‘मैं कोई एक्टर नहीं हूं’, फिलीपींस के रक्षा सचिव ने चीन के ‘नाटक’ वाले आरोपों को किया खारिज
फिलीपींस के रक्षा सचिव गिलबर्टो टेओडोरो जूनियर ने गुरुवार को चीन की नाटकीयता वाली टिप्पणी पर पलटवार करते हुए कहा कि मैं अभिनेता नहीं हूं. स्थानीय मीडिया ने बताया कि उन्होंने सियोल रक्षा संवाद 2026 में बीजिंग के अनादर को उजागर करने के बाद यह बात कही.
दक्षिण चीन सागर पर 2016 के मध्यस्थता फैसले को लेकर चीन के रुख की टेओडोरो द्वारा आलोचना किए जाने के बाद चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने बुधवार को बीजिंग में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इसे 'नाटकीयता' करार दिया था. टेओडोरो की यह प्रतिक्रिया उसी टिप्पणी के जवाब में आई है.
फिलीपींस के मीडिया आउटलेट एबीएस-सीबीएन की रिपोर्ट के अनुसार, टेओडोरो ने दक्षिण चीन सागर में मिसचीफ रीफ पर चीनी विदेश मंत्री वांग यी की पिछली टिप्पणियों का हवाला देते हुए उनके 'नाटकीय' आचरण पर सवाल उठाया.
फिलीपींस के पारानाक सिटी में मनीला स्ट्रैटेजी फोरम के मौके पर पत्रकारों से बात करते हुए टेओडोरो ने कहा, "वांग यी के यह कहने से ज्यादा नाटकीय क्या हो सकता है कि मिसचीफ रीफ शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और वे कभी भी इसका सैन्यीकरण नहीं करेंगे?"
स्थानीय मीडिया के अनुसार, मंगलवार को सियोल में क्षेत्रीय सुरक्षा मंच पर संबोधन के दौरान टेओडोरो को बीजिंग की ओर से 2016 के फैसले को खारिज करने वाला एक नोट सौंपा गया था, जिसके बाद उन्होंने चीन पर दक्षिण चीन सागर में जबरदस्ती, धौंस और आक्रामक रवैया अपनाने का आरोप लगाया.
सियोल रक्षा संवाद के दौरान संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि (यूएनसीएलओएस) को बनाए रखने की आवश्यकता पर चर्चा करते हुए टेओडोरो को एक नोट मिला, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि वह चीन की ओर से आया प्रतीत होता है.
उन्होंने इसमें से कुछ अंश पढ़े, जिसमें बीजिंग का यह रुख शामिल था कि दक्षिण चीन सागर मध्यस्थता ने अंतरराष्ट्रीय कानून के मौलिक सिद्धांतों का उल्लंघन किया है और यह फैसला अवैध और अमान्य है और कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है.
गुरुवार को टेओडोरो ने कहा कि नोट पर उनकी प्रतिक्रिया सहज थी, जो चीन के रवैये से बिल्कुल अलग थी. उन्होंने कहा, "मूल्यों और मानदंडों की समझ रखने वाला कोई भी विवेकशील व्यक्ति ऐसी स्थिति में प्रतिक्रिया देता, इसलिए मैंने आखिरकार उन्हें आईना दिखाने का फैसला किया. यह शालीनता और सद्व्यवहार का मामला है, जो बुनियादी और मौलिक है."
इस घटना के सुनियोजित होने के सवालों को खारिज करते हुए टेओडोरो ने जोर देकर कहा, "कोरियाई आयोजकों से पूछिए. मैं इसका जवाब नहीं दूंगा. कृपया उनसे पूछें. मैं अपने कोरियाई भाइयों और बहनों का बहुत सम्मान करता हूं कि ऐसा कुछ सुनियोजित करूं."
