BRICS Summit पर सवाल उठाने पर BJP का Congress पर तीखा हमला
भाजपा ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लाभों पर सवाल उठाने के लिए बृहस्पतिवार को कांग्रेस पर हमला बोला और आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टी वैश्विक मंच पर भारत के बढ़ते प्रभाव को ‘‘पचा नहीं पा रही’’ है। भाजपा ने कांग्रेस नेताओं को ‘नाराज फूफा’ और ‘दिमागी नक्सल’ भी कहा। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12-13 सितंबर को नयी दिल्ली स्थित ‘भारत मंडपम’ में आयोजित होगा।
इससे पहले दिन में, कांग्रेस ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले इस समूह के गठन के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने पहली बार 2012 में शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी और उस दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ब्रिक्स विकास बैंक बनाने का विचार रखा था। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि ऐसे समय में जब ब्रिक्स शिखर सम्मेलन होने जा रहा है, कांग्रेस नेताओं के इस तरह के बयान ‘‘बेहद शर्मनाक’’ हैं। नवीन ने उत्तराखंड के रुद्रपुर में पार्टी के एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से कहा, ‘‘कांग्रेस भारत के विकास को पचा नहीं पा रही है।
विदेश जाकर भी राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य नेताओं ने भारत को अपमानित करना जारी रखा है। आज भी जब देश में इतना बड़ा अंतरराष्ट्रीय आयोजन हो रहा है तो उन्हें इससे पीड़ा हो रही है।’’ कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि देश की जनता एक बार फिर विपक्षी पार्टी को ‘‘सजा देगी’’। भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने भी कांग्रेस नेताओं को ‘दिमागी नक्सल’ और ‘नाराज फूफा’ कहा।
उन्होंने कहा कि ब्रिक्स से जुड़ी टिप्पणियां कांग्रेस नेताओं की उस मानसिकता को दर्शाती हैं, जिन्होंने बार-बार भारत की क्षमताओं को कम आंका है। त्रिवेदी ने राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पर जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाने में विफल रहने का भी आरोप लगाया। त्रिवेदी ने कहा कि ब्रिक्स के भीतर सहयोग के क्षेत्रों में से एक ‘मानसिक स्वास्थ्य’ भी है और उन्होंने सुझाव दिया कि कांग्रेस इससे लाभ उठा सकती है।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस को विशेष रूप से मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े सहयोग का लाभ उठाने की कोशिश करनी चाहिए, ताकि शायद उन्हें इससे फायदा मिल सके।’’ भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि कांग्रेस देश के हित में होने वाली हर चीज का विरोध करने वाले ‘नाराज फूफा’ की तरह व्यवहार कर रही है। भंडारी ने कहा, ‘‘आज कांग्रेस के नेता नाराज फूफा बन गए हैं। जब भी देश में कुछ अच्छा होता है, ये नाराज फूफा उसे देखते हैं और उसका विरोध करना शुरू कर देते हैं।
यही वह मानसिकता है, जिसके बारे में प्रधानमंत्री ने बात की थी और कांग्रेस पार्टी खुद को उजागर कर रही है।
Sagar Liquor Tragedy: CPI(M) ने लगाया MP सरकार पर शराब माफिया को बचाने का आरोप
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने बृहस्पतिवार को मध्यप्रदेश सरकार पर शराब माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाया और सागर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) के इस दावे पर सवाल उठाया कि जहरीली शराब उत्तर प्रदेश के ललितपुर से लाई गई थी। सागर में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों का आंकड़ा बृहस्पतिवार को 16 हो गया, जबकि 32 अन्य लोगों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है। मामले में आरोपी बनाए गए 30 लोगों में से 16 को गिरफ्तार किया गया है और एक को हिरासत में लिया गया है।
माकपा के प्रदेश सचिव जसविंदर सिंह ने एक बयान में दावा किया कि घटना में 32 लोगों की मौत हो चुकी है और कई अन्य अस्पतालों में जिंदगी के लिए जूझ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद सरकार और प्रशासन त्रासदी के लिए जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। सिंह ने जनवरी 2021 में मुरैना में जहरीली शराब पीने से हुई 24 लोगों की मौत का भी उल्लेख किया और कहा कि उस घटना के बाद इसी पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया को हटा दिया गया था।
उन्होंने सागर के पुलिस अधीक्षक के ललितपुर से शराब की आपूर्ति किए जाने के दावे पर भी सवाल उठाया। सिंह ने दावा किया कि अडावन गांव के निवासी बृजेश महाराज ने त्रासदी से कई महीने पहले ही अवैध शराब उतारे जाने और बेचे जाने की सीसीटीवी फुटेज पुलिस के अनुविभागीय अधिकारी और एसपी को उपलब्ध कराई थी। माकपा नेता ने दावा किया कि प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त शराब माफिया ने महाराज के घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे क्षतिग्रस्त कर दिए और उनके खिलाफ झूठा मामला भी दर्ज कराया।
सिंह ने आबकारी आयुक्त के कथित ‘‘उज्जैन कनेक्शन’’ पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना वाले दिन मौके पर मौजूद होने के बावजूद आयुक्त ने आबकारी अधिकारियों को निलंबित करने के लिए सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में आई खबरों का हवाला दिया, जो आरोपियों को बचाने की कोशिश का संकेत है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने के बाद संभागीय आयुक्त और पुलिस महानिरीक्षक को बदल दिया, लेकिन एसपी और जिलाधिकारी अपने पदों पर बने हुए हैं।
माकपा ने आरोप लगाया कि अब तक सरकार और प्रशासन की कार्रवाई अधिकारियों तथा शराब माफिया के बीच सांठगांठ एवं अवैध कारोबार को राजनीतिक संरक्षण दिए जाने की ओर इशारा करती है। पार्टी ने कथित गठजोड़ की निंदा करते हुए इसके खिलाफ जनप्रतिरोध का आह्वान किया। इस बीच, सागर के एसपी सुजानिया ने ‘पीटीआई- भाषा’ को बताया कि उत्तर प्रदेश के ललितपुर के एक गिरोह का सदस्य रवि लखेरा जिले में जहरीली शराब बनाने में कथित तौर पर शामिल था।
एसपी ने कहा, ‘‘लखेरा ललितपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र की गंगापुरम कॉलोनी का रहने वाला है और फरार है। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महोबा जिले का रहने वाला है, जहां उसके माता-पिता अब भी वहां रहते हैं।
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