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Durga Puja Controversy: TMC नेता ने बाबा बागेश्वर पर साधा निशाना, दुर्गा पूजा को लेकर नॉनवेज पर बवाल

Durga Puja Controversy: पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा की परंपराओं को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. TMC नेता रिजु दत्ता ने बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री पर निशाना साधते हुए कहा कि बंगाल की संस्कृति और दुर्गा पूजा की परंपराएं देश के अन्य हिस्सों से काफी अलग हैं. उन्होंने कहा कि बंगाली समाज मां दुर्गा को सिर्फ देवी के रूप में नहीं, बल्कि अपनी बेटी उमा के रूप में घर आने वाली बेटी मानता है. नेता ने कहा कि बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान अलग-अलग दिनों की अपनी-अपनी भिन्न परंपराएं हैं. षष्ठी पर विशेष पूजा होती है, जबकि सप्तमी और नवमी को कई परिवारों में मांसाहारी भोजन की परंपरा होती है. वहीं, अष्टमी के दिन लोग उपवास रखकर मां दुर्गा को अंजलि देते हैं.

अगली बार आने से पहले बंगाल के इतिहास को समझ लें

उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री से अपील की कि भविष्य में बंगाल आने से पहले वे बंगाल के इतिहास और संस्कृति को अच्छे से समझें. साथ ही उन्होंने कहा कि किसी अन्य क्षेत्र की धार्मिक परंपराओं को बंगाल पर थोपना उचित नहीं है. इसके अलावा, नेता ने आने वाले उपचुनाव को लेकर टीएमसी की तैयारियों, उम्मीदवारों पर हमलों और निष्पक्ष चुनाव की मांग को लेकर भी अपनी बातें रखीं. उन्होंने कहा कि पार्टी को उम्मीद है कि चुनाव आयोग जल्द ही पार्टी के चुनाव चिन्ह से जुड़ा फैसला करेगा.

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लारा प्रोजेक्ट्स मनी लॉन्ड्रिंग केस में लालू परिवार को बड़ा झटका, 9 आरोपियों पर आरोप तय करने का निर्देश

लारा प्रोजेक्ट्स से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है. अदालत ने लालू प्रसाद यादव, बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव समेत नौ आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े अपराधों में आरोप तय करने का निर्देश दिया है. अदालत के इस आदेश के बाद मामले में आरोपियों के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया अब अगले चरण में पहुंचेगी.

कोर्ट के आदेश के दायरे में लारा प्रोजेक्ट्स के अलावा लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, पीसी गुप्ता, सरला गुप्ता, सुजाता होटल्स, विजय कोचर और विनय कोचर शामिल हैं. अदालत ने इन आरोपियों के खिलाफ धन शोधन से जुड़े आरोपों को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ कर दिया है.

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने लालू प्रसाद यादव के खिलाफ हुई जांच को लेकर भी अहम टिप्पणी की. अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया कि उनके खिलाफ जांच किसी राजनीतिक मकसद से की गई थी. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध सामग्री और मामले की जांच के आधार पर इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित जांच नहीं माना जा सकता. यह टिप्पणी ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की ओर से जांच की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं.

पटना की जमीन को लेकर भी कोर्ट की अहम टिप्पणी 

इस मामले में पटना की जमीन का लेनदेन जांच का एक प्रमुख हिस्सा रहा है. अदालत ने जमीन के ट्रांसफर को लेकर कहा कि संबंधित जमीन को अपराध से अर्जित आय यानी ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ माना जाता है. मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में यह पहलू बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई में कथित अपराध से हासिल संपत्ति और उसके बाद हुए लेनदेन की जांच की जाती है.

अदालत की यह टिप्पणी मामले में आगे होने वाली सुनवाई के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है. जमीन के कथित लेनदेन और उससे जुड़े आर्थिक लाभ की जांच अब मुकदमे की आगे की कार्यवाही में महत्वपूर्ण बिंदु रहेंगे.

 किन लोगों पर चलेगा मामला? 

कोर्ट के आदेश के मुताबिक, लारा प्रोजेक्ट्स , लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, पीसी गुप्ता, सरला गुप्ता, सुजाता होटल्स, विजय कोचर और विनय कोचर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को आगे बढ़ाया जाएगा. इन आरोपियों को अब अदालत के सामने पेश होकर मामले की अगली कार्यवाही का सामना करना होगा.

अदालत ने सभी संबंधित आरोपियों को 3 अक्टूबर को राउज एवेन्यू कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया है. उस तारीख को मामले की आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर सुनवाई होगी.

इन आरोपियों को मिली राहत 

जहां एक ओर नौ आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का निर्देश दिया गया है, वहीं अदालत ने कुछ अन्य आरोपियों को मामले से डिस्चार्ज भी कर दिया. यानी इन लोगों के खिलाफ इस मामले में आगे मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार अदालत को नहीं मिला.

डिस्चार्ज किए गए आरोपियों में गौरव गुप्ता, नाथ मल ककरानिया, राहुल यादव, विजय त्रिपाठी, देवकी नंदन तुलश्यान और राजीव कुमार रेलन शामिल हैं. इनके अलावा अभिषेक फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड को भी अदालत ने मामले से बाहर कर दिया है.

अब आगे क्या होगा? 

राउज एवेन्यू कोर्ट के ताजा आदेश के बाद अब मामले की सुनवाई आरोप तय करने के चरण से आगे बढ़ेगी. 3 अक्टूबर को आरोपियों की अदालत में मौजूदगी के बाद आगे की प्रक्रिया तय होगी. इस दौरान जमीन के कथित लेनदेन, उससे जुड़े आर्थिक लाभ और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से संबंधित पहलुओं पर न्यायिक कार्यवाही आगे बढ़ेगी.

