सोने और चांदी धड़ाम, महंगाई के डेटा को लेकर निवेशक सतर्क
Gold Silver Prices: सोने और चांदी की शुरुआत शुक्रवार को गिरावट के साथ हुई। इस दौरान दोनों कीमती धातुओं में करीब 1.10 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का 5 अक्टूबर, 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,52,341 रुपए प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 1,571 रुपए या 1.03 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 1,50,770 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था।
हालांकि, शुरुआती कारोबार में इसमें तेजी देखी गई और सुबह 9:48 पर यह 867 रुपए या 0.57 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 1,51,474 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था। अब तक के कारोबार में सोना ने 1,50,695 रुपए प्रति 10 ग्राम का न्यूनतम स्तर और 1,51,483 रुपए प्रति 10 ग्राम का उच्चतम स्तर छुआ। सोने के साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखी जा रही है।
अब चांदी-सोना का हाल
चांदी का 4 दिसंबर, 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,34,099 रुपए प्रति किलो के मुकाबले 2,530 रुपए या 1.08 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 2,31,569 रुपए प्रति किलो पर खुला। अब तक के कारोबार में सोने ने 2,30,270 रुपए प्रति किलो का न्यूनतम स्तर और 2,32,096 रुपए प्रति किलो का उच्चतम स्तर छुआ।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हिरावट
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने और चांदी में गिरावट देखी जा रही है। कॉमेक्स पर सोना 1.29 प्रतिशत की कमजोरी 4,350 डॉलर प्रति औंस और चांदी 1.99 प्रतिशत की गिरावट के साथ 63.63 डॉलर प्रति औंस पर था। जानकारों के मुताबिक, सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट की वजह मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से डॉलर का मजबूत होना है। दुनिया की कई अहम मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स एक सप्ताह के उच्चतम स्तर 99.12 पर पहुंच गया है। इसके अलावा, देर शाम अमेरिका में महंगाई के आंकड़े आएंगे, इससे आने वाले समय में सोने की दिशा तय होगी। इसे लेकर निवेशक सतर्क बने हुए हैं।
(DISCLAIMER: खबर IANS न्यूज फीड से ली गई है. न्यूजनेशन खबर में किए गए किसी भी डेटा और फैक्ट्स की पुष्टि नहीं करता है.)
BRICS 2026: ब्रिक्स Logo में छिपा है भारत का बड़ा संदेश! जानकर हैरान रह जाएंगे इसका मतलब
BRICS 2026: भारत इस समय अपने सबसे बड़े कूटनीतिक आयोजनों में से एक BRICS की मेजबानी कर रहा है. ये सम्मेलन 11 से 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में हो रहा है. बता दें ये 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन है जिसमें दुनिया की उभरती अर्थव्यवस्थाओं के नेता एक मंच पर जुटेंगे. इसके अलावा इस मौके पर हर किसी के मन में यही सवाल है कि आखिर भारत की अध्यक्षता वाले इस सम्मेलन की थीम क्या है और इसके लोगो का असली मतलब क्या है?
ब्रिक्स 2026 की थीम क्या रखी गई है?
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता एक ऐसी थीम पर आधारित है जिसे "बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी" यानी "लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण" नाम दिया गया है. केंद्र सरकार के मुताबिक यह थीम 2025 में ब्राजील के रियो में हुए ब्रिक्स सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से रखे गए "मानवता पहले" के दृष्टिकोण से प्रेरित बताई जा रही है. सरकार के मुताबिक इस थीम के जरिए भारत यह संदेश देना चाहता है कि आर्थिक झटकों, सप्लाई चेन की दिक्कतों, स्वास्थ्य संकट और जलवायु खतरों से निपटने के लिए दुनिया को मिलकर मजबूती दिखानी होगी.
All set for BRICS 2026!@BricsIndia2026 pic.twitter.com/nXqqoBmoAm
— Narendra Modi (@narendramodi) September 10, 2026
BRICS Summit 2026 के लोगो में आखिर क्या खास है?
ब्रिक्स 2026 के लोगो में भारत के राष्ट्रीय फूल कमल को दिखाया गया है, जिसके बीचोंबीच "नमस्ते" की मुद्रा उकेरी गई है. बता दें यह कोई सामान्य डिजाइन नहीं है बल्कि एक सार्वजनिक डिजाइन प्रतियोगिता के जरिए इसे चुना गया था. इसके अलावा इस लोगो को किसी बड़ी एजेंसी ने नहीं बल्कि आम जनता में से चुनी गई एक एंट्री ने तैयार किया. बता दें विदेश मंत्रालय के नागरिक सहभागिता मंच ने एक प्रतियोगिता आयोजित की थी. जिसमें सुदीप सुभाष गांधी की प्रविष्टि को विजेता चुना गया था, जिससे ये लोगों लिया गया है.
