भारत-जापान रक्षा साझेदारी को नई मजबूती, ‘एक्सरसाइज वीर गार्डियन 2026’ के लिए जापानी फाइटर जेट पहुंचे
रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि 'एक्सरसाइज वीर गार्डियन 2026' के लिए जापानी एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स (जेएएसडीएफ) के फाइटर एयरक्राफ्ट की भारत की पहली यात्रा दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग के और गहरे होने का प्रतीक है.
मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा, "भारत-जापान रक्षा साझेदारी में एक अहम पड़ाव! एक्सरसाइज वीर गार्डियन 2026 के लिए जेएएसडीएफ फाइटर एयरक्राफ्ट की भारत की पहली यात्रा, दोनों देशों के फाइटर एयरक्राफ्ट को शामिल करने वाला दूसरा संयुक्त अभ्यास है. इससे पहले 2023 में 'वीर गार्डियन 23' के दौरान आईएएफ के फाइटर एयरक्राफ्ट ने पहली बार जापान का दौरा किया था."
मंत्रालय ने कहा, "फाइटर एयरक्राफ्ट की आपसी तैनाती एक महत्वपूर्ण पहल है, जो भारत-जापान रक्षा सहयोग के और गहरे होने का प्रतीक है. यह अभ्यास इंटरऑपरेबिलिटी (आपसी तालमेल) को बढ़ाएगा, रणनीति के आदान-प्रदान को आसान बनाएगा और संयुक्त गतिविधियों के माध्यम से ऑपरेशनल स्किल्स में सुधार करेगा, जिससे इंडो-पैसिफिक में दीर्घकालिक सहयोग और स्थिरता की नींव मजबूत होगी."
इससे पहले दिन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जेएएसडीएफ एफ-2 की भारत की पहली यात्रा का स्वागत किया और इसे दोनों देशों के बीच रक्षा साझेदारी के लिए एक 'अहम पड़ाव' बताया. उन्होंने कहा कि 'एक्सरसाइज वीर गार्डियन' जैसे आपसी आदान-प्रदान भारत और जापान के बीच तालमेल को और मजबूत करते हैं.
राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा, "भारत-जापान रक्षा साझेदारी के लिए एक अहम पड़ाव! जेएएसडीएफ फाइटर एयरक्राफ्ट की भारत की पहली यात्रा इंडो-पैसिफिक में शांति और स्थिरता के प्रति हमारे बढ़ते भरोसे और साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है. पिछले महीने नई दिल्ली में हमारी बहुत ही सार्थक बातचीत के बाद 'एक्सरसाइज वीर गार्डियन' जैसे आपसी दौरों से यह तालमेल और मजबूत होता है."
एक्सरसाइज वीर गार्डियन 2026 भारतीय वायु सेना और जेएएसडीएफ के बीच जोधपुर में 9 से 22 सितंबर तक आयोजित की जा रही है. आईएएफ इस अभ्यास में कई फ्रंटलाइन कॉम्बैट एयरक्राफ्ट के साथ भाग ले रही है, जिनमें स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) तेजस, एसयू-30 एमकेआई और राफेल शामिल हैं.
14 दिनों तक चलने वाले इस अभ्यास के दौरान भाग लेने वाले एयर वॉरियर्स एडवांस्ड ऑपरेशनल मिशन को अंजाम देंगे और व्यापक प्रोफेशनल बातचीत करेंगे. रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस कार्यक्रम में मिशन की योजना बनाने से जुड़ी कॉन्फ्रेंस, विषय-विशेषज्ञों का आदान-प्रदान और इंजीनियरिंग तथा एयरोस्पेस सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर कर्मियों के बीच बातचीत शामिल है, जिससे दोनों वायु सेनाओं के बीच गहरे ऑपरेशनल तालमेल को बढ़ावा मिलता है.
--आईएएनएस
एएसएच/डीकेपी
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‘मैं कोई एक्टर नहीं हूं’, फिलीपींस के रक्षा सचिव ने चीन के ‘नाटक’ वाले आरोपों को किया खारिज
फिलीपींस के रक्षा सचिव गिलबर्टो टेओडोरो जूनियर ने गुरुवार को चीन की नाटकीयता वाली टिप्पणी पर पलटवार करते हुए कहा कि मैं अभिनेता नहीं हूं. स्थानीय मीडिया ने बताया कि उन्होंने सियोल रक्षा संवाद 2026 में बीजिंग के अनादर को उजागर करने के बाद यह बात कही.
