देखा जा सकता है. जैसे मोबाइल यूजर अपना मोबाइल नंबर बदले बिना टेलीकॉम कंपनी बदल सकता है, उसी तरह FASTag यूजर भी अपना टैग बदले बिना बैंक बदल सकेगा. इससे उन लोगों को खास फायदा होगा जो अपने मौजूदा बैंक की FASTag सेवा से संतुष्ट नहीं हैं या किसी दूसरे बैंक की बेहतर सुविधा का इस्तेमाल करना चाहते हैं. अब बैंक बदलने के लिए नया स्टिकर खरीदने और उसे दोबारा वाहन पर लगाने की परेशानी कम होगी.
FASTag कैसे काम करता है?
FASTag वाहन की विंडस्क्रीन पर लगाया जाने वाला RFID आधारित इलेक्ट्रॉनिक टैग है. जब वाहन टोल प्लाजा से गुजरता है तो FASTag को स्कैन करके संबंधित खाते से टोल की रकम अपने आप काट ली जाती है. इससे वाहन को टोल भुगतान के लिए नकद लेनदेन या लंबी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ती. FASTag के इस्तेमाल से टोल प्लाजा पर रुकने का समय कम हुआ है और डिजिटल टोल कलेक्शन को बढ़ावा मिला है. सरकार अब इसी व्यवस्था को और आगे ले जाने की तैयारी कर रही है.
13 करोड़ से ज्यादा FASTag जारी
सरकार के अनुसार देश में FASTag का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर हो रहा है. राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा पर FASTag की पहुंच 98 प्रतिशत से ज्यादा हो चुकी है और देश में 13 करोड़ से अधिक FASTag जारी किए जा चुके हैं. ऐसे में OneTag जैसी सुविधा का असर बड़ी संख्या में वाहन मालिकों पर पड़ सकता है. खासतौर पर उन लोगों के लिए यह उपयोगी होगा जो बैंक बदलना चाहते हैं लेकिन FASTag बदलने की प्रक्रिया से बचना चाहते हैं.
आगे टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत भी कम होगी
सरकार FASTag के बाद अब टोल कलेक्शन को और ज्यादा डिजिटल और ऑटोमेटेड बनाने की दिशा में काम कर रही है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मार्च 2027 तक बैरियर-फ्री टोलिंग सिस्टम लागू करने का लक्ष्य बताया है. इस व्यवस्था में FASTag के साथ वाहन के नंबर प्लेट की पहचान करने वाली तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसका उद्देश्य टोल प्लाजा पर वाहनों को रोकने की जरूरत को कम करना है. सरकार का लक्ष्य है कि वाहन बिना लंबे समय तक रुके टोल क्षेत्र से गुजर सकें और टोल की रकम डिजिटल तरीके से अपने आप वसूल हो जाए.
वाहन मालिकों को क्या फायदा होगा?
OneTag से सबसे बड़ा फायदा सुविधा और समय की बचत के रूप में सामने आएगा. बैंक बदलने पर नया FASTag खरीदने, पुराने टैग को हटाने और नए टैग को विंडस्क्रीन पर लगाने की जरूरत नहीं होगी. इसके अलावा, FASTag की प्रक्रिया ज्यादा पोर्टेबल और यूजर-फ्रेंडली बनेगी. सरकार का यह कदम डिजिटल टोलिंग को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
कुल मिलाकर, OneTag FASTag को मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की तरह ज्यादा लचीला बनाने की कोशिश है. अब वाहन मालिक बैंक बदल सकता है, लेकिन उसके वाहन पर लगा FASTag वही रहेगा. इससे FASTag प्रबंधन की प्रक्रिया आसान होने और डिजिटल टोल सिस्टम को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
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