BRICS Summit 2026 कमल और नमस्ते का प्रतीकात्मक मतलब क्या है?
कमल का फूल लचीलेपन और सामंजस्य का प्रतीक है. वहीं, इसकी पंखुड़ियों में इस्तेमाल किए गए अलग-अलग रंग ब्रिक्स के सदस्य देशों की विविधता को दर्शाते हैं. इसके अलावा नमस्ते की मुद्रा को लेकर भी गहरा अर्थ जोड़ा गया है. दरअसल, यह इशारा गर्मजोशी, सम्मान, समावेशिता और सभी भाग लेने वाले देशों के बीच संवाद का प्रतीक है. बता दें लोगो की हर पंखुड़ी को ब्रिक्स के अलग-अलग सदस्य देशों के झंडों के रंगों से जोड़ा गया है जिससे यह डिजाइन थीम के साथ भी पूरी तरह मेल खाता है।
क्या भारत में पहले भी BRICS Summit हो चुके हैं?
जानकारी के मुताबिक यह पहली बार नहीं है. जब भारत में ब्रिक्स सम्मेलन हो रहा हो. दरअसल, भारत इसके स्थापना करने वाले देशों में से एक है और अब चौथी बार इस समूह की अध्यक्षता संभाल रहा है. इससे पहले भारत ने 2012, 2016 और 2021 में भी ब्रिक्स की अगुवाई की थी.
This is Delhi. This is the moment.
— BRICS 2026 (@BricsIndia2026) September 10, 2026
With its heritage glowing and Bharat Mandapam gearing up, the capital puts the finishing touches in place for the 18th BRICS Summit.#BRICS2026 #BRICSIndia2026 #IndiaBRICSChairship pic.twitter.com/2HBXHFfnD0
BRICS Summit का ये यह कोई खास साल है?
2026 में ब्रिक्स अपनी स्थापना के 20 साल पूरे कर रहा है. यानी भारत की यह अध्यक्षता सिर्फ एक सामान्य आयोजन नहीं बल्कि ब्रिक्स के दो दशकों के सफर का जश्न भी है. भारत ने अपनी अध्यक्षता के दौरान देशभर के 25 से ज्यादा शहरों में 350 से अधिक बैठकों और उच्च स्तरीय आयोजनों की मेजबानी की है. ये सभी चर्चाएं ब्रिक्स के तीन मुख्य स्तंभों राजनीतिक-सुरक्षा सहयोग, आर्थिक-वित्तीय सहयोग और सांस्कृतिक व जन-जन के बीच आदान-प्रदान के इर्द-गिर्द केंद्रित रहीं थीं
VIDEO | BRICS Summit 2026: South African President Cyril Ramaphosa receives Guard of Honour at the Delhi airport.#BRICSUpdatesOnPTI#BRICS2026#BRICS#BRICSSummit#BRICSIndia
— Press Trust of India (@PTI_News) September 11, 2026
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/d8jp61yd2p) pic.twitter.com/Nk8XCdo01p
BRICS Summit में इस बार सबसे ज्यादा चर्चा किसकी होगी?
इस बार सबकी नजरें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग पर टिकी रहेंगी. जो इस सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं. दोनों नेताओं की मुलाकात को इस पूरे आयोजन का सबसे चर्चित पल माना जा रहा है क्योंकि दिल्ली और बीजिंग पिछले कुछ सालों के तनाव के बाद रिश्तों को स्थिर करने की कोशिश में जुटे हैं.
|| #BRICSIndia2026 ||
— All India Radio News (@airnewsalerts) September 10, 2026
World leaders, including Russian President ???????????????????????????????? ????????????????????, Chinese President ???????? ????????????????????????????, President of South Africa ???????????????????? ????????????????????????????????????, Egyptian President ???????????????????? ???????????????????????? ????????-????????????????, Indonesian President… pic.twitter.com/JEnjWELYwI
ब्रिक्स नाम कहां से आया, यह कितने देशों का समूह है?
ब्रिक्स शब्द इसके संस्थापक देशों ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के शुरुआती अक्षरों से बना है. बाद में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया भी इस समूह के पूर्ण सदस्य बन गए थे. यानी अब यह सिर्फ पांच नहीं बल्कि दस देशों का बड़ा और ताकतवर समूह बन चुका है.
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