Maharashtra: 'जनता के साथ लगातार संपर्क और संवाद बनाए', रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग में BJP प्रदेशाध्यक्ष चव्हाण ने कार्यकर्ताओं को दिया संदेश
पुणे में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक के बाद अब भाजपा की जिला स्तर की कार्यकारिणी बैठकों का सिलसिला शुरू हो गया है. इसी क्रम में भाजपा महाराष्ट्र प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने एक दिवसीय रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग दौरा किया. उनके इस दौरे से जिले के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में उत्साह और नई ऊर्जा का संचार हुआ. इस दौरे के दौरान सावंतवाड़ी में भाजपा सिंधुदुर्ग जिला कार्यकारिणी की बैठक हुई, जबकि रत्नागिरी में दक्षिण और उत्तर रत्नागिरी जिला कार्यकारिणी की बैठकें आयोजित की गईं. इन बैठकों में रविंद्र चव्हाण ने संगठन के आगामी कामकाज की समीक्षा की. उन्होंने कार्यकर्ताओं से पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने और गांव-गांव में देशभक्त कार्यकर्ताओं की मजबूत टीम तैयार करने का आह्वान किया.
लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की जरूरत
उन्होंने कहा कि पार्टी संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं को तन, मन और धन से समर्पित होकर काम करना होगा. विशेष रूप से बूथ स्तर पर संगठन की मजबूत नींव तैयार करने पर उन्होंने जोर दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में राज्य और देश में चल रहे विकास कार्यों तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की जरूरत पर भी रविंद्र चव्हाण ने विशेष जोर दिया. उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के साथ लगातार संपर्क और संवाद बनाए रखने तथा सरकार के विकास कार्यों और योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए.
जनाधार और मजबूत करने पर भी बैठक
रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग लोकसभा क्षेत्र में भाजपा के सांसद हैं. इसके अलावा विभिन्न नगर परिषदों में भाजपा के कई नगराध्यक्ष, उपनगराध्यक्ष और नगरसेवक कार्यरत हैं. इन जनप्रतिनिधियों के माध्यम से किए जा रहे विकास कार्यों को संगठन के जनसंपर्क से जोड़ते हुए पार्टी का जनाधार और मजबूत करने पर भी बैठक में जोर दिया गया. बैठक में S.I.R., सेवा संकल्प अभियान, पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण वर्ग सहित विभिन्न संगठनात्मक विषयों पर चर्चा हुई. कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण, वैचारिक मजबूती और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा को लेकर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया.
रविंद्र चव्हाण ने कणकवली और रत्नागिरी में निर्माणाधीन ‘भाजपा भवन’ जिला कार्यालयों का भी निरीक्षण किया. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा किए गए आह्वान के तहत इन कार्यालयों का निर्माण किया जा रहा है. इस अवसर पर चव्हाण ने कहा कि ये कार्यालय केवल पार्टी के प्रशासनिक कामकाज तक सीमित न रहें, बल्कि राष्ट्रसेवा की कार्यशाला, जनता की आकांक्षाओं को आवाज देने वाला मंच और कार्यकर्ताओं के लिए ऊर्जा केंद्र बनें.
रत्नागिरी क्षेत्र में पार्टी के कामकाज की जानकारी ली
उन्होंने कहा कि इन केंद्रों के माध्यम से भविष्य में ‘चरित्र निर्माण से राष्ट्र निर्माण’ के उद्देश्य को भी आगे बढ़ाने का काम होना चाहिए. दौरे के दौरान प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने भाजपा रत्नागिरी उत्तर जिलाध्यक्ष सतीशराव मोरे और दक्षिण जिलाध्यक्ष प्रशांत यादव के जनसंपर्क कार्यालयों में सदिच्छा भेंट दी. इस दौरान उन्होंने स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से बातचीत कर रत्नागिरी क्षेत्र में पार्टी के कामकाज की जानकारी ली.
भाजपा का संगठन और मजबूत होने का संकेत
उत्तर रत्नागिरी में विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाजपा में प्रवेश किया. इन प्रवेशों से उत्तर रत्नागिरी क्षेत्र में भाजपा का संगठन और मजबूत होने का संकेत मिला है. इस दौरे के दौरान मंत्री नितेश राणे, प्रदेश महासचिव एवं विधायक योगेश सागर, प्रदेश महासचिव एवं विधायक निरंजन डावखरे, विधायक प्रमोद जठार, भाजपा सिंधुदुर्ग जिलाध्यक्ष प्रभाकर सावंत, भाजपा रत्नागिरी दक्षिण जिलाध्यक्ष प्रशांत यादव, भाजपा रत्नागिरी उत्तर जिलाध्यक्ष सतीशराव मोरे, पूर्व विधायक विनय नातू, भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष वर्षाताई ढेकणे, भाजपा रत्नागिरी शहराध्यक्ष परशुराम ढेकणे, खेड के पूर्व नगराध्यक्ष वैभव खेडेकर सहित जिले के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे.
प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण के इस दौरे से रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग में भाजपा के आगामी संगठनात्मक कामकाज को स्पष्ट दिशा मिली है. कार्यकर्ताओं के उत्साह और स्थानीय नेतृत्व की ताकत को एकजुट करते हुए ‘शत-प्रतिशत भाजपा’ के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने का संकल्प भी इस दौरे के साथ और मजबूत हुआ है.
अगर हम अपने लाइफस्टाइल को ठीक कर लें, तो 50 प्रतिशत बीमारी खत्म हो जाएगी : एआईआईए के डायरेक्टर
नई दिल्ली, 10 सितंबर (आईएएनएल)। ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (एआईआईए) के डायरेक्टर, प्रोफेसर (वैद्य) प्रदीप कुमार प्रजापति ने गुरुवार को आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि निकारागुआ के एम्बेसडर नादेस्का कुथबर्ट ने एआईआईए का दौरा किया और दोनों देशों के बीच आयुर्वेद एक्सचेंज को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही एक एमओयू साइन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में हम पूरे देश को लेकर एक जन आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं, जिससे हम ज्यादा से ज्यादा आयुर्वेद में वर्णित आहार-विहार की कल्पना को लोगों को समझा सकें। बहुत से देशों में इस प्रकार की पौराणिक चीजों का इस्तेमाल हो रहा है, लेकिन उसके पीछे जो वैज्ञानिक पृष्ठभूमि और साक्ष्य हैं, हम उसकी भी बात करते हैं, क्योंकि बिना उसके लोग इस पर विश्वास नहीं करते हैं। इसलिए हमारे पास जितने भी कॉलेज, रिसर्च इंस्टीट्यूट और विकसित देशों में जितने भी हमारे सेंटर्स हैं, हम उनसे अनुरोध करते हैं कि वे ज्यादा से ज्यादा इन चीजों को वैज्ञानिक पृष्ठभूमि और साक्ष्य के साथ वर्णित करें ताकि यह आम लोगों तक पहुंच सकें।
उन्होंने कहा कि जब हम जन आंदोलन की बात करते हैं, तो घर-घर आयुर्वेद और प्रत्येक व्यक्ति आयुर्वेद से जुड़े, यह हमारा लक्ष्य होता है। जब हम आहार और विहार को संतुलित कर लेंगे, तब हमें औषधि की जरूरत नहीं पड़ेगी। हम जानते हैं कि आजकल जो हमारा काम करने का ढंग है, लाइफस्टाइल है, जो विकास है, उसमें टेक्नोलॉजी बहुत ज्यादा हाई-फाई रूप में आ चुकी है। लोग कितनी भी कोशिश करें, 6 से 7 घंटे स्क्रीन टाइम पर चले ही जाते हैं। स्क्रीन टाइम की वजह से लोगों को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में हमें स्वस्थ रहने के लिए आयुर्वेद और योग अपनाना होगा। लोगों की लाइफस्टाइल आजकल खाने, सोने, काम करने और घूमने तक सीमित रह गई है। ऐसे में स्वस्थ रहने के लिए दिनचर्या में आयुर्वेद और योग को अपनाना बहुत अहम हो गया है।
प्रोफेसर ने कहा कि इसके लिए हमें अपनी दिनचर्या और ऋतुचर्या को संतुलित करने की आवश्यकता है। हमारे पूर्वजों द्वारा बताई गई बातें आज भी बहुत ज्यादा लाभकारी हैं। अगर आज के समय में किसी व्यक्ति को विटामिन-डी, कैल्शियम, फास्फोरस की कमी हो रही है, तो यह हमारे खान-पान और रहन-सहन से ही जुड़ा है। अगर हम सुबह थोड़ा जल्दी उठें। सूर्योदय के समय सूरज के सामने टहलें और व्यायाम करें, तो धीरे-धीरे हमारे शरीर में विटामिन-डी की कमी अपने आप ठीक हो जाएगी। फिर ऑस्टियोपोरोसिस और ऑस्टियोपीनिया के मामले सामने नहीं आएंगे। यह और भी आवश्यक हो जाता है कि हम आयुर्वेद को एक जन आंदोलन के रूप में देखते हुए आगे बढ़ाएं।
उन्होंने आयुष मंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने इसकी कमान ली और जन आंदोलन की कल्पना की। इस वर्ष आयुर्वेद दिवस का थीम आयुर्वेद फॉर ए हेल्थियर टुमारो (स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद) है।
उन्होंने कहा कि आयुर्वेद के नियम बहुत आसान हैं। जैसे घर के बड़े-बुजुर्ग सुबह जल्दी उठते हैं, समय से खाते और सोते हैं, दिन में कुछ समय के शारीरिक और मानसिक व्यायाम करते हैं। ठीक इसी प्रकार इसे भी हमें अपने जीवन में लागू करना है। ऐसा हो रहा है कि हम पूर्ण रूप से टेक्नोलॉजी पर निर्भर होते जा रहे हैं, लेकिन यह नहीं करना है। अगर हम टेक्नोलॉजी पर ही इस प्रकार से निर्भर होते चले गए, तो एक दिन ऐसा आएगा कि टेक्नोलॉजी हमारे ऊपर हावी हो जाएगी। इसके लिए हमें लाइफस्टाइल में बदलाव लाने की जरूरत है और इस बात को घर-घर तक पहुंचाना है। अगर हम खान-पान और रहन-सहन को संतुलित कर लेंगे तो 50 प्रतिशत बीमारी ऐसे ही खत्म हो जाएगी।
--आईएएनएस
डीके/एबीएम
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