Ganesh Chaturthi 2026: मीशो पर छाया महाराष्ट्र! मुंबई-पुणे में बंपर खरीदारी, छोटे शहरों से रिकॉर्ड ऑर्डर
Ganesh Chaturthi 2026: गणेशोत्सव के पावन अवसर पर ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म मीशो (Meesho) पर इस साल महाराष्ट्र के बाजारों में जबरदस्त रौनक देखने को मिली है। राज्य के प्रमुख शहर जैसे मुंबई और पुणे इस त्योहारी सीजन के सबसे बड़े शॉपिंग हब के रूप में उभरे हैं। खास बात यह है कि गणेश चतुर्थी की यह मांग केवल बड़े महानगरों तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि छोटे कस्बों और दूर-दराज के इलाकों तक फैली, जो टियर-2, टियर-3 और टियर-4 शहरों में ई-कॉमर्स की बढ़ती पैठ को साफ तौर पर दर्शाती है।
टियर-4 बाजारों से आए सबसे ज्यादा 53% ऑर्डर
मीशो के आंकड़ों के मुताबिक, राष्ट्रीय स्तर पर केवल टियर-4 बाजारों से ही गणेश चतुर्थी के कुल ऑर्डर्स का 53% हिस्सा दर्ज किया गया। इसका सीधा मतलब यह है कि इस त्योहारी सीजन में प्लेटफॉर्म पर आए हर दो में से एक से ज्यादा ऑर्डर छोटे और ग्रामीण अंचल के बाजारों से आए हैं, जो देश के कोने-कोने तक डिजिटल शॉपिंग के बढ़ते क्रेज को बयां करता है।
सेलर्स की संख्या में 26% की जोरदार बढ़ोतरी
त्योहारी सीजन में कारोबारियों का उत्साह भी परवान पर रहा। इस साल गणेश चतुर्थी से जुड़े उत्पादों को मीशो पर लिस्ट करने वाले सेलर्स (विक्रेताओं) की संख्या में पिछले साल के मुकाबले लगभग 26% की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह आंकड़ा करीब 9,000 तक पहुंच गया। इनमें से सबसे दिलचस्प बात यह है कि लगभग 10 में से 7 (70%) सेलर्स नए थे, जिन्होंने पहली बार मीशो के गणेश चतुर्थी असॉर्टमेंट में हिस्सा लिया।
डेकोर और सजावट के सामानों की रही धूम
त्योहार के दौरान पारंपरिक मूर्तियां और पूजा से जुड़ी जरूरी सामग्री हमेशा की तरह खरीद के केंद्र में रहीं, लेकिन इस बार सजावट (डेकोर) के सामानों में जबर्दस्त उछाल देखा गया। आंकड़ों के अनुसार:
- तोरण और वॉल हैंगिंग: इनकी बिक्री में पिछले वर्ष की तुलना में 139% की शानदार वृद्धि दर्ज की गई, जो दोगुने से भी अधिक हो गई।
- डैशबोर्ड मूर्तियां और आइडल्स: ग्राहकों ने केवल घरों तक ही उत्सव को सीमित नहीं रखा, बल्कि गा गाड़ियों और अन्य जगहों के लिए भी खरीदारी की। डैशबोर्ड फिलामेंट्स और मूर्तियां 45% की सालाना वृद्धि के साथ मीशो पर तीसरी सबसे बड़ी गणेश चतुर्थी श्रेणी बन गईं।
इसके अलावा, फेस्टिव बास्केट में कृत्रिम फूल व पौधे, वॉल डेकोर, स्ट्रिंग लाइट्स, टेबल लैंप, मोमबत्तियां और पूजा सामग्री की भी भारी मांग रही, जो यह दिखाती है कि ग्राहकों ने पारंपरिक और आधुनिक सजावटी उत्पादों का एक बेहतरीन मेल इस बार खरीदा है।
Ganesh Chaturthi 2026: बप्पा का पसंदीदा उकड़ीचे मोदक बनाने का आसान तरीका, नोट करें रेसिपी
