Sagar Liquor Tragedy: CPI(M) ने लगाया MP सरकार पर शराब माफिया को बचाने का आरोप
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने बृहस्पतिवार को मध्यप्रदेश सरकार पर शराब माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाया और सागर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) के इस दावे पर सवाल उठाया कि जहरीली शराब उत्तर प्रदेश के ललितपुर से लाई गई थी। सागर में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों का आंकड़ा बृहस्पतिवार को 16 हो गया, जबकि 32 अन्य लोगों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है। मामले में आरोपी बनाए गए 30 लोगों में से 16 को गिरफ्तार किया गया है और एक को हिरासत में लिया गया है।
माकपा के प्रदेश सचिव जसविंदर सिंह ने एक बयान में दावा किया कि घटना में 32 लोगों की मौत हो चुकी है और कई अन्य अस्पतालों में जिंदगी के लिए जूझ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद सरकार और प्रशासन त्रासदी के लिए जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। सिंह ने जनवरी 2021 में मुरैना में जहरीली शराब पीने से हुई 24 लोगों की मौत का भी उल्लेख किया और कहा कि उस घटना के बाद इसी पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया को हटा दिया गया था।
उन्होंने सागर के पुलिस अधीक्षक के ललितपुर से शराब की आपूर्ति किए जाने के दावे पर भी सवाल उठाया। सिंह ने दावा किया कि अडावन गांव के निवासी बृजेश महाराज ने त्रासदी से कई महीने पहले ही अवैध शराब उतारे जाने और बेचे जाने की सीसीटीवी फुटेज पुलिस के अनुविभागीय अधिकारी और एसपी को उपलब्ध कराई थी। माकपा नेता ने दावा किया कि प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त शराब माफिया ने महाराज के घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे क्षतिग्रस्त कर दिए और उनके खिलाफ झूठा मामला भी दर्ज कराया।
सिंह ने आबकारी आयुक्त के कथित ‘‘उज्जैन कनेक्शन’’ पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना वाले दिन मौके पर मौजूद होने के बावजूद आयुक्त ने आबकारी अधिकारियों को निलंबित करने के लिए सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में आई खबरों का हवाला दिया, जो आरोपियों को बचाने की कोशिश का संकेत है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने के बाद संभागीय आयुक्त और पुलिस महानिरीक्षक को बदल दिया, लेकिन एसपी और जिलाधिकारी अपने पदों पर बने हुए हैं।
माकपा ने आरोप लगाया कि अब तक सरकार और प्रशासन की कार्रवाई अधिकारियों तथा शराब माफिया के बीच सांठगांठ एवं अवैध कारोबार को राजनीतिक संरक्षण दिए जाने की ओर इशारा करती है। पार्टी ने कथित गठजोड़ की निंदा करते हुए इसके खिलाफ जनप्रतिरोध का आह्वान किया। इस बीच, सागर के एसपी सुजानिया ने ‘पीटीआई- भाषा’ को बताया कि उत्तर प्रदेश के ललितपुर के एक गिरोह का सदस्य रवि लखेरा जिले में जहरीली शराब बनाने में कथित तौर पर शामिल था।
एसपी ने कहा, ‘‘लखेरा ललितपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र की गंगापुरम कॉलोनी का रहने वाला है और फरार है। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महोबा जिले का रहने वाला है, जहां उसके माता-पिता अब भी वहां रहते हैं।
TMC सांसद Abhishek Banerjee के निजी सहायक Sumit Roy को CID ने किया गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने बृहस्पतिवार को तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित रॉय को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी सालबोनी जमीन घोटाला मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा रॉय की अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के तुरंत बाद की गई। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रॉय की गिरफ्तारी की घोषणा राज्य विधानसभा में की।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘सुमित रॉय राज्य में रंगदारी वसूलने वाला कुख्यात व्यक्ति है। उच्चतम न्यायालय ने उसे मिली सुरक्षा हटा दी है। रंगदारी वसूलने वाले भतीजे के करीबी सुमित रॉय को आज सीआईडी ने गिरफ्तार कर लिया।’’ केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि उच्चतम न्यायालय द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद रॉय की गिरफ्तारी तय थी और जांच आगे चलकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेतृत्व तक पहुंच सकती है।