दक्षिण चीन सागर पर 2016 के मध्यस्थता फैसले को लेकर चीन के रुख की टेओडोरो द्वारा आलोचना किए जाने के बाद चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने बुधवार को बीजिंग में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इसे 'नाटकीयता' करार दिया था. टेओडोरो की यह प्रतिक्रिया उसी टिप्पणी के जवाब में आई है.
फिलीपींस के मीडिया आउटलेट एबीएस-सीबीएन की रिपोर्ट के अनुसार, टेओडोरो ने दक्षिण चीन सागर में मिसचीफ रीफ पर चीनी विदेश मंत्री वांग यी की पिछली टिप्पणियों का हवाला देते हुए उनके 'नाटकीय' आचरण पर सवाल उठाया.
फिलीपींस के पारानाक सिटी में मनीला स्ट्रैटेजी फोरम के मौके पर पत्रकारों से बात करते हुए टेओडोरो ने कहा, "वांग यी के यह कहने से ज्यादा नाटकीय क्या हो सकता है कि मिसचीफ रीफ शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और वे कभी भी इसका सैन्यीकरण नहीं करेंगे?"
स्थानीय मीडिया के अनुसार, मंगलवार को सियोल में क्षेत्रीय सुरक्षा मंच पर संबोधन के दौरान टेओडोरो को बीजिंग की ओर से 2016 के फैसले को खारिज करने वाला एक नोट सौंपा गया था, जिसके बाद उन्होंने चीन पर दक्षिण चीन सागर में जबरदस्ती, धौंस और आक्रामक रवैया अपनाने का आरोप लगाया.
सियोल रक्षा संवाद के दौरान संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि (यूएनसीएलओएस) को बनाए रखने की आवश्यकता पर चर्चा करते हुए टेओडोरो को एक नोट मिला, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि वह चीन की ओर से आया प्रतीत होता है.
उन्होंने इसमें से कुछ अंश पढ़े, जिसमें बीजिंग का यह रुख शामिल था कि दक्षिण चीन सागर मध्यस्थता ने अंतरराष्ट्रीय कानून के मौलिक सिद्धांतों का उल्लंघन किया है और यह फैसला अवैध और अमान्य है और कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है.
गुरुवार को टेओडोरो ने कहा कि नोट पर उनकी प्रतिक्रिया सहज थी, जो चीन के रवैये से बिल्कुल अलग थी. उन्होंने कहा, "मूल्यों और मानदंडों की समझ रखने वाला कोई भी विवेकशील व्यक्ति ऐसी स्थिति में प्रतिक्रिया देता, इसलिए मैंने आखिरकार उन्हें आईना दिखाने का फैसला किया. यह शालीनता और सद्व्यवहार का मामला है, जो बुनियादी और मौलिक है."
इस घटना के सुनियोजित होने के सवालों को खारिज करते हुए टेओडोरो ने जोर देकर कहा, "कोरियाई आयोजकों से पूछिए. मैं इसका जवाब नहीं दूंगा. कृपया उनसे पूछें. मैं अपने कोरियाई भाइयों और बहनों का बहुत सम्मान करता हूं कि ऐसा कुछ सुनियोजित करूं."
जुलाई 2016 में हेग स्थित स्थायी मध्यस्थता न्यायालय ने दक्षिण चीन सागर में चीन के खिलाफ फिलीपींस के मामले पर फैसला सुनाते हुए भारी बहुमत से फिलीपींस के पक्ष में निर्णय दिया था, जिसमें कहा गया था कि चीन के दावे के प्रमुख तत्व, जिसमें उसकी नाइन-डैश लाइन, भूमि सुधार गतिविधियां और फिलीपींस के जल क्षेत्र में अन्य गतिविधियां शामिल हैं, गैरकानूनी थीं. चीन ने फैसले पर नकारात्मक प्रतिक्रिया दी और कहा कि यह अमान्य है.
दक्षिण चीन सागर दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है और इस पर चीन, फिलीपींस, वियतनाम, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान द्वारा पूर्ण या आंशिक रूप से दावा किया जाता है. प्रतिस्पर्धी दावों के कारण तट रक्षक और नौसैनिक जहाजों के बीच बार-बार टकराव हुआ है, जिससे यह जलमार्ग हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक प्रमुख रणनीतिक हॉटस्पॉट बन गया है.
--आईएएनएस
केके/डीकेपी
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