जुलाई 2016 में हेग स्थित स्थायी मध्यस्थता न्यायालय ने दक्षिण चीन सागर में चीन के खिलाफ फिलीपींस के मामले पर फैसला सुनाते हुए भारी बहुमत से फिलीपींस के पक्ष में निर्णय दिया था, जिसमें कहा गया था कि चीन के दावे के प्रमुख तत्व, जिसमें उसकी नाइन-डैश लाइन, भूमि सुधार गतिविधियां और फिलीपींस के जल क्षेत्र में अन्य गतिविधियां शामिल हैं, गैरकानूनी थीं. चीन ने फैसले पर नकारात्मक प्रतिक्रिया दी और कहा कि यह अमान्य है.
दक्षिण चीन सागर दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है और इस पर चीन, फिलीपींस, वियतनाम, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान द्वारा पूर्ण या आंशिक रूप से दावा किया जाता है. प्रतिस्पर्धी दावों के कारण तट रक्षक और नौसैनिक जहाजों के बीच बार-बार टकराव हुआ है, जिससे यह जलमार्ग हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक प्रमुख रणनीतिक हॉटस्पॉट बन गया है.
--आईएएनएस
केके/डीकेपी
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भिवाड़ी के अवैध दवा गोदाम पर बड़ी कार्रवाई, 18 में से 5 दवा सैंपल निकले फेल
जयपुर, 10 सितंबर (आईएएनएस)। राजस्थान ड्रग कंट्रोल कमिश्नरेट ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। यह कार्रवाई तब शुरू हुई जब क्वालिटी टेस्ट रिपोर्ट से पता चला कि भिवाड़ी में बिना लाइसेंस वाले दवा गोदाम से जब्त दवाओं के 18 सैंपल में से 5 खराब क्वालिटी के थे।
यह जानकारी प्रमुख सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) गायत्री राठौड़ ने गुरुवार को दी।
राठौड़ ने बताया कि सूचना के आधार पर किए गए ऑपरेशन के दौरान लगभग 1,500 कार्टन दवाएं और अन्य सामान जब्त किया गया, जिनकी कीमत 4 करोड़ रुपए थी।
कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए, जब्त किए गए सामान को ड्रग कंट्रोल ऑफिसर की कस्टडी में रखा गया है।
ऑपरेशन के दौरान, उस जगह पर अलग-अलग कंपनियों द्वारा बनाई और बेची जाने वाली दवाएं मिलीं, और क्वालिटी टेस्टिंग के लिए 18 सैंपल लिए गए।
ड्रग कंट्रोल कमिश्नरेट ने संबंधित मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स से विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। ड्रग कंट्रोल कमिश्नर अविचल चतुर्वेदी ने कहा कि कमिश्नरेट के निर्देशों पर अमल करते हुए, संबंधित मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में इंस्पेक्शन टीमें भेजी गई हैं। ये टीमें मैन्युफैक्चरिंग रिकॉर्ड, कच्चे माल, क्वालिटी-कंट्रोल रिकॉर्ड, बैच प्रोडक्शन रिकॉर्ड और संबंधित बैचों के डिस्ट्रीब्यूशन और सप्लाई चेन से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच करेंगी।
इंस्पेक्शन में यह भी देखा जाएगा कि दवाओं की मैन्युफैक्चरिंग, क्वालिटी टेस्टिंग, स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन तय मानकों और रेगुलेटरी जरूरतों के हिसाब से किया गया था या नहीं।
चतुर्वेदी ने कहा कि जांच के नतीजों के आधार पर कानून और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत जरूरी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि दवाओं की क्वालिटी और पब्लिक हेल्थ से जुड़े मामलों में, या बिना लाइसेंस के फार्मास्युटिकल व्यापार से जुड़े मामलों में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित व्यक्तियों, संस्थानों और अन्य पक्षों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने जोर देकर कहा कि दवाओं की क्वालिटी और पब्लिक हेल्थ से जुड़े मामलों में, या बिना लाइसेंस के फार्मास्युटिकल व्यापार से जुड़े मामलों में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
--आईएएनएस
एएसएच/डीकेपी
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