शिवपुरी में शराब दुकानों पर तोड़फोड़ के बाद लामबंद हुए ठेकेदार, बोले- सुरक्षा नहीं मिली तो प्रशासन को सौंप देंगे चाबियां
शिवपुरी जिले में एक के बाद एक शराब दुकानों में तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद अब शराब ठेकेदार भी लामबंद हो गए हैं। जिलेभर के शराब ठेकेदार आबकारी कार्यालय पहुंचे और दुकानों के साथ वहां काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। ठेकेदारों ने साफ कहा कि यदि प्रशासन सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकता तो ऐसे माहौल में दुकानें चलाना संभव नहीं है। हालात नहीं सुधरे तो वे अपने लाइसेंस सरेंडर कर दुकानों की चाबियां प्रशासन को सौंप देंगे।
दरअसल, पिछले कुछ दिनों में मनपुरा और अमोलपठा समेत शिवपुरी जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में शराब दुकानों में तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं के वीडियो भी सामने आए हैं। अमोलपठा में तो शराब दुकान के विरोध के दौरान मामला इतना बढ़ गया कि महिलाओं और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई। पुलिस के लाठीचार्ज के बाद महिलाओं के पुलिस और आबकारी अमले से भिड़ने तथा पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की घटना भी सामने आई।
8 से 10 दुकानों में तोड़फोड़, ठेकेदारों ने उठाया सुरक्षा का सवाल
शराब ठेकेदारों के प्रतिनिधि लालजी शिवहरे के मुताबिक मनपुरा और अमोलपठा सहित जिले की करीब 8 से 10 शराब दुकानों में तोड़फोड़ हो चुकी है। करेरा, नरवर, अमोला, अमोलपठा, खोड़ और मनपुरा क्षेत्र में बने हालात को लेकर ठेकेदारों ने चिंता जताई है। लगातार हो रही घटनाओं के कारण जहां दुकानों में नुकसान हुआ है, वहीं वहां काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
ठेकेदारों का कहना है कि वे सरकार से लाइसेंस लेकर वैध रूप से शराब दुकानों का संचालन कर रहे हैं। ऐसे में दुकानों और कर्मचारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी प्रशासन को सुनिश्चित करनी चाहिए।
सागर की घटना के बाद बने माहौल का किया जिक्र
मीडिया से बातचीत में लालजी शिवहरे ने सागर जिले में शराब से हुई मौतों की घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बनी है। उनका कहना है कि शासन से स्वीकृत और लाइसेंस प्राप्त दुकानों पर नियमानुसार और निर्धारित व्यवस्था के तहत शराब की बिक्री होती है, लेकिन मौजूदा माहौल में वैध शराब दुकानों को भी निशाना बनाया जा रहा है।
ठेकेदारों ने कहा कि पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारी घटनाओं के दौरान मौके पर पहुंच रहे हैं, लेकिन कई जगह भीड़ और आक्रोश के कारण हालात बेकाबू हो रहे हैं। ऐसे में केवल मौके पर अमला पहुंचना पर्याप्त नहीं है, बल्कि दुकानों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था की जरूरत है।
‘सुरक्षा नहीं दे सकते तो हम दुकानें कैसे चलाएं?’
ठेकेदारों ने प्रशासन के सामने सवाल रखा कि जब लगातार दुकानों में तोड़फोड़ हो रही है और कर्मचारियों की सुरक्षा खतरे में है तो वे दुकानें कैसे संचालित करें। उनका कहना है कि उन्होंने लाइसेंस लेकर सरकार के नियमों के तहत दुकानें खोली हैं, इसलिए उन्हें सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
ठेकेदारों ने चेतावनी दी कि यदि घटनाएं नहीं रुकीं और प्रशासन की ओर से पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिली तो वे शराब दुकानों का संचालन जारी नहीं रख पाएंगे। ऐसी स्थिति में लाइसेंस सरेंडर कर दुकानों की चाबियां प्रशासन को सौंप दी जाएंगी।
परवेज खान की रिपोर्ट
काचन नदी में उतरे ग्रामीण, पुल निर्माण की मांग को लेकर शुरू किया आंदोलन, कहा- ठोस कार्रवाई होने तक जारी रहेगा जल सत्याग्रह
सिंगरौली के जनपद पंचायत बैढ़न की ग्राम पंचायत डिग्घी के राजस्व ग्राम माटीडांड में काचन नदी पर पुल निर्माण की मांग को लेकर बुधवार से आम आदमी पार्टी के बैनर तले जल सत्याग्रह शुरू किया गया। पार्टी जिलाध्यक्ष एवं देवसर विधानसभा क्षेत्र-81 के पूर्व प्रत्याशी रतिभान प्रसाद की अगुवाई में शुरू हुए आंदोलन में बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और ग्रामीण शामिल हुए। आंदोलनकारियों ने नदी में उतरकर अपनी मांग के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया।
आंदोलनकारियों का कहना है कि माटीडांड में काचन नदी पर पुल नहीं होने के कारण माटीडांड सहित सेमरिया, तेलियाखाड़ी एवं भदियां क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों के मुताबिक बारिश के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने पर समस्या और गंभीर हो जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार लोगों को जोखिम उठाकर नदी पार करनी पड़ती है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुल निर्माण की मांग को लेकर संबंधित अधिकारियों के समक्ष कई बार शिकायत और मांग रखी गई। लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
मजिस्ट्रेट मौके पर, आंदोलनकारियों से चर्चा
मामले में तहसीलदार प्रीति सिकरवार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मौके पर मजिस्ट्रेट पहुँचें और आंदोलनकारियों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि पुल का एस्टीमेट तैयार कर आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष को उपलब्ध कराया गया है।
वहीं PWD की कार्यपालन यंत्री तेजस्विनी शुक्ला से बात की गई। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा एक दिन पहले DPR (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार कर प्रस्तुत कर दी गई है। उनके अनुसार, जैसे ही इसकी स्वीकृति प्राप्त होगी, निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
मांग पूरी होने तक जारी रहेगा जल सत्याग्रह- ग्रामीणों ने कहा
जल सत्याग्रह के दौरान आंदोलनकारियों ने काचन नदी पर जल्द से जल्द पुल निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की। आम आदमी पार्टी नेताओं का कहना है कि क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से सुरक्षित आवागमन की सुविधा की मांग कर रहे हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए निर्माण प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की।
आंदोलन के दौरान महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष इंदु विश्वकर्मा, यूथ विंग जिलाध्यक्ष अक्षय शाह, ग्रामीण उपाध्यक्ष रावेंद्र शाह, शहर जिला उपाध्यक्ष नीरज कुशवाहा, ग्रामीण कार्यकारी ब्लॉक अध्यक्ष चितरंगी संदीप कुमार प्रजापति, ग्रामीण यूथ जिलाध्यक्ष सुजय कुशवाहा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। डिग्घी सरपंच मुन्नी देवी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भी जल सत्याग्रह में सहभागिता की।
राघवेंद्र सिंह की रिपोर्ट
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