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Delhi High Court on Voter List: SIR Form 6 डिक्लेरेशन मामले में सुनवाई से इनकार, Congress को PIL की सलाह

दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को एक याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। यह याचिका भारत के चुनाव आयोग की उस शर्त को चुनौती देने के लिए दायर की गई थी, जिसके तहत 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) से प्रभावित कुछ वोटरों को यह घोषणा करनी थी कि वे पहली बार वोटर लिस्ट में शामिल होने के लिए आवेदन कर रहे हैं। यह याचिका दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी (DPCC) के अध्यक्ष देवेंद्र यादव और DPCC बूथ मैनेजमेंट कमेटी के चेयरमैन राजेश कुमार गर्ग ने दायर की थी। जस्टिस अमित बंसल ने याचिकाकर्ताओं से कहा कि वे अपनी शिकायत के लिए जनहित याचिका (PIL) दायर करें। कोर्ट के निर्देश के बाद याचिका वापस ले ली गई। याचिका में फॉर्म 6 के पैरा (iii) को आंशिक रूप से रद्द करने की मांग की गई थी। यह पैरा उन वोटरों से घोषणा करने को कहता है जिनके नाम पहले वोटर लिस्ट में थे लेकिन SIR से पहले हटा दिए गए थे या SIR के दौरान हटाए जा रहे हैं, कि वे पहली बार वोटर लिस्ट में शामिल होने के लिए आवेदन कर रहे हैं।

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याचिकाकर्ताओं ने साथ में दिए गए डिक्लेरेशन फ़ॉर्म के पैरा (ii) को भी चुनौती दी, जिसमें कुछ प्रभावित वोटरों को यह घोषणा करनी होती है कि उनके नाम किसी विधानसभा या संसदीय क्षेत्र की वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हैं। उन्होंने चुनाव आयोग और दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से इन दो घोषणाओं में बदलाव करने और प्रभावित कैटेगरी में आने वाले वोटरों के लिए एक सही और सटीक घोषणा प्रक्रिया उपलब्ध कराने का निर्देश देने की मांग की। याचिका में यह निर्देश देने की भी मांग की गई कि जिन वोटरों ने प्री-SIR/SIR के दौरान अपना नाम हटाए जाने के बाद फ़ॉर्म 6 भरा है या भरेंगे, उनके ख़िलाफ़ विवादित घोषणाओं के मौजूदा स्वरूप के आधार पर 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950' की धारा 31 के तहत कोई कार्रवाई या मुक़दमा न चलाया जाए।

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याचिका के अनुसार, यह मामला उन वोटरों से जुड़ा है जिनके नाम पहले से वोटर लिस्ट में थे, लेकिन SIR (स्पेशल समरी रिविज़न) शुरू होने से पहले की प्रक्रिया में या अभी चल रही SIR प्रक्रिया के दौरान हटा दिए गए थे। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि बूथ लेवल अधिकारियों ने कुछ वोटरों से कहा कि उनके नाम इसलिए हटा दिए गए क्योंकि वे वहां मौजूद नहीं थे या उन्होंने अपना घर बदल लिया था। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि ऐसे लोगों से खुद को पहली बार आवेदन करने वाला बताने के लिए कहना, असल में उनसे एक ऐसा बयान देने के लिए कहना होगा जो तथ्यों के हिसाब से गलत है। उन्होंने संभावित आपराधिक दायित्व का मुद्दा भी उठाया और बताया कि 'रिप्रेजेंटेशन ऑफ़ द पीपुल एक्ट' की धारा 31 के तहत वोटर लिस्ट तैयार करने, उसमें बदलाव करने या उसे ठीक करने के दौरान गलत बयान या घोषणा करने पर सज़ा का प्रावधान है।

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Odisha Police ने मंत्रियों का PA बनकर नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले को Digha से पकड़ा

ओडिशा पुलिस ने, खुद को राज्य के कुछ मंत्रियों का निजी सहायक बताकर सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर कई लोगों से धोखाधड़ी करने के आरोप में पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले से 42 साल के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ओडिशा के भद्रक जिले के चुडाकुटी के जगन्नाथ बहालिया ने कथित तौर पर वरिष्ठ राजनेताओं के साथ अपनी तस्वीरों का इस्तेमाल करके युवाओं को यह यकीन दिलाया कि उसकी मजबूत राजनीतिक पहुंच है।

उन्होंने बताया कि बहालिया दावा करता था कि उसकी मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और यहां तक कि प्रधानमंत्री के निजी सचिव तक पहुंच है। कथित धोखाधड़ी का मामला तब सामने आया जब पड़ोसी बालासोर जिले के सिमुलिया निवासी सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी किशोर मोहापात्रा ने सोमवार को बहालिया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। मोहापात्रा ने आरोप लगाया कि बहालिया ने उसके बेटे को रेलवे में नौकरी दिलाने का वादा कर उससे 10 लाख रुपये लिए और बाद में उसे फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया।

भद्रक टाउन थाने के प्रभारी प्रभांशु मिश्रा ने बताया, शिकायत मिलने के बाद हमने आरोपी की तलाश शुरू की। उसने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया और पश्चिम बंगाल के दीघा भाग गया, जहां उसे मंगलवार रात गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि भद्रक शहर के जगन्नाथपुर स्थित उसके किराए के मकान से कथित तौर पर एक डायरी बरामद की गई है, जिसमें बड़ी रकम के लेनदेन का ब्योरा दर्ज है।

उसने बताया कि मंत्रियों और उनके पीए की तस्वीरों समेत कई दस्तावेज और कथित फर्जी पहचान पत्र भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, बहालिया ने नौकरी के इच्छुक कई लोगों से सरकारी नौकरी दिलाने का वादा कर कथित तौर पर एक करोड़ रुपये से अधिक की रकम जुटाई थी। उन्होंने बताया कि उसकी गिरफ्तारी के बाद, बालासोर, कटक और अन्य इलाकों के कथित पीड़ितों ने शिकायतें लेकर पुलिस से संपर्क करना शुरू कर दिया है।

पुलिस ने बताया कि बहालिया के खिलाफ कटक में भी इसी तरह का एक मामला लंबित है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाने के लिए फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया, उनसे पैसे लिए और फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किए। आरोपी को अदालत में पेश किया गया जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बहालिया के ओडिशा के बाहर भी संपर्क थे, जिनमें दीघा और झारखंड का धनबाद शामिल हैं।

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पाकिस्तान बाहर, भारत और श्रीलंका के बीच खेला जाएगा महिला एशिया कप फाइनल, संडे को खिताबी शो

IND vs SL Women's Asia Cup final: विमेंस एशिया कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में श्रीलंका ने पाकिस्तान को 4 विकेट से हराकर फाइनल में जगह बना ली है. फाइनल में श्रीलंका का सामना भारत से होगा. भारत ने पहले सेमीफाइनल में बांग्लादेश को हराया था. श्रीलंका से हार के बाद पाकिस्तान की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई. Fri, 11 Sep 2026 23:58:27 +0530

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