लारा प्रोजेक्ट्स मनी लॉन्ड्रिंग केस में लालू परिवार को बड़ा झटका, 9 आरोपियों पर आरोप तय करने का निर्देश
लारा प्रोजेक्ट्स से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है. अदालत ने लालू प्रसाद यादव, बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव समेत नौ आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े अपराधों में आरोप तय करने का निर्देश दिया है. अदालत के इस आदेश के बाद मामले में आरोपियों के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया अब अगले चरण में पहुंचेगी.
कोर्ट के आदेश के दायरे में लारा प्रोजेक्ट्स के अलावा लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, पीसी गुप्ता, सरला गुप्ता, सुजाता होटल्स, विजय कोचर और विनय कोचर शामिल हैं. अदालत ने इन आरोपियों के खिलाफ धन शोधन से जुड़े आरोपों को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ कर दिया है.
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने लालू प्रसाद यादव के खिलाफ हुई जांच को लेकर भी अहम टिप्पणी की. अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया कि उनके खिलाफ जांच किसी राजनीतिक मकसद से की गई थी. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध सामग्री और मामले की जांच के आधार पर इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित जांच नहीं माना जा सकता. यह टिप्पणी ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की ओर से जांच की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं.
पटना की जमीन को लेकर भी कोर्ट की अहम टिप्पणी
इस मामले में पटना की जमीन का लेनदेन जांच का एक प्रमुख हिस्सा रहा है. अदालत ने जमीन के ट्रांसफर को लेकर कहा कि संबंधित जमीन को अपराध से अर्जित आय यानी ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ माना जाता है. मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में यह पहलू बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई में कथित अपराध से हासिल संपत्ति और उसके बाद हुए लेनदेन की जांच की जाती है.
अदालत की यह टिप्पणी मामले में आगे होने वाली सुनवाई के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है. जमीन के कथित लेनदेन और उससे जुड़े आर्थिक लाभ की जांच अब मुकदमे की आगे की कार्यवाही में महत्वपूर्ण बिंदु रहेंगे.
किन लोगों पर चलेगा मामला?
कोर्ट के आदेश के मुताबिक, लारा प्रोजेक्ट्स , लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, पीसी गुप्ता, सरला गुप्ता, सुजाता होटल्स, विजय कोचर और विनय कोचर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को आगे बढ़ाया जाएगा. इन आरोपियों को अब अदालत के सामने पेश होकर मामले की अगली कार्यवाही का सामना करना होगा.
अदालत ने सभी संबंधित आरोपियों को 3 अक्टूबर को राउज एवेन्यू कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया है. उस तारीख को मामले की आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर सुनवाई होगी.
इन आरोपियों को मिली राहत
जहां एक ओर नौ आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का निर्देश दिया गया है, वहीं अदालत ने कुछ अन्य आरोपियों को मामले से डिस्चार्ज भी कर दिया. यानी इन लोगों के खिलाफ इस मामले में आगे मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार अदालत को नहीं मिला.
डिस्चार्ज किए गए आरोपियों में गौरव गुप्ता, नाथ मल ककरानिया, राहुल यादव, विजय त्रिपाठी, देवकी नंदन तुलश्यान और राजीव कुमार रेलन शामिल हैं. इनके अलावा अभिषेक फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड को भी अदालत ने मामले से बाहर कर दिया है.
अब आगे क्या होगा?
राउज एवेन्यू कोर्ट के ताजा आदेश के बाद अब मामले की सुनवाई आरोप तय करने के चरण से आगे बढ़ेगी. 3 अक्टूबर को आरोपियों की अदालत में मौजूदगी के बाद आगे की प्रक्रिया तय होगी. इस दौरान जमीन के कथित लेनदेन, उससे जुड़े आर्थिक लाभ और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से संबंधित पहलुओं पर न्यायिक कार्यवाही आगे बढ़ेगी.
