Responsive Scrollable Menu

जयपुर में जेप्‍टो डार्क स्टोर पर छापा, 1550 डेयरी पैकेट और एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थ नष्ट

जयपुर, 10 सितंबर (आईएएनएस)। राजस्थान में खाद्य सुरक्षा और औषधि नियंत्रण विभाग द्वारा चलाए जा रहे शुद्ध आहार, मिलावट पर वार अभियान के तहत विभाग की एक केंद्रीय टीम ने गुरुवार को जयपुर के जगतपुरा में जेप्टो के डार्क स्टोर (डिलीवरी-ओनली स्टोर) का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को खाद्य उत्पादों के भंडारण तापमान, स्वच्छता और स्थिति से जुड़ी कई कमियां मिलीं।

मौके पर ही डेयरी उत्पादों के लगभग 1,550 पैकेट, 100 किलोग्राम खराब खाद्य सामग्री और 7 किलोग्राम एक्सपायर्ड खाद्य उत्पादों को नष्ट कर दिया गया।

प्रमुख सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) गायत्री राठौड़ के निर्देशों और आयुक्त (खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण) अविचल चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में जयपुर मुख्यालय की एक केंद्रीय टीम ने जगतपुरा के रामनगरिया विस्तार के ए-ब्लॉक में स्थित जेडीएस मार्केटिंग के गोदाम का निरीक्षण किया।

यह निरीक्षण संयुक्त आयुक्त विजय प्रकाश शर्मा की मौजूदगी में किया गया। निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि कोल्ड रूम और डीप फ्रीजर में डेयरी उत्पादों को सुरक्षित रूप से रखने के लिए जरूरी तापमान बनाए नहीं रखा जा रहा था।

सुविधा केंद्र (फैसिलिटी) में दर्ज तापमान 6 से 14 डिग्री सेल्‍सियस के बीच था। भंडारण की स्थितियों को देखते हुए दूध, दही और छाछ के लगभग 1,550 पैकेट को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया, जिनमें सरस और अमूल जैसे ब्रांडों के उत्पाद शामिल थे।

निरीक्षण टीम को गोदाम में लगभग 100 किलोग्राम खराब खाद्य उत्पाद भी मिले, जिन पर अनिवार्य बिक्री के लिए नहीं का निशान नहीं लगा था। इन उत्पादों को भी मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।

इसके अलावा, बिक्री के लिए रखे गए उत्पादों के बीच लगभग 7 किलोग्राम एक्सपायर्ड खाद्य उत्पाद भी मिले, जिनमें म्यूसली, कैंडी और भुजिया शामिल थे। विभाग ने एक्सपायर्ड उत्पादों को जब्त कर मौके पर ही नष्ट कर दिया। निरीक्षण में सुविधा केंद्र पर स्वच्छता से जुड़ी गंभीर कमियां भी सामने आईं।

डार्क स्टोर और कोल्ड रूम के आसपास पान मसाला और जर्दा मिश्रित थूक के निशान मिले, जबकि दीवारों पर गंदगी और थूक के धब्बे देखे गए। खाने-पीने की चीजें रखने के लिए इस्तेमाल होने वाले कई लोहे के रैक भी टूटे हुए, गंदे और जंग लगे हुए पाए गए।

अधिकारियों ने स्टोर मैनेजमेंट को तुरंत सुधार के कदम उठाने और खाने-पीने की चीजों को सही ढंग से रखने, तापमान कंट्रोल करने और साफ-सफाई का ध्यान रखने का निर्देश दिया। खाने-पीने की चीजों की क्वालिटी और सुरक्षा की जांच के लिए सेंट्रल टीम ने स्टोर मैनेजर कैलाश चंद मीणा की मौजूदगी में पिंटोला पीनट बटर और शहद के सैंपल लिए। इन सैंपल को जांच के लिए स्टेट सेंट्रल फूड लेबोरेटरी भेजा गया है।

अगर लेबोरेटरी की रिपोर्ट में मिलावट का पता चलता है या यह साबित होता है कि प्रोडक्ट तय मानकों के मुताबिक नहीं हैं तो फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट के तहत संबंधित फर्म के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जॉइंट कमिश्नर विजय प्रकाश शर्मा ने डार्क स्टोर ऑपरेटर को नोटिस जारी किया और खाने-पीने की चीजों को रखने, तापमान कंट्रोल करने और साफ-सफाई के सिस्टम में तुरंत सुधार करने का निर्देश दिया।

