Lobia Kebab Recipe: बच्चों को खिलाएं प्रोटीन से भरपूर लोबिया कबाब, स्वाद ऐसा कि बार-बार मांगेंगे
Lobia Kebab Recipe: लोबिया यानी ब्लैक-आइड पीज प्रोटीन और फाइबर से भरपूर फूड है, जिसे बच्चों की डाइट में स्वादिष्ट तरीके से शामिल किया जा सकता है। अगर बच्चा लोबिया खाने में नखरे करता है, तो इसे क्रिस्पी और टेस्टी कबाब के रूप में सर्व करें। बच्चों के टिफिन या शाम के स्नैक के लिए भी यह एक बढ़िया विकल्प बन सकता है। जानें बच्चों के लिए स्वादिष्ट लोबिया कबाब बनाने की आसान रेसिपी।
लोबिया कबाब बनाने के लिए सामग्री
- 1 कप लोबिया
- 1 छोटा उबला हुआ आलू
- 1/2 कप बारीक कटा हुआ प्याज
- 1/2 कप कद्दूकस की हुई गाजर
- 1-2 हरी मिर्च, स्वादानुसार
- 1 छोटा चम्मच अदरक का पेस्ट
- 1/2 छोटा चम्मच जीरा पाउडर
- 1/2 छोटा चम्मच धनिया पाउडर
- थोड़ा गरम मसाला
- नमक स्वादानुसार
- 2-3 बड़े चम्मच बेसन या ब्रेड क्रम्ब्स
- थोड़ा तेल सेंकने के लिए
- हरा धनिया
ऐसे बनाएं स्वादिष्ट लोबिया कबाब
1. लोबिया तैयार करें
लोबिया को अच्छी तरह धोकर कुछ घंटों या रातभर के लिए भिगो दें। इसके बाद पानी निकालकर इसे नरम होने तक उबाल लें।
2. मिश्रण तैयार करें
उबले हुए लोबिया को अच्छी तरह मैश करें। इसमें उबला आलू, गाजर, प्याज, अदरक, हरा धनिया और मसाले डालें।
3. कबाब का आकार दें
सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर ऐसा मिश्रण तैयार करें जो आसानी से बंध जाए। जरूरत के हिसाब से इसमें बेसन या ब्रेड क्रम्ब्स डाल सकते हैं। अब हाथों से छोटे-छोटे कबाब बना लें।
4. तवे पर सेंकें
तवे पर थोड़ा तेल लगाकर कबाब को दोनों तरफ से सुनहरा होने तक सेंक लें। इन्हें ज्यादा तेल में तलने के बजाय हल्के तेल में सेंकना बेहतर विकल्प हो सकता है।
बच्चों को कैसे सर्व करें?
लोबिया कबाब को दही की डिप, हरी चटनी या घर की बनी हल्की चटनी के साथ सर्व कर सकते हैं। बच्चों के टिफिन में देना हो तो कबाब को छोटे आकार में बनाएं और साथ में फल या कोई पसंदीदा हेल्दी साइड रख सकते हैं।
लोबिया कबाब में कर सकते हैं ये छोटे बदलाव
बच्चों को अलग-अलग सब्जियां खिलाने के लिए मिश्रण में गाजर, चुकंदर, पालक या मटर जैसी चीजें भी थोड़ी मात्रा में मिलाई जा सकती हैं। इससे कबाब का स्वाद और रंग दोनों बदल जाएंगे।
बच्चों के लिए बनाते समय रखें ध्यान
लोबिया अच्छी तरह पका हुआ और नरम होना चाहिए। छोटे बच्चों को कबाब देते समय उसकी बनावट और आकार का ध्यान रखें ताकि खाने में परेशानी न हो। बच्चे की उम्र के अनुसार भोजन का आकार और सामग्री तय करना बेहतर है।
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Eyes Care Tips: मोबाइल की स्क्रीन से आंखों में जलन और दर्द? ये आसान उपाय दिलाएंगे तुरंत राहत
Eyes Care Tips: आज मोबाइल फोन हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। काम, पढ़ाई, सोशल मीडिया और मनोरंजन के लिए लोग घंटों स्क्रीन देखते रहते हैं। लगातार मोबाइल चलाने की वजह से आंखों में थकान, जलन, सूखापन, भारीपन या दर्द जैसी परेशानियां महसूस हो सकती हैं। कई बार लंबे समय तक स्क्रीन देखने के बाद सिरदर्द और धुंधला दिखाई देने जैसी दिक्कत भी हो सकती है।
