भारत-अफगानिस्तान के पहले T20I मैच पर खतरा, क्या BRICS Summit की वजह से बदल जाएगा शेड्यूल? सामने आया बड़ा अपडेट
IND vs AFG: भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले जाने वाले 3 मैचों की टी20I सीरीज शुरू होने में अब सिर्फ 3 दिन बाकी रह गए हैं. इस सीरीज का पहला टी20 इंटरनेशनल मैच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाएगा, लेकिन सीरीज शुरू होने से पहले अचानक एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है. दरअसल, भारत-अफगानिस्तान टी20 मैच पर खतरा मंडरा रहा है. माना जा रहा है कि इस मैच के शेड्यूल में बदलाव भी किया जा सकता है, क्योंकि दिल्ली में ही 11 से 13 सितंबर तक ब्रिक्स सम्मेलन है। हालांकि, बीसीसीआई और अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड की ओर से इस बारे में अभी तक आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है.
13 सितंबर तक दिल्ली में होगा ब्रिक्स सम्मेलन, 13 को ही शाम को होना है मैच
दिल्ली का अरुण जेटली स्टेडियम भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाली 3 मैचों की टी20 सीरीज के लिए पूरी तरह तैयार है, जिसकी मेजबानी अफगान क्रिकेट बोर्ड कर रहा है. पुराने तय कार्यक्रम के मुताबिक मुकाबले 13, 15 और 17 सितंबर को खेले जाने हैं, लेकिन इस सीरीज के शेड्यूल पर ग्रहण लगता दिख रहा है. इसकी वजह है दिल्ली में होने वाला 'ब्रिक्स सम्मेलन', जो 11 से 13 सितंबर तक चलेगा. इस महासम्मेलन में वर्ल्ड लीडर और वीवीआईपी मेहमानों के जमावड़े के कारण दिल्ली पुलिस के लिए सुरक्षा के दोहरे इंतजाम करना बड़ी सिरदर्दी बन गया है. सुरक्षा बलों की भारी कमी की आशंका के चलते पहले मैच के आयोजन पर बड़ा सवालिया निशान लग गया है.
AFG-IND LATEST UPDATE ????
— Cricbuzz (@cricbuzz) September 10, 2026
The first T20I between Afghanistan and India was in danger of being postponed by a day because of the BRICS Summit in New Delhi.
However, the Delhi District Cricket Association has clarified that the match will go ahead as scheduled on Sunday… https://t.co/HkT5cglsek pic.twitter.com/xBNLlTJ8x1
दिल्ली पुलिस ने DDCA को लिखा पत्र
इस बीच खबर सामने आई है कि दिल्ली पुलिस के डिप्टी कमिश्नर (ट्रैफिक) ने डीडीसीए को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने अनुरोध किया है कि 13 सितंबर को होने वाले पहले टी20 मैच को री-शेड्यूल किया जाए. पुलिस प्रशासन का कहना है कि उसी दौरान दिल्ली में ग्लोबल BRICS Summit चल रहा होगा, जिसके चलते वीवीआईपी सुरक्षा और बड़े पैमाने पर ट्रैफिक रूट डायवर्ट करने होंगे. मैच के दौरान स्टेडियम में आने वाले 20 से 25 हजार फैंस की भीड़ को संभालना और साथ ही एक बड़े इंटरनेशनल सम्मेलन को सुरक्षित संपन्न कराना पुलिस के लिए दोहरी चुनौती है, जहां प्राथमिकता ब्रिक्स समिट को दी जाएगी.
इस बीच, क्रिकेट संघ ने गेंद बीसीसीआई और मेजबान अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पाले में डालते हुए कहा है कि यह उनका स्वतंत्र आयोजन नहीं है. तारीखों में किसी भी संभावित बदलाव की स्थिति में वे जल्द ही आधिकारिक घोषणा करेंगे.
Delhi Traffic Police has requested DDCA to reschedule the cricket match on 13th September between India and Afghanistan, at Arun Jaitley Stadium.