अधिकारियों के मुताबिक, इस फैसिलिटी से रोजाना लगभग 500 ऑर्डर डिलीवर किए जाते हैं। फूड सेफ्टी एंड ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट ने फिर से कहा कि खाने-पीने की चीजों की ऑनलाइन सप्लाई और डिलीवरी में शामिल सभी स्टोर और वेयरहाउस के लिए फूड सेफ्टी और साफ-सफाई के मानकों का पालन करना जरूरी है।

डिपार्टमेंट ने कहा कि तय फूड सेफ्टी मानकों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और राजस्थान भर में शुद्ध आहार, मिलावट पर वार अभियान के तहत प्रवर्तन अभियान जारी रहेंगे।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

जालंधर विधानसभा का इतिहास, 9 सीटों में कैसे बंटा सियासी मैदान?

पंजाब की राजनीति में जालंधर का स्थान बेहद महत्वपूर्ण है. दोआबा क्षेत्र का यह जिला न सिर्फ उद्योग, कारोबार और प्रवासी भारतीयों से जुड़े संबंधों के लिए जाना जाता है, बल्कि चुनावी लिहाज से भी काफी अहम है. जालंधर जिले में एक लोकसभा और नौ विधानसभा सीटें हैं. इनमें ग्रामीण और शहरी इलाकों का अलग-अलग राजनीतिक मिजाज दिखाई देता है. अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटों की संख्या भी यहां महत्वपूर्ण है.

जालंधर जिले की मौजूदा विधानसभा संरचना परिसीमन के बाद तय हुई. जिला प्रशासन के अनुसार यहां विधानसभा की नौ सीटें हैं फिल्लौर, नकोदर, शाहकोट, करतारपुर, जालंधर वेस्ट, जालंधर सेंट्रल, जालंधर नॉर्थ, जालंधर कैंट और आदमपुर.

जालंधर विधानसभा का इतिहास समझना क्यों जरूरी?

जालंधर का चुनावी इतिहास काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा है. एक समय जिले की राजनीति में कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल का मजबूत प्रभाव रहा, लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने भी कई सीटों पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई.

2008 के परिसीमन के बाद विधानसभा क्षेत्रों की मौजूदा सीमाएं और आरक्षण व्यवस्था अस्तित्व में आई. वर्तमान व्यवस्था में जालंधर की चार सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं फिल्लौर, करतारपुर, जालंधर वेस्ट और आदमपुर.

दोआबा क्षेत्र में अनुसूचित जाति की बड़ी आबादी होने के कारण इन सीटों का राजनीतिक महत्व और बढ़ जाता है. चुनावी विश्लेषण में जालंधर की आरक्षित सीटों को लंबे समय से निर्णायक माना जाता रहा है.

जालंधर की आबादी कितनी है?

2011 की जनगणना के मुताबिक जालंधर जिले की कुल आबादी 21,93,590 थी. इसमें पुरुषों की संख्या 11,45,211 और महिलाओं की संख्या 10,48,379 थी. यानी जिले में पुरुषों की हिस्सेदारी करीब 52.21 फीसदी और महिलाओं की करीब 47.79 फीसदी है.

जिले का लिंगानुपात 915 महिलाएं प्रति 1000 पुरुष है. कुल आबादी में 10.32 फीसदी यानी 2,26,302 लोग 0-6 वर्ष आयु वर्ग में थे. जालंधर की करीब 52.93 फीसदी आबादी शहरी और 47.07 फीसदी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती थी.

जालंधर की आबादी, लिंग के आधार पर

श्रेणी   

 आबादी

कुल आबादी   21,93,590
पुरुष    11,45,211
महिला    10,48,379
लिंगानुपात   915 महिलाएं/1000 पुरुष
ग्रामीण आबादी  10,32,419
शहरी आबादी   11,61,171

नोट: ये आंकड़े 2011 Census पर आधारित हैं

जालंधर की साक्षरता दर क्या है?

जालंधर की साक्षरता दर भी पंजाब के महत्वपूर्ण सामाजिक संकेतकों में शामिल है. 2011 के आंकड़ों के अनुसार जिले की प्रभावी साक्षरता दर 82.48 फीसदी थी. पुरुष साक्षरता दर 86.15 फीसदी और महिला साक्षरता दर 78.48 फीसदी थी.

यानी पुरुषों और महिलाओं की साक्षरता में करीब 7.67 प्रतिशत अंक का अंतर था. जिले में कुल 16,22,537 लोग साक्षर थे, जिनमें 8,82,581 पुरुष और 7,39,956 महिलाएं थीं.