खासकर जब मोबाइल को बहुत पास रखकर या कम रोशनी में इस्तेमाल किया जाता है, तब आंखों पर अधिक जोर पड़ सकता है। हालांकि हर तरह की आंखों की समस्या को केवल मोबाइल इस्तेमाल से जोड़ना सही नहीं है, लेकिन स्क्रीन टाइम और आंखों की थकान के बीच संबंध जरूर देखा जाता है। ऐसे में कुछ आसान आदतों को अपनाकर आंखों को आराम दिया जा सकता है।
20-20-20 नियम अपनाएं
मोबाइल या कंप्यूटर की स्क्रीन लगातार देखने के बजाय बीच-बीच में आंखों को आराम देना जरूरी है। इसके लिए 20-20-20 नियम अपनाया जा सकता है। हर 20 मिनट में करीब 20 सेकंड के लिए लगभग 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखें। इससे लगातार पास की स्क्रीन पर फोकस करने से होने वाली आंखों की थकान कम करने में मदद मिल सकती है।
पलकें झपकाना न भूलें
स्क्रीन देखते समय लोग सामान्य से कम पलकें झपकाते हैं। इससे आंखों की सतह सूख सकती है और जलन या किरकिरापन महसूस हो सकता है। इसलिए मोबाइल चलाते समय जानबूझकर कुछ-कुछ देर में पलकें झपकाते रहें। लंबे समय तक स्क्रीन देखने के बीच छोटे ब्रेक लेना भी फायदेमंद है।
स्क्रीन की रोशनी रखें संतुलित
मोबाइल की ब्राइटनेस बहुत ज्यादा या बहुत कम रखने से आंखों को असहजता हो सकती है। कमरे की रोशनी के अनुसार स्क्रीन की ब्राइटनेस एडजस्ट करें। अंधेरे कमरे में तेज रोशनी वाली स्क्रीन देखने से बचें। स्क्रीन को आंखों के बिल्कुल पास रखने के बजाय उचित दूरी बनाए रखना भी जरूरी है।
आंखों को दें पर्याप्त आराम
लगातार कई घंटे मोबाइल चलाने के बजाय स्क्रीन टाइम को छोटे हिस्सों में बांटें। सोने से पहले लंबे समय तक मोबाइल देखने की आदत को कम करना भी बेहतर है। अगर काम की वजह से लंबे समय तक स्क्रीन देखनी पड़ती है तो नियमित ब्रेक लेकर कुछ देर दूर देखें और आंखों को आराम दें।
सूखापन और जलन को नजरअंदाज न करें
अगर आंखों में बार-बार सूखापन, जलन, दर्द, लालिमा, धुंधला दिखाई देना या रोशनी से परेशानी होती है, तो इसे केवल स्क्रीन की थकान मानकर नजरअंदाज न करें। लगातार या गंभीर लक्षण होने पर आंखों के डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है। डॉक्टर जरूरत के अनुसार उचित उपचार या आई ड्रॉप की सलाह दे सकते हैं। बिना चिकित्सकीय सलाह के किसी भी आई ड्रॉप का इस्तेमाल करने से बचें।
मोबाइल इस्तेमाल करने का तरीका बदलें
आंखों की परेशानी से बचने के लिए मोबाइल इस्तेमाल करने की आदतों में छोटे बदलाव काफी मददगार हो सकते हैं। स्क्रीन को उचित दूरी पर रखें, लगातार स्क्रीन देखने से बचें और नियमित अंतराल पर आंखों को आराम दें। साथ ही पर्याप्त नींद और संतुलित दिनचर्या भी आंखों की सामान्य सेहत के लिए महत्वपूर्ण है।
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
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लेखक: (कीर्ति)
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