— ANI (@ANI) September 10, 2026
DDCA has told them it’s not their event and if any change in the date happens, it will be notified in due course: pic.twitter.com/nmyVoXgMGZ
शाम 7 बजे से शुरू होगा भारत और अफगानिस्तान का पहला टी20 मैच
भारत बनाम अफगानिस्तान का पहला टी20 मैच की शुरुआत शाम 7:00 बजे से होगी. जबकि दोनों कप्तानों के बीच टॉस शाम 6:30 बजे होगा. बिना किसी रुकावट के पूरा मैच होने की स्थिति में खेल रात 10:30 बजे तक खिंच सकता है. सुरक्षा चिंताओं के बीच मैच को री-शेड्यूल करने का फैसला अब बीसीसीआई को लेना है. देखना होगा कि बीसीसीआई और अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड मिलकर इसका क्या समाधान निकालते हैं.
'समुद्र मंथन मिशन' से गहरे समुद्री तेल-गैस अन्वेषण को मिलेगी नई गति, आईआईटी गुवाहाटी के साथ नवाचार को भी बढ़ावा दे रही है ऑयल इंडिया: चेयरमैन
गुवाहाटी, 10 सितंबर (आईएएनएस)। सार्वजनिक क्षेत्र की ऊर्जा कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड (ओआईएल) अनुसंधान, नवाचार और स्टार्टअप्स के माध्यम से ऊर्जा क्षेत्र में नई संभावनाओं को बढ़ावा देने पर लगातार काम कर रही है। इसी दिशा में कंपनी की भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) गुवाहाटी के साथ साझेदारी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। ऑयल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. रंजीत रथ ने गुरुवार को न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए गुरुवार को कहा कि कंपनी कई नवाचार-आधारित परियोजनाओं और स्टार्टअप्स पर आईआईटी गुवाहाटी के साथ काम कर रही है। उन्होंने बताया कि इन पहलों में एक परियोजना कंपनी के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जिसके तहत ऐसे एंजाइम विकसित किए जा रहे हैं जो बांस से बनने वाले इथेनॉल और अन्य जैव-आधारित उत्पादों की उत्पादकता तथा उत्पादन क्षमता को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।
उन्होंने कहा, स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और नई तकनीकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित एमसी2+ इग्नाइट चैलेंज जैसे कार्यक्रम नवाचार को नई दिशा देने का काम कर रहे हैं। इससे उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग भी मजबूत होगा।
डॉ. रंजीत रथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित समुद्र मंथन मिशन को भारत के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस मिशन का उद्देश्य भारतीय समुद्री क्षेत्रों में गहरे और अति-गहरे पानी (डीपवाटर और अल्ट्रा-डीपवाटर) में तेल एवं गैस की खोज को प्रोत्साहित करना है।
उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री ने इस मिशन की घोषणा करते हुए समुद्री ऊर्जा संसाधनों की खोज को नई दिशा देने की बात कही थी। इसके तहत भारतीय समुद्री क्षेत्र के लगभग 10 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को अन्वेषण के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। इसमें देश के पूर्वी और पश्चिमी तट, विशेष आर्थिक क्षेत्र और अंडमान बेसिन जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।
ऑयल इंडिया के सीएमडी ने कहा कि गहरे समुद्री क्षेत्रों में अन्वेषण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने एक व्यापक योजना तैयार की है, जिसके तहत लगभग 8 अरब अमेरिकी डॉलर का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने बताया कि इस राशि में से करीब 2.4 अरब अमेरिकी डॉलर विशेष रूप से डेटा अधिग्रहण के लिए खर्च किए जाएंगे। गहरे समुद्री क्षेत्रों में तेल और गैस भंडार की संभावनाओं का आकलन करने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले भूवैज्ञानिक और भूभौतिकीय डेटा का संकलन अत्यंत आवश्यक होता है। यह निवेश भविष्य के अन्वेषण अभियानों के लिए मजबूत आधार तैयार करेगा।
समुद्र मंथन मिशन भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। भारत वर्तमान में अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के माध्यम से पूरा करता है। ऐसे में घरेलू तेल और गैस भंडारों की नई खोज आयात निर्भरता को कम करने और ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ाने में सहायक हो सकती है।
ऑयल इंडिया और आईआईटी गुवाहाटी जैसी संस्थाओं के बीच सहयोग, जैव-ईंधन और नई ऊर्जा तकनीकों पर अनुसंधान तथा समुद्री ऊर्जा संसाधनों की खोज के लिए सरकार की पहल यह संकेत देती है कि भारत पारंपरिक और उभरते दोनों ऊर्जा क्षेत्रों में दीर्घकालिक रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है। इससे न केवल ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती मिलेगी, बल्कि नवाचार, निवेश और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation


