Nationwide Bank Strike: 5-दिवसीय बैंकिंग और अन्य मांगों को लेकर देशव्यापी बैंक हड़ताल, 4 दिनों तक प्रभावित रह सकती हैं सेवाएं
सरकारी बैंकों में पांच-दिवसीय बैंकिंग लागू करने, पेंशन सुधार और परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना की समीक्षा जैसी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर बैंक यूनियनों ने शुक्रवार को देशव्यापी हड़ताल का बिगुल फूंक दिया है।
मुख्य श्रम आयुक्त के साथ हुई बैठकों में कोई सहमति न बनने के बाद नौ प्रमुख बैंक कर्मचारी और अधिकारी संगठनों के शीर्ष निकाय 'यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस' (UFBU) ने काम बंद करने का निर्णय लिया।
5-दिवसीय कार्य सप्ताह की मुख्य मांग
बैंक यूनियनों का कहना है कि भारतीय बैंक संघ (IBA) के साथ मार्च 2024 में हुए द्विपक्षीय समझौते में सभी शनिवारों को अवकाश घोषित करने और सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त काम करने पर सहमति बनी थी। संघों का आरोप है कि वित्त मंत्रालय के पास यह प्रस्ताव दो साल से अधिक समय से लंबित पड़ा हुआ है और सरकार इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं ले रही है।
चार दिनों तक प्रभावित रह सकती हैं शाखाओं की सेवाएं
शुक्रवार (11 सितंबर) को हड़ताल के बाद 12 सितंबर (महीने का दूसरा शनिवार) और 13 सितंबर (रविवार) को बैंकों का नियमित अवकाश रहेगा। इसके अलावा, कुछ राज्यों में 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के चलते स्थानीय छुट्टी रहेगा। इस तरह ग्राहकों को लगातार तीन से चार दिनों तक शाखाओं के भौतिक कामकाज में व्यवधान का सामना करना पड़ सकता है।
एसबीआई और पीएनबी ने जारी की एडवाइजरी
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नेशनल बैंक सहित प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने ग्राहकों को होने वाली असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है। बैंकों ने ग्राहकों से अपील की है कि वे आवश्यक नकद निकासी या हस्तांतरण के लिए यूपीआई, नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और एटीएम जैसे डिजिटल माध्यमों का उपयोग करें।
पीएलआई योजना और पुरानी पेंशन को लेकर भी मोर्चाबंदी
5-दिवसीय बैंकिंग के अलावा यूनियनों की मांगों में नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) का विकल्प देना और केंद्र सरकार की नई परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) नीति की समीक्षा करना शामिल है। यूएफबीयू ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर विचार नहीं किया तो वे 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल और अक्टूबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन करेंगे।
Putin Lands In Delhi For BRICS: नई दिल्ली पहुंचे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन; आज पीएम मोदी के साथ करेंगे द्विपक्षीय बातचीत
भारत की अध्यक्षता में 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हो रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ दिल्ली पहुंचे हैं।
सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत से ठीक एक दिन पहले शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक होने जा रही है। वैश्विक कूटनीतिक दबावों और जारी भू-राजनीतिक तनावों के बीच दोनों शीर्ष नेताओं की यह मुलाकात बेहद खास मानी जा रही है।
#BREAKING | Russian President Vladimir Putin arrives in New Delhi to participate in the 18th BRICS Summit. Minister of State for External Affairs, Kirti Vardhan Singh receives President Putin at the airport. During his visit, President Putin is scheduled to hold talks with PM @narendramodi and participate in a series of bilateral meetings. @MEAIndia @BricsIndia2026 #BRICS2026 #BRICSIndia2026 #IndiaBRICSChairship #BRICS26OnDD #IndiaRussiaRelations #IndiaRussia
— DD News (@DDNewslive) September 10, 2026
एस-400, ब्रह्मोस और सुखोई पर हो सकते हैं बड़े रक्षा सौदे
पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की वार्ता का मुख्य एजेंडा द्विपक्षीय सैन्य और व्यापारिक संबंधों को नई मजबूती प्रदान करना है। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बैठक के दौरान एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम की पेंडिंग रेजीमेंट की जल्द डिलीवरी, ब्रह्मोस मिसाइल के नेक्स्ट-जनरेशन अपग्रेडेशन और सुखोई-30 फाइटर जेट्स के स्पेयर पार्ट्स व इंजन मरम्मत की स्वदेशी तकनीक के हस्तांतरण पर दोनों देशों के बीच मुहर लग सकती है।
व्यापार घाटा कम करने और स्थानीय मुद्रा में भुगतान पर जोर
सैन्य साझेदारी के साथ-साथ दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को 2030 तक 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने के रोडमैप पर चर्चा होगी। पश्चिमी प्रतिबंधों के असर को बेअसर करने के लिए रूस और भारत अपनी-अपनी राष्ट्रीय मुद्राओं में 90 प्रतिशत से अधिक व्यापार को अंजाम दे रहे हैं। बैठक में रूसी कच्चे तेल की निरंतर आपूर्ति, नए परमाणु ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना और भारतीय निर्यात को बढ़ावा देने पर सहमति बनने की उम्मीद है।
यूक्रेन संकट और शांति वार्ताओं पर भी हो सकता है मंथन
रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव के अनुसार, दोनों नेता वैश्विक परिस्थितियों और रूस-यूक्रेन युद्ध के समाधान को लेकर भी खुले और रचनात्मक माहौल में विचार-विमर्श करेंगे। भारत शुरुआत से ही संवाद और कूटनीति के जरिए युद्ध विराम का समर्थन करता रहा है, जिसे लेकर पुतिन और पीएम मोदी के बीच गहन चर्चा हो सकती है।
सुरक्षा का अभेद्य घेरा, किले में तब्दील हुई राजधानी दिल्ली
राष्ट्रपति पुतिन समेत अन्य विदेशी राष्ट्राध्यक्षों की आवभगत के लिए पूरी दिल्ली को एक सुरक्षा किले में तब्दील कर दिया गया है। 15,000 से अधिक सुरक्षा बल के जवान, एनएसजी के स्नाइपर्स, क्विक रिएक्शन टीम और आधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम लुटियंस दिल्ली और भारत मंडपम के आसपास तैनात किए गए हैं। आईजीआई एयरपोर्ट से लेकर वीवीआईपी रूटों पर त्रिस्तरीय सुरक्षा चक्रव्यूह लागू किया गया है।
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