उज्जैन में बैंक कर्मचारियों ने निकाली रैली, 5 दिन की वर्किंग लागू करने की उठाई मांग
बैंकिंग कर्मचारी 5 डे वर्किंग लागू करने की मांग को लेकर देशव्यापी हड़ताल कर रहे हैं। इस हड़ताल के तहत उज्जैन में भी बैंकों के अधिकारियों कर्मचारियों को सड़क पर देखा गया। यूनाइटेड फोरम ऑफ़ बैंक यूनियन के आव्हान पर यह सारे अधिकारी और कर्मचारी दोपहर में एकत्रित हुए और रैली निकाली।
इस रैली के दौरान यह सारे कर्मचारी काम करने की अवधि 5 दिन करने के समर्थन में अपना विरोध जताते हुए दिखाई दिए। बता दें कि सरकार की ओर से 5 दिनों से बैंकिंग व्यवस्था लागू करने पर सहमति जताई गई थी लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है। यही वजह है कि कर्मचारी विरोध जता रहे हैं।
जारी नहीं हुई है अधिसूचना
यूनियन द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक 2024 में भारत सरकार की तरफ से बैंक यूनियनों के साथ हुई बातचीत में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने पर सहमति जताई गई थी। इसके बावजूद भी आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है। ऐसे में कर्मचारियों का यह सवाल है कि जब एलआईसी से लेकर आरबीआई और केंद्र-राज्य सरकार के अधिकतर दफ्तरों में 5 दिन की वर्किंग है तो बैंक कर्मचारियों के साथ भेदभाव क्यों हो रहा है। सभी ने जल्द से जल्द इस व्यवस्था को लागू करने की मांग की।
अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
हड़ताल कर रही यूनियन ने यह चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगे पूरी नहीं की जाती है तो यह आंदोलन और भी बढ़ाया जाएगा। 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय राष्ट्रीय हड़ताल की चेतावनी भी दी गई है। इसके बाद भी अगर मांगे नहीं मानी जाती है, तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
बैंकिंग का कामकाज प्रभावित
बता दें कि उज्जैन में करीब 297 बैंक शाखा है जिनमें 4000 से ज्यादा अधिकारी और कर्मचारी काम करते हैं। इन सभी के हड़ताल पर जाने की वजह से बैंकिंग के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। आज हड़ताल की वजह से बैंक बंद रहे और अब शनिवार और रविवार की छुट्टी होने की वजह से 3 दिन तक लोगों को बैंक के काम करने में परेशान होने वाली है।
Crude Oil Price हाइक से Stock Market पस्त, Sensex और Nifty में भारी गिरावट
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज वृद्धि से सेंसेक्स और निफ्टी में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख और विदेशी पूंजी की निकासी से भी निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 628.24 अंक फिसलकर 74,257.69 अंक पर और एनएसई निफ्टी 221.20 अंक टूटकर 23,255.10 अंक पर आ गया।
सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से बजाज फाइनेंस, इंटरग्लोब एविएशन, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और एक्सिस बैंक के शेयर में सबसे अधिक गिरावट रही। वहीं टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, इन्फोसिस, भारती एयरटेल और आईटीसी के शेयर बढ़त में रहे। एशिया के बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की 225, चीन का एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग काफी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं।
अमेरिकी बाजार बृहस्पतिवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल का भाव वायदा कारोबार में 0.95 प्रतिशत की बढ़त के साथ 108.7 डॉलर प्रति बैरल रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बृहस्पतिवार को शुद्ध रूप से 438.24 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। सेंसेक्स बृहस्पतिवार को 138.36 अंक और निफ्टी 46.30 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ था।
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