Exclusive Interview: शहनाज गिल किस बात से होती हैं हर्ट? एक्ट्रेस ने किया खुद किया खुलासा
Singh Vs Kaur 2: एक्टर गिप्पी ग्रेवाल और शहनाज गिल इन दिनों अपनी पंजाबी फिल्म 'सिंह वर्सेस कौर 2' को लेकर चर्चा में बने हुए हैं. वहीं आपको बता दें कि ये फिल्म आज सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है, जिसमें कॉमेडी, रोमांस, इमोशन, एक्शन और ड्रामा का पूरा डोज देखने को मिल रहा है. खास बात ये है कि इस फिल्म के जरिए पहली बार गिप्पी ग्रेवाल और शहनाज गिल की जोड़ी पर्दे पर साथ नजर आ रही है. इसके अलावा बता दें कि गिप्पी ग्रेवाल और शहनाज गिल अपनी फिल्म के प्रमोशन में काफी बिजी चल रहे हैं.
दिल्ली में हुए एक मीडिया मीट के दौरान दोनों ने फिल्म से जुड़े अपने एक्सपीरियंस शेयर किए और बताया कि वो फिल्म को लेकर काफी एक्साइटेड हैं. इस दौरान उन्होंने न्यूज़ नेशन से भी खास बातचीत की. इस दौरान शहनाज़ गिल ने हमारे एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में बताया कि आखिर किस बात से उन्हें सबसे ज्यादा हर्ट होता है. उन्होंने अपनी फीलिंग्स और पर्सनल एक्सपेरिएंसेस को लेकर खुलकर बात की. तो चलिए इस वीडियो में Shehnaaz ने क्या-क्या खुलासे किए हैं उसके बारे में डिटेल में जानते हैं.
वित्त मंत्री सीतारमण ने रूसी उप-प्रधानमंत्री मंतुरोव से मुलाकात की, द्विपक्षीय निवेश संधि पर हुई चर्चा
नई दिल्ली, 11 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को रूसी उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय निवेश संधि (बीटीटी) को आगे बढ़ाने को लेकर चर्चा की।
इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच वित्तीय सर्विसेज में साझेदारी को मजबूत करना और आर्थिक साझेदारी को बढ़ाना है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वित्त मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्ष बीटीटी पर बातचीत को आगे बढ़ाने पर सहमत हुए। इस संधि का मकसद एक ऐसा ढांचा तैयार करना है जिससे दोनों देशों के बीच निवेश का प्रवाह बढ़े और कुल मिलाकर आर्थिक सहयोग मजबूत हो।
मंत्रालय ने बताया कि यहां हुई एक बैठक में उन्होंने दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों की समीक्षा की और अलग-अलग सेक्टर में सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
इसके अलावा, दोनों नेताओं ने फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर में सहयोग बढ़ाने के मौकों पर भी बातचीत की। मंत्रालय के अनुसार, इस कदम से भारत और रूस के बीच बढ़ते व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिल सकता है।
यह बातचीत ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देश अपने आर्थिक संबंधों को बड़े पैमाने पर बढ़ाने की नई कोशिशें कर रहे हैं।
इस हफ्ते की शुरुआत में, केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग के सामान, केमिकल्स, टेक्सटाइल्स और खाद्य उत्पादों को ऐसे अहम सेक्टर के तौर पर जिक्र किया था, जिनसे भारत-रूस व्यापार में बढ़ोतरी हो सकती है।
रूस के उद्योग और व्यापार मंत्री एंटोन अलीखानोव के साथ भारत-रूस बिजनेस डायलॉग को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि दोनों देशों के नेतृत्व ने 2030 तक आपसी व्यापार को 100 अरब डॉलर और दोनों तरफ के निवेश को 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
अभी भारत और रूस के बीच लगभग 60 अरब डॉलर का आपसी व्यापार होता है, जिसका मतलब है कि इस लक्ष्य को पाने के लिए अगले चार वर्षों में 40 अरब डॉलर का अतिरिक्त व्यापार करना होगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस लक्ष्य को पाने के लिए लगातार सालाना दोहरे अंकों में विकास और दोनों तरफ की सरकारों और व्यवसायों के समन्वित प्रयासों की जरूरत होगी। उन्होंने कई ऐसे बड़े मौकों का भी जिक्र किया जिनका अभी तक पूरा इस्तेमाल नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि कई ऐसे उत्पाद जिनमें भारत वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति में है, जैसे कि दवाएं और इंजीनियरिंग का सामान, वे रूस के प्रमुख आयात हैं, लेकिन रूसी बाजार में उनके निर्यात की पूरी क्षमता का अभी तक इस्तेमाल नहीं हो पाया है।
--आईएएनएस
एबीएस
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