सिंगापुर ठगी मामले में 2013 से फरार आरोपी को CBI भारत लाई, दिल्ली एयरपोर्ट पर दबोचा
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सिंगापुर से जुड़े ठगी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी हरनेक सिंह को अमेरिका से भारत वापस लाने में सफलता हासिल की है. आरोपी वर्ष 2013 से जांच और अदालत की कार्रवाई से बचता आ रहा था. उसके खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस और लुक-आउट सर्कुलर (LOC) भी जारी था.
CBI के मुताबिक, अमेरिका से निर्वासित किए जाने के बाद हरनेक सिंह को 9 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचते ही CBI अधिकारियों ने गिरफ्तार कर लिया. आरोपी को जल्द से जल्द पंचकूला, हरियाणा स्थित विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (CBI मामले) की अदालत में पेश किया जाएगा.
सिंगापुर में भारतीयों को बनाया निशाना
CBI ने इस मामले में वर्ष 2016 में दिल्ली में मामला दर्ज किया था. आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और जाली दस्तावेजों को असली बताकर इस्तेमाल करने से संबंधित IPC की धाराओं के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई थी.
जांच में सामने आया कि वर्ष 2013 में सिंगापुर में रह रहे या काम कर रहे भारतीय नागरिकों को भारत से संचालित ठगों ने स्पूफ्ड फोन कॉल किए थे. आरोपी खुद को सिंगापुर के इमिग्रेशन विभाग के अधिकारी के रूप में पेश करते थे. पीड़ितों से कहा जाता था कि उन्होंने एयरपोर्ट पर अपने डिसएम्बार्केशन फॉर्म में गलत जानकारी दी है. उन्हें डराया जाता था कि इस गलती के लिए उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जा सकती है और उन्हें सिंगापुर से निर्वासित किया जा सकता है. इसके बाद आरोपियों ने पीड़ितों को कथित तौर पर मामला निपटाने के लिए फीस या जुर्माने के नाम पर रकम देने के लिए मजबूर किया. यह रकम Western Union Money Transfer के माध्यम से भारत में मौजूद निर्धारित रिसीवरों को भेजी जाती थी.
हरनेक सिंह के मनी ट्रांसफर आउटलेट में पहुंचता था पैसा
CBI की जांच में सामने आया कि ठगी से हासिल रकम हरनेक सिंह द्वारा संचालित मनी-ट्रांसफर आउटलेट के जरिए प्राप्त की जाती थी. इस काम में उसके साथ सह-आरोपी आदित्य भारद्वाज और दीपक जैन भी जुड़े थे.
जांच एजेंसी के अनुसार, हरनेक सिंह मई 2013 में भारत से फरार हो गया था. इसके बाद वह अवैध तरीके से अमेरिका पहुंचा और वहां रहकर एक दशक से अधिक समय तक भारतीय जांच एजेंसियों और अदालत की कार्रवाई से बचता रहा.
दो सह-आरोपियों को 2025 में हुई सजा
हरनेक सिंह के फरार रहने के दौरान मामले में उसके सह-आरोपियों आदित्य भारद्वाज और दीपक जैन के खिलाफ मुकदमे की कार्रवाई जारी रही. पंचकूला की विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (CBI मामलों) की अदालत में सुनवाई पूरी होने के बाद 26 मई 2025 को दोनों को दोषी ठहराया गया.
अमेरिका में समन और जमानती वारंट के बावजूद नहीं हुआ पेश
CBI के अनुसार, हरनेक सिंह को अमेरिका में अमेरिकी न्याय विभाग के माध्यम से समन और जमानती वारंट भी तामील कराया गया था. इसके बावजूद वह ट्रायल कोर्ट के समक्ष पेश नहीं हुआ. लगातार अदालत की कार्रवाई से अनुपस्थित रहने के बाद 22 अप्रैल 2024 को पंचकूला स्थित विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (CBI) की अदालत ने उसके खिलाफ ओपन-डेटेड गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट (NBW) जारी किया.
इसके बाद CBI ने आरोपी को भारत वापस लाने के लिए इंटरपोल चैनलों के माध्यम से कार्रवाई तेज की. इसी प्रक्रिया के तहत उसके खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस प्रकाशित कराया गया. साथ ही उसके पासपोर्ट के खिलाफ लुक-आउट सर्कुलर (LOC) भी जारी कराया गया. अब अमेरिका से निर्वासन के बाद भारत लौटते ही CBI ने उसे दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया है. उसकी पेशी के बाद अदालत के निर्देश के अनुसार आगे की न्यायिक कार्रवाई की जाएगी.
'देश तोड़ने वालों को गांधी की नहीं नेताजी की भाषा में जवाब देंगे', बंगाल CM सुवेंदु अधिकारी ने लगाई फटकार
बंगाल की जादवपुर यूनिवर्सिटी में सियासी हंगामा जारी है. इस बीच, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राष्ट्र विरोधी ताकतों के समर्थकों का इलाज करना होगा. उन्होंने कहा कि अगर जादवपुर विश्वविद्यालय में कश्मीर की आजादी के नारे लगाए जाते हैं तो गांधीजी की तरह नहीं बल्कि नेताजी की भाषा में जवाब दूंगा. मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा कि जादवपुर यूनिवर्सिटी को 1300 करोड़ रुपये का अनुदान मिलेगा लेकिन भारत को तोड़ने की बात करने वालों के टुकड़े-टुकड़े कर दिए जाएंगे.
जादवपुर यूनिवर्सिटी के स्टाफ से कही ये बातें
CM शुभेंदु ने बंगाल विधानसभा में टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ के यूनिवर्सिटी के बीच ट्रांसफर की सुविधा देने वाले संशोधन बिल को पेश करते हुए कहा कि प्रस्तावित कानून के जरिए तथाकथित पंडितों को नए संस्थानों में भेजा जाएगा. इससे उनको फायदा होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बिल संस्थानों की स्वायत्तता और सरकार के प्रति जवाबदेही के बीच संतुलन बनाएगा. इससे PhD सुपरविजन और प्रोजेक्ट्स पर कोई भी असर नहीं पड़ेगा. CM ने आगे कहा कि बिल के प्रावधान से जो भी खुश नहीं है. वह अपनी नौकरी छोड़ सकते हैं.
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धीरेंद्र शास्त्री पर सीएम का बयान
जादवपुर यूनिवर्सिटी के पूर्व वाइस चांसलर गोपाल सेन की 1970s में हुई हत्या के बारे में CM ने कहा कि अगर जरूरत पड़ती है तो सरकार घटना की जांच के लिए एक पैनल बना सकती है. इसके साथ ही CM ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री के मांस वाले बयान पर कहा कि वे कोलकाता पुलिस को निर्देश देंगे कि वह उन लोगों को गिरफ्तार करें, जिन्होंने कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के हालिया विरोध प्रदर्शन के दौरान धर्मगुरू की तस्वीरें जलाईं थीं.
जादवपुर यूनिवर्सिटी में हुआ था विवाद
बता दें, पिछले दिनों जादवपुर यूनिवर्सिटी में वामपंथी छात्र समूहों और ABVP के बीच झड़प हो गई थी, जिसके बाद यूनिवर्सिटी को लेकर CM अधिकारी आक्रामक हैं. बुधवार को CM ने गोलपार्क से 3 किलोमीटर लंबी 'गेरुआ सम्मान यात्रा' (केसरिया सम्मान मार्च) का नेतृत्व करने किया और कैंपस के बाहर 8B बस स्टैंड पर लोगों को संबोधित किया.
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