फिलहाल अदालत के आदेश से लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के लिए कानूनी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. हालांकि, आरोप तय करने का अदालत का आदेश अपने आप में दोषसिद्धि नहीं है. मामले में आरोपियों को अदालत के सामने अपना पक्ष रखने और आरोपों का बचाव करने का पूरा कानूनी अधिकार रहेगा. अंतिम फैसला मुकदमे की आगे की सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा.
लारा प्रोजेक्ट्स से जुड़ा यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें कथित संपत्ति लेनदेन, जमीन के हस्तांतरण और उससे जुड़े आर्थिक लाभ को मनी लॉन्ड्रिंग की जांच से जोड़ा गया है. अब सभी की नजरें 3 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई पर रहेंगी, जहां मामले की आगे की दिशा स्पष्ट होगी.
13 साल बाद चैंपियन बना ईस्ट जोन, 15 साल के वैभव सूर्यवंशी और कप्तान ईशान किशन ने लिखे इतिहास के नए पन्ने
Duleep Trophy 2026: ईस्ट जोन ने दलीप ट्रॉफी 2026-27 का खिताब जीतकर क्रिकेट गलियारों में तहलका मचा दिया है. इसी के साथ ईस्ट जोन ने 13 साल का खिताबी सूखा खत्म किया है. ईस्ट जोन का साउथ जोन के खिलाफ फाइनल मुकाबला ड्रॉ पर खत्म हुआ, लेकिन पहली पारी में मिली विशाल बढ़त ने ईस्ट जोन को नया चैंपियन बना दिया. इस खिताबी जीत के सफर में बल्लेबाजों ने, खास तौर पर ईस्ट जोन के खिलाड़ियों ने, रनों का ऐसा सैलाब लाया कि पुराने रिकॉर्ड्स हवा में उड़ गए. तो आइए जानते हैं कि दलीप ट्रॉफी के इस ऐतिहासिक फाइनल मुकाबले में कौन-कौन से रिकॉर्ड बने और ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन व 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने कौन-कौन से कीर्तिमान बनाए.
13 साल बाद चैंपियन बना ईस्ट जोन
ईस्ट जोन ने 13 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार दलीप ट्रॉफी का खिताब अपने नाम कर लिया है. इससे पहले टीम ने आखिरी बार साल 2012-13 के सीजन में यह चमचमाती ट्रॉफी जीती थी, और यह ईस्ट जोन का कुल तीसरा दलीप ट्रॉफी खिताब है. इस ऐतिहासिक जीत के दौरान ईस्ट जोन ने फाइनल की पहली पारी में 708 रनों का विशालकाय स्कोर खड़ा किया, जो दलीप ट्रॉफी के इतिहास में उनका अब तक का सबसे बड़ा टीम स्कोर है. रनों के इस पहाड़ के साथ टीम ने अपना ही कई दशक पुराना रिकॉर्ड भी ध्वस्त कर दिया है.
दलीप ट्रॉफी जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने वैभव सूर्यवंशी
वैभव सूर्यवंशी दलीप ट्रॉफी का खिताब जीतने वाले इतिहास के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं. सिर्फ 15 साल की उम्र में ईस्ट जोन की चैंपियन टीम का हिस्सा बनकर उन्होंने यह ऐतिहासिक वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया है. दलीप ट्रॉफी के इतिहास में इतनी कम उम्र में आज तक कोई भी खिलाड़ी विजेता टीम का सदस्य नहीं रहा है. इससे पहले वैभव ने सेमीफाइनल मुकाबले में सेंट्रल जोन के खिलाफ सिर्फ 42 गेंदों में अर्धशतक (92 रनों की ताबड़तोड़ पारी) जड़कर टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे कम उम्र में फिफ्टी लगाने का कीर्तिमान भी बनाया था. ऐसा करके उन्होंने साल 1969 से चला आ रहा 57 साल पुराना रिकॉर्ड भी ध्वस्त कर दिया.
दलीप ट्रॉफी में कप्तानी करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने वैभव सूर