उन्होंने कहा, ‘‘वह अभिषेक के कहने पर सब कुछ करता था। वह व्यावहारिक रूप से पूरी सरकार चलाता था। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं।
गिरफ्तारी हो गई है, लेकिन अभी सिर्फ कान पकड़ा गया है। अब सिर भी पकड़ा जाएगा। सिर (प्रमुख व्यक्ति) ‘कैमक स्ट्रीट’ में बैठा है।’’ भाजपा विधायक सजल घोष ने कहा कि रॉय की गिरफ्तारी केवल शुरुआत है।
घोष ने कहा, ‘‘मैं इसका इंतजार कर रहा था। जैसे ही उच्चतम न्यायालय ने सुरक्षा हटाई, सीआईडी ने सुमित रॉय को पकड़ लिया। सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया गया है, अब बंगाल यह देखने का इंतजार कर रहा है कि मुखिया को कब गिरफ्तार किया जाएगा।
लोग उन्हें जेल में देखना चाहते हैं। वही असली जश्न होगा।’’ मदन मित्रा, जो विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस के बागी खेमे के साथ हैं, ने भी अभिषेक पर निशाना साधा। उन्होंने उनकी कथित जीवनशैली को लेकर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा, ‘‘अभिषेक लॉन्ग आइलैंड में एक आलीशान, महल जैसी हवेली में रह रहे हैं। यह न्यू जर्सी का बेहद महंगा इलाका है, जहां दुनिया के कुछ शीर्ष अरबपति रहते हैं। एक तरफ बंगाल में आम लोगों के घर पानी में डूब रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अमेरिका में विशेष विमान और शाही जीवनशैली है।
राज्य प्रशासन को तुरंत न्यू जर्सी स्थित इस हवेली की कीमत और इसे खरीदने के लिए इस्तेमाल की गई आय के स्रोत की जांच करनी चाहिए।’’ ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि उसने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव को निशाना बनाने के लिए उस समय गिरफ्तारी की, जब वह इलाज के लिए विदेश में थे। टीएमसी प्रवक्ता अनिर्बान बनर्जी ने एक वीडियो संदेश में कहा कि भाजपा ‘बदले की राजनीति के सबसे निचले स्तर तक गिर गई है’ और आरोप लगाया कि गिरफ्तारी का समय पार्टी नेतृत्व को बदनाम करने के इरादे से तय किया गया। उन्होंने कहा, ‘‘यह गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब बनर्जी देश से बाहर हैं और आंखों का इलाज करा रहे हैं।
वह उच्चतम न्यायालय की अनुमति से वहां गए हैं। ’’ गिरफ्तारी के बाद रॉय को पहले राज्य संचालित एसएसकेएम अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका चिकित्सकीय परीक्षण किया गया। इसके बाद उसे भवानी भवन स्थित राज्य सीआईडी मुख्यालय ले जाया गया।
इस मामले के संबंध में रॉय को पहले भी कई बार राज्य सीआईडी मुख्यालय में पेश होने के लिए समन भेजा गया था। इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी और उसे जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया था। उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को रॉय की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी और छह अगस्त के अपने उस पुराने आदेश को भी वापस ले लिया, जिसके तहत उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई गई थी।
सूत्रों ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद सीआईडी के कर्मी कालीघाट स्थित परिसर पहुंचे और सुरक्षा कर्मियों के साथ कहासुनी के बीच इमारत में प्रवेश किया। अधिकारियों ने बताया कि रॉय को शुक्रवार को स्थानीय अदालत में पेश किए जाने की संभावना है।
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