Odisha Police ने मंत्रियों का PA बनकर नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले को Digha से पकड़ा
ओडिशा पुलिस ने, खुद को राज्य के कुछ मंत्रियों का निजी सहायक बताकर सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर कई लोगों से धोखाधड़ी करने के आरोप में पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले से 42 साल के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ओडिशा के भद्रक जिले के चुडाकुटी के जगन्नाथ बहालिया ने कथित तौर पर वरिष्ठ राजनेताओं के साथ अपनी तस्वीरों का इस्तेमाल करके युवाओं को यह यकीन दिलाया कि उसकी मजबूत राजनीतिक पहुंच है।
उन्होंने बताया कि बहालिया दावा करता था कि उसकी मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और यहां तक कि प्रधानमंत्री के निजी सचिव तक पहुंच है। कथित धोखाधड़ी का मामला तब सामने आया जब पड़ोसी बालासोर जिले के सिमुलिया निवासी सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी किशोर मोहापात्रा ने सोमवार को बहालिया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। मोहापात्रा ने आरोप लगाया कि बहालिया ने उसके बेटे को रेलवे में नौकरी दिलाने का वादा कर उससे 10 लाख रुपये लिए और बाद में उसे फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया।
भद्रक टाउन थाने के प्रभारी प्रभांशु मिश्रा ने बताया, शिकायत मिलने के बाद हमने आरोपी की तलाश शुरू की। उसने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया और पश्चिम बंगाल के दीघा भाग गया, जहां उसे मंगलवार रात गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि भद्रक शहर के जगन्नाथपुर स्थित उसके किराए के मकान से कथित तौर पर एक डायरी बरामद की गई है, जिसमें बड़ी रकम के लेनदेन का ब्योरा दर्ज है।
उसने बताया कि मंत्रियों और उनके पीए की तस्वीरों समेत कई दस्तावेज और कथित फर्जी पहचान पत्र भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, बहालिया ने नौकरी के इच्छुक कई लोगों से सरकारी नौकरी दिलाने का वादा कर कथित तौर पर एक करोड़ रुपये से अधिक की रकम जुटाई थी। उन्होंने बताया कि उसकी गिरफ्तारी के बाद, बालासोर, कटक और अन्य इलाकों के कथित पीड़ितों ने शिकायतें लेकर पुलिस से संपर्क करना शुरू कर दिया है।
पुलिस ने बताया कि बहालिया के खिलाफ कटक में भी इसी तरह का एक मामला लंबित है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाने के लिए फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया, उनसे पैसे लिए और फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किए। आरोपी को अदालत में पेश किया गया जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बहालिया के ओडिशा के बाहर भी संपर्क थे, जिनमें दीघा और झारखंड का धनबाद शामिल हैं।
CM Pema Khandu बोले- Arunachal Pradesh के सरकारी स्कूलों का ढांचा सुधारेगी सरकार
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनका प्रशासन सरकारी विद्यालयों की गुणवत्ता में सुधार के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 को लागू करने के लिए एक कार्य बल का गठन किया गया है। खांडू यहां राज्य-स्तरीय स्वर्ण जयंती मेधावी छात्र पुरस्कार समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने इस समारोह में शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए तीसरी से 12वीं कक्षा तक के 30 मेधावियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा, सरकार विद्यालयों में उचित बुनियादी ढांचे और पर्याप्त शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से विषय आधारित शिक्षकों की पर्याप्त भर्ती पहले ही की जा चुकी है।
खांडू ने हाल के वर्षों में राज्य के सरकारी विद्यालयों में नामांकनों में हुई वृद्धि का भी स्वागत किया। उन्होंने इस घटनाक्रम को ऐसे समय में उत्साहजनक बताया जब देश भर के सरकारी विद्यालयों में घटता नामांकन एक चुनौती बना हुआ है। विभिन्न जिला स्तरों पर लगभग 840 छात्रों को मेधावी छात्र पुरस्कार मिला।
मुख्यमंत्री ने सफलता प्राप्त करने वाले छात्रों को बधाई देते हुए उनसे अनुशासित, केंद्रित और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्ध रहने का आग्रह किया। उन्होंने शिक्षा के साथ-साथ खेलों के महत्व पर भी जोर दिया और कहा कि युवाओं के समग्र विकास के लिए शारीरिक गतिविधियां आवश्यक हैं। खांडू ने कहा कि राज्य भर के सरकारी विद्यालयों में खेल के मैदान हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार उद्यमिता पर जोर देने के अलावा सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में युवाओं के लिए रोजगार के कई रास्ते तैयार कर रही है।
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