जालंधर की साक्षरता दर, जेंडर वाइज

श्रेणी     साक्षरता दर
कुल     82.48%
पुरुष  86.15%
महिला     78.48%

 

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि साक्षरता दर निकालते समय 0-6 वर्ष के बच्चों को आधार आबादी से अलग किया जाता है. इसी वजह से कुछ वेबसाइटों पर कुल आबादी के मुकाबले साक्षर लोगों का प्रतिशत अलग दिखाई दे सकता है.

जालंधर की धार्मिक आबादी

जालंधर सामाजिक और धार्मिक रूप से विविध जिला है. 2011 की जनगणना के अनुसार यहां हिंदू आबादी सबसे अधिक है, जबकि सिख समुदाय भी जिले की आबादी का बड़ा हिस्सा है.

धार्मिक आंकड़ों के मुताबिक जिले में हिंदुओं की संख्या 13,94,329 यानी करीब 63.56 फीसदी है. सिख आबादी 7,18,363 यानी 32.75 फीसदी है. मुस्लिम आबादी 30,233 यानी 1.38 फीसदी और ईसाई आबादी 26,016 यानी 1.19 फीसदी है. बौद्ध, जैन, अन्य धर्मों और धर्म नहीं बताने वालों को मिलाकर शेष आबादी आती है.

धार्मिक संरचना में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों का अंतर भी दिखाई देता है. उदाहरण के लिए शाहकोट तहसील में सिख आबादी का अनुपात काफी अधिक है, जबकि जालंधर-I में हिंदू आबादी का अनुपात ज्यादा है.

जालंधर की सभी 9 विधानसभा सीटें

जालंधर जिले की नौ विधानसभा सीटें मौजूदा चुनावी नक्शे में 30 से 38 तक क्रमांकित हैं. इनमें चार सीटें SC आरक्षित हैं.

 

*जालंधर वेस्ट में 2024 में उपचुनाव हुआ, जिसमें AAP के मोहिंदर भगत ने जीत दर्ज की.

2022 में कैसा था जालंधर का चुनावी समीकरण?

2022 के विधानसभा चुनाव में जालंधर की नौ सीटों पर मुकाबला काफी दिलचस्प रहा. फिल्लौर, शाहकोट, जालंधर नॉर्थ, जालंधर कैंट और आदमपुर में कांग्रेस ने जीत दर्ज की. वहीं नकोदर, करतारपुर, जालंधर वेस्ट और जालंधर सेंट्रल पर आम आदमी पार्टी ने कब्जा किया. इस तरह 2022 में कांग्रेस को जिले की पांच और AAP को चार सीटें मिली थीं.

नकोदर में AAP की जीत बेहद करीबी रही, जबकि जालंधर सेंट्रल में भी मुकाबला सिर्फ कुछ सौ वोटों के अंतर से तय हुआ. इससे पता चलता है कि जिले की शहरी सीटों पर मुकाबला कितना कड़ा हो सकता है.

जालंधर वेस्ट में बदला सियासी समीकरण

जालंधर वेस्ट सीट ने 2024 में पूरे पंजाब का ध्यान खींचा. 2022 में AAP के शीतल अंगुराल यहां से विधायक बने थे, लेकिन मार्च 2024 में उन्होंने विधानसभा से इस्तीफा देकर बीजेपी का दामन थाम लिया. इसके बाद सीट पर उपचुनाव हुआ.

उपचुनाव में AAP के मोहिंदर भगत ने 55,246 वोट हासिल कर बीजेपी के शीतल अंगुराल को 37,325 वोटों के बड़े अंतर से हराया. कांग्रेस की सुरिंदर कौर तीसरे स्थान पर रहीं. इस नतीजे ने यह दिखाया कि जालंधर वेस्ट में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल सकते हैं.

SC वोट बैंक क्यों है जालंधर की राजनीति में अहम?

जालंधर की चार आरक्षित विधानसभा सीटें आदमपुर, करतारपुर, जालंधर वेस्ट और फिल्लौर राजनीतिक दलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं. दोआबा क्षेत्र में अनुसूचित जाति की आबादी का प्रभाव पंजाब की चुनावी राजनीति में खासा बड़ा माना जाता है.

2011 की जनगणना के अनुसार जालंधर जिले में अनुसूचित जाति की आबादी 8,54,444, यानी करीब 38.95 फीसदी थी. यही वजह है कि यहां SC वोटरों से जुड़े मुद्दे, सामाजिक प्रतिनिधित्व, रोजगार, शिक्षा और कल्याणकारी योजनाएं चुनावी रणनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं.

