जबलपुर पुलिस ने पकड़ी 231 लीटर कच्ची शराब, 2 महिलाओं सहित 4 गिरफ्तार
जबलपुर पुलिस की ओर से अवैध शराब के कारोबार पर कार्रवाई की गई। इस दौरान अलग अलग ठिकानों पर दी गई दबिश में पुलिस ने दो महिलाओं सहित 4 को हिरासत में लिया है और लगभग 231 लीटर कच्ची शराब जब्त की है।
पुलिस द्वारा जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्र में की गई ये कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जोन 2 पल्लवी शुक्ला के मार्गदर्शन और नगर पुलिस अधीक्षक गढ़ा आशीष सिंह के नेतृत्व में की गई है। जिले के तिलवारा, गढ़ा और पुलिस लाइन की संयुक्त टीम की ओर से ये कार्रवाई की गई है।
231 लीटर शराब जब्त
अपनी इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कुल 231 लीटर कच्ची शराब जब्त की। इसी के साथ 5 क्विंटल लाहन और चाय बनाने के उपकरण भी मिले जिन्हें मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। अलग अलग जगहों से जब्त हुई शराब से जुड़े आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा में मामला दर्ज किया गया।
आबकारी अधिनियम में केस दर्ज
ग्राम ग्वारी में की गई कार्रवाई में पुलिस ने 18 साल के इंदर सिंह गौड़ को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 58 पन्नियों में भरी 58 लीटर शराब जब्त की गई है। वहीं ग्राम सकरी में जयंती चक्रवर्ती को पुलिस ने अपने घर के पीछे रखी कुप्पियों से ग्राहकों को शराब बेचते हुए पकड़ा। उसके पास से 58 लीटर शराब बरामद की गई और खरीदी करने के लिए आए लोग भाग निकले। ग्राम लम्हेटी में धनराज यादव को 55 लीटर कच्ची शराब के साथ गिरफ्तार किया गया। इन सभी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34 (2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
भूत भगाने के नाम पर महिला के साथ खौफनाक हरकत, हाथों पर रखे जलते कोयले
धार जिले में अंधविश्वास के नाम पर एक महिला के साथ कथित क्रूरता का मामला सामने आया है। लंबे समय से बीमार महिला को परिवार झाबुआ जिले के एक गांव में ले गया था। यहां तांत्रिक क्रिया के नाम पर उसके हाथों पर जलते कोयले रखने और मारपीट करने का आरोप है। दर्द से चीखती महिला को आखिरकार अस्पताल ले जाना पड़ा।
बताया जा रहा है कि धामनोद क्षेत्र में रहने वाली महिला कई दिनों से बीमार थी। परिवार के अनुसार, इलाज कराने के बाद भी जब उसकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ तो किसी की सलाह पर वे झाबुआ जिले के रूपखेड़ा गांव पहुंचे। यहां लक्ष्मण नाथ निनामा नाम के व्यक्ति ने महिला पर बुरी आत्मा का साया होने की बात कही और उसे कमरे के अंदर ले जाकर कथित तांत्रिक क्रिया शुरू कर दी।
भूत-प्रेत भगाने के नाम पर महिला को जलाने का आरोप
परिवार के मुताबिक, कमरे के अंदर महिला के दोनों हाथों पर जलते हुए गोबर के उपले और दहकते कोयले रख दिए गए। महिला दर्द से चीखती रही, लेकिन कथित तांत्रिक क्रिया के नाम पर यह सब चलता रहा। आरोप है कि महिला के साथ मारपीट भी की गई और उसके पेट पर पैर रखकर कुछ क्रियाएं की गईं।
बताया गया कि तांत्रिक ने परिवार के लोगों को भी कमरे के अंदर आने से रोक दिया था। इसलिए वे महिला की हालत को करीब से नहीं देख सके। काफी देर तक महिला की चीखें सुनाई देती रहीं। जब उसकी हालत बिगड़ने लगी तो परिवार वालों को उसे वहां से ले जाने के लिए कहा गया। इसके बाद परिवार महिला को वापस लेकर धामनोद पहुंचा।
महिला के हाथ बुरी तरह झुलसे
घटना के बाद महिला को धामनोद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने उसकी हालत देखी और प्राथमिक उपचार शुरू किया। डॉक्टर पंकज धाकड़ के अनुसार, महिला झुलसी हुई हालत में अस्पताल पहुंची थी। शुरुआती इलाज के बाद चोटों की गंभीरता को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए धार जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
महिला के हाथों पर जलते कोयले और उपले रखे जाने के आरोप के कारण उसे गंभीर चोटें आई हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि बीमारी का सही इलाज कराने के बजाय लोग अंधविश्वास के चलते किस तरह खतरनाक कदम उठा लेते हैं। ऐसी घटनाओं में मरीज की हालत और भी खराब हो सकती है।
इलाज नहीं हुआ तो तांत्रिक के पास ले गया परिवार
महिला के पति ने बताया कि उसकी पत्नी कई दिनों से बीमार थी। परिवार ने पहले उसका इलाज कराया, लेकिन जब तबीयत में सुधार नहीं हुआ तो उन्होंने दूसरे लोगों की सलाह मानकर झाड़-फूंक कराने का फैसला किया। इसी सिलसिले में वे झाबुआ जिले के गांव पहुंचे थे।
परिवार के अनुसार, वहां पहुंचने के बाद लक्ष्मण नाथ निनामा ने महिला को घर के एक कमरे में ले लिया। उसने महिला पर बुरी आत्मा का साया होने की बात कही और तांत्रिक क्रिया के नाम पर उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की। इसके बाद जलते कोयले और गोबर के उपले उसके हाथों पर रखे गए। महिला लगातार दर्द से परेशान होती रही, लेकिन परिवार को अंदर जाने नहीं दिया गया।
अंधविश्वास ने बढ़ाई परेशानी
बीमारी के समय सही डॉक्टर से जांच और इलाज कराना जरूरी होता है। लेकिन कई बार ग्रामीण इलाकों में बीमारी को भूत-प्रेत या बुरी आत्मा से जोड़ दिया जाता है। इसके बाद लोग झाड़-फूंक या तांत्रिक के पास पहुंच जाते हैं। धार की यह घटना इसी सोच के खतरनाक परिणाम की ओर इशारा करती है।
इस मामले में महिला पहले से बीमार थी और इलाज के बाद भी उसकी परेशानी बनी हुई थी। ऐसे समय में डॉक्टर से दोबारा सलाह लेने के बजाय कथित तांत्रिक के पास ले जाने से उसकी हालत और खराब हो गई। हाथ जलने के साथ उसके साथ मारपीट किए जाने का आरोप भी सामने आया है। परिवार के अनुसार, जब स्थिति गंभीर हुई तो उसे वापस लाकर अस्पताल ले जाना पड़ा।
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