फिलहाल अदालत के आदेश से लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के लिए कानूनी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. हालांकि, आरोप तय करने का अदालत का आदेश अपने आप में दोषसिद्धि नहीं है. मामले में आरोपियों को अदालत के सामने अपना पक्ष रखने और आरोपों का बचाव करने का पूरा कानूनी अधिकार रहेगा. अंतिम फैसला मुकदमे की आगे की सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा.

लारा प्रोजेक्ट्स से जुड़ा यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें कथित संपत्ति लेनदेन, जमीन के हस्तांतरण और उससे जुड़े आर्थिक लाभ को मनी लॉन्ड्रिंग की जांच से जोड़ा गया है. अब सभी की नजरें 3 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई पर रहेंगी, जहां मामले की आगे की दिशा स्पष्ट होगी.

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  Sports

Edgbaston Test में फिर बिखरी Pakistan Team, Debutant Razaullah की रफ्तार ने खींचा ध्यान

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए इंग्लैंड का मौजूदा दौरा लगातार मुश्किल होता जा रहा है। पहले दो टेस्ट गंवाने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने टीम में बड़ा बदलाव किया, लेकिन तीसरे टेस्ट के पहले दिन भी हालात कुछ खास नहीं बदले। एजबेस्टन में बुधवार को पाकिस्तान की नई टीम पहली पारी में सिर्फ 133 रन पर ढेर हो गई। हालांकि, इसी बीच पदार्पण कर रहे तेज गेंदबाज रजाउल्लाह ने अपनी रफ्तार से सभी का ध्यान खींच लिया है।

इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पाकिस्तान को पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाया था। पाकिस्तान के बल्लेबाज इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सके। जोश टंग ने 42 रन देकर चार विकेट लिए, जबकि ओली रॉबिन्सन और जोफ्रा आर्चर ने मिलकर छह विकेट हासिल किए। लगातार विकेट गिरने के कारण पाकिस्तान की नई बल्लेबाजी पंक्ति भी ज्यादा कुछ नहीं कर सकी और पूरी टीम 133 रन पर पवेलियन लौट गई।

इसके बाद इंग्लैंड ने दिन का खेल खत्म होने तक चार विकेट पर 156 रन बना लिए। एमिलियो गे और हैरी ब्रूक ने अर्धशतक लगाकर इंग्लैंड को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। दोनों के बीच चौथे विकेट के लिए 104 रन की साझेदारी हुई। दिन का खेल खत्म होने पर इंग्लैंड पाकिस्तान से 23 रन आगे था।

हालांकि, पाकिस्तान के लिए दिन की सबसे बड़ी सकारात्मक खबर 21 वर्षीय रजाउल्लाह रहे। अपना पहला टेस्ट खेल रहे इस तेज गेंदबाज ने नौ ओवर में 42 रन देकर दो विकेट लिए। आंकड़े भले ही बहुत प्रभावशाली न हों, लेकिन उनकी गेंदों की गति और अंदाज ने क्रिकेट जगत का ध्यान खींच लिया है। उन्होंने कई बार करीब 90 मील प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी की।

रजाउल्लाह की गेंदबाजी शैली की तुलना पाकिस्तान के महान तेज गेंदबाज वकार यूनिस से भी की जा रही है। उनकी गेंदबाजी में कच्ची तेजी के साथ गेंद को तेजी से बल्लेबाज तक पहुंचाने की क्षमता दिखाई दी। उन्होंने इंग्लैंड के कप्तान जो रूट और अच्छी बल्लेबाजी कर रहे एमिलियो गे को आउट करके अपने पदार्पण को यादगार बना दिया।

रजाउल्लाह ने अपने पहले ही ओवर में जो रूट को पगबाधा आउट किया। गेंद तेजी से पैड पर आकर लगी और रूट को पवेलियन लौटना पड़ा। यह टेस्ट क्रिकेट में रूट का 13 पारियों में 10वां पगबाधा आउट था। इसके बाद रजाउल्लाह ने गे को भी अपना शिकार बनाया। पहले एक गेंद गे के घुटने के किनारे पर लगी और बाद में करीब 144 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली गेंद ने उनकी गिल्लियां बिखेर दीं।

गौरतलब है कि रजाउल्लाह के प्रदर्शन की इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन ने भी तारीफ की। हुसैन ने कहा कि उन्हें युवा तेज गेंदबाज का स्पैल पसंद आया और उनकी गेंदबाजी ने पाकिस्तान को कुछ अलग दिया। रजाउल्लाह के लिए यह टिप्पणी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वह अपने पहले ही टेस्ट में मजबूत इंग्लिश बल्लेबाजी क्रम के खिलाफ गेंदबाजी कर रहे हैं।

बता दें कि पाकिस्तान तीसरे टेस्ट में भारी बदलाव के साथ उतरा है। पहले दो मैचों में हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने सात खिलाड़ियों को टीम से बाहर कर दिया और मुख्य कोच सरफराज अहमद तथा गेंदबाजी कोच उमर गुल को भी उनके पद से हटा दिया। इसके बाद टीम में कई नए चेहरों को मौका दिया गया है।

पाकिस्तान ने श्रृंखला में 0-2 से पिछड़ने के बाद तीसरे टेस्ट में चार बदलाव किए और कई खिलाड़ियों को पदार्पण का मौका दिया। उम्मीद थी कि नई टीम इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन करेगी, लेकिन बल्लेबाजी फिर कमजोर साबित हुई। अब पाकिस्तान की उम्मीदें रजाउल्लाह जैसे युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर टिकी हैं, जो मुश्किल हालात में टीम के लिए नई ऊर्जा लेकर आए हैं।
Thu, 10 Sep 2026 21:54:00 +0530

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