Ganesh Chaturthi 2026 Ukadiche Modak Recipe: गणेश उत्सव के दौरान मोदक को भगवान गणेश का प्रिय भोग माना जाता है। महाराष्ट्र में इस मौके पर उकड़ीचे मोदक खास तौर पर बनाए जाते हैं। बाहर से नरम और अंदर से नारियल-गुड़ की मीठी भरावन वाले ये मोदक स्वाद में बेहद खास लगते हैं।
इसकी खासियत यह है कि इसमें मोदक को तला नहीं जाता, बल्कि भाप में पकाया जाता है। यही वजह है कि इसका स्वाद पारंपरिक होने के साथ-साथ काफी हल्का भी लगता है। जानें चावल के आटे और नारियल-गुड़ से मोदक बनाने का आसान तरीका।
उकड़ीचे मोदक बनाने के लिए सामग्री
मोदक के आटे के लिए
- 1 कप चावल का आटा
- करीब 1 से 1.5 कप पानी
- 1 चुटकी नमक
- 1 छोटा चम्मच घी
भरावन के लिए
- 1 कप कद्दूकस किया हुआ ताजा नारियल
- ¾ से 1 कप गुड़
- ½ छोटा चम्मच इलायची पाउडर
- थोड़े से कटे हुए ड्राई फ्रूट्स, चाहें तो
- थोड़ा सा घी
कैसे बनाएं उकड़ीचे मोदक?
1. सबसे पहले तैयार करें मीठी भरावन
एक पैन में थोड़ा सा घी डालकर कद्दूकस किया हुआ नारियल और गुड़ डालें। इसे धीमी आंच पर चलाते हुए पकाएं। जब गुड़ पिघलकर नारियल के साथ अच्छी तरह मिल जाए, तब इसमें इलायची पाउडर डालें।
भरावन को बहुत ज्यादा न पकाएं, वरना यह सूख सकती है। तैयार मिश्रण को ठंडा होने के लिए अलग रख दें।
2. अब तैयार करें मोदक की उकड़
एक पैन में पानी, थोड़ा नमक और घी डालकर गर्म करें। पानी में उबाल आने पर गैस धीमी करें और धीरे-धीरे चावल का आटा डालें। इसे लगातार चलाते रहें ताकि गुठलियां न बनें।
जब आटा पानी को सोखने लगे तो गैस बंद कर दें और मिश्रण को कुछ देर ढककर रखें। जब आटा हल्का ठंडा हो जाए, तब हाथों पर थोड़ा घी लगाकर इसे अच्छी तरह गूंथ लें। आटा नरम और चिकना होना चाहिए।
3. मोदक को दें शेप
आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाएं। एक लोई को हाथ से दबाकर कटोरी जैसा आकार दें। इसके बीच में नारियल और गुड़ की भरावन रखें। अब किनारों को उंगलियों की मदद से मोड़ते हुए ऊपर की तरफ प्लीट्स बनाएं और उन्हें बीच में लाकर बंद कर दें। इसी तरह सभी मोदक तैयार कर लें।
4. भाप में पकाएं
स्टीमर या इडली बनाने वाले बर्तन में पानी गर्म करें। मोदक को स्टीमर प्लेट पर रखें और भाप में करीब 10-15 मिनट तक पकाएं। जब मोदक का बाहरी हिस्सा अच्छी तरह पक जाए और थोड़ा चमकदार नजर आने लगे, तो इन्हें बाहर निकाल लें।
इन बातों का रखें ध्यान
- चावल का आटा डालने के बाद मिश्रण को अच्छी तरह चलाएं।
- आटा बहुत सूखा होगा तो मोदक बनाते समय फट सकता है।
- भरावन में गुड़ डालने के बाद उसे ज्यादा देर तक न पकाएं।
- मोदक को स्टीम करते समय बर्तन को बार-बार खोलने से बचें।
- तैयार मोदक पर थोड़ा सा घी डालकर बप्पा को भोग लगा सकते हैं।
गणेश चतुर्थी के मौके पर घर में बने उकड़ीचे मोदक से बप्पा को भोग लगाना एक खास अनुभव हो सकता है। पूजा के बाद परिवार के साथ प्रसाद के रूप में इसका आनंद लिया जा सकता है।
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