शहरी बनाम ग्रामीण सीटों का अलग मिजाज

जालंधर की राजनीति को मोटे तौर पर शहरी और ग्रामीण समीकरणों में भी समझा जा सकता है. जालंधर सेंट्रल, नॉर्थ, वेस्ट और कैंट जैसे क्षेत्रों में शहरी मुद्दे अधिक प्रभावी रहते हैं. रोजगार, कारोबार, ट्रैफिक, स्थानीय विकास, नगर सुविधाएं और औद्योगिक गतिविधियां यहां महत्वपूर्ण चुनावी मुद्दे बनते हैं.

दूसरी तरफ नकोदर, शाहकोट, फिल्लौर, करतारपुर और आदमपुर के बड़े हिस्से ग्रामीण हैं. यहां कृषि, ग्रामीण सड़कें, रोजगार, नशे की समस्या, सिंचाई और स्थानीय विकास जैसे मुद्दे ज्यादा प्रभाव डाल सकते हैं.

जालंधर का सियासी भविष्य किस ओर?

जालंधर की चुनावी तस्वीर को देखें तो यहां किसी एक दल के लिए स्थायी बढ़त का दावा करना आसान नहीं है. कांग्रेस की पुरानी संगठनात्मक पकड़, AAP का उभार, अकाली दल का ग्रामीण आधार और बीजेपी का शहरी क्षेत्रों में प्रभाव ये सभी मिलकर मुकाबले को बहुकोणीय बनाते हैं.

2024 के लोकसभा चुनाव में जालंधर लोकसभा क्षेत्र के सभी नौ विधानसभा सेगमेंट में कांग्रेस आगे रही थी, हालांकि अलग-अलग सीटों पर बीजेपी और AAP ने भी उल्लेखनीय वोट हासिल किए.

इसलिए आने वाले चुनावों में जालंधर की नौ विधानसभा सीटों पर शहरी बनाम ग्रामीण मुद्दे, SC वोट बैंक, कांग्रेस-AAP की सीधी टक्कर, अकाली दल का ग्रामीण प्रभाव और बीजेपी की शहरी पकड़ अहम भूमिका निभा सकती है.

जालंधर आर्थिक के साथ सियासी गढ़ 

जालंधर सिर्फ पंजाब का एक प्रमुख औद्योगिक शहर और दोआबा का महत्वपूर्ण जिला नहीं है, बल्कि राज्य की चुनावी राजनीति का भी अहम केंद्र है. 21.93 लाख की आबादी, 82.48 फीसदी साक्षरता, करीब 39 फीसदी SC आबादी और नौ विधानसभा सीटों वाला यह जिला कई सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को एक साथ समेटे हुए है.

2022 के चुनाव में कांग्रेस और AAP के बीच सीटों का मुकाबला, 2024 में जालंधर वेस्ट के उपचुनाव में AAP की बड़ी जीत और लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन बताते हैं कि यहां राजनीतिक जमीन लगातार बदल रही है. ऐसे में जालंधर की नौ सीटें पंजाब की अगली चुनावी कहानी में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं.

यह भी पढ़ें - UP Election 2027: शामली की 3 सीटों पर BJP-RLD गठबंधन से कितना बदलेगा सियासी गणित?

Continue reading on the app

  Sports

10 विकेट... कुलदीप यादव की फिरकी का चला जादू, हेड कोच गौतम गंभीर को भेजा मैसेज

Kuldeep Yadav 10 wicket haul: चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव ने काउंटी चैंपियनशिप में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए यॉर्कशर को एसेक्स पर पारी और 106 रनों से ऐतिहासिक जीत दिलाई. कुलदीप ने मैच में 120 रन देकर 10 विकेट (4/70 और 6/50) झटके, जो उनके प्रथम श्रेणी करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. बल्ले से भी 36 रनों का योगदान देने वाले कुलदीप ने हेडिंग्ले की तेज पिच और परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाकर तीसरे ही दिन मैच खत्म कर दिया. Fri, 11 Sep 2026 00:03:59 +0530

  Videos
See all

News Ki Pathshala | Chidambaram Vs BJP.. BRICS के फायदे पर आमने-सामने Congress और BJP ! | Top News #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-10T22:00:09+00:00

Putin India Visit: पालम एयरपोर्ट पर उतरा पुतिन का विमान | BRICS Summit 2026 | PM Modi #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-10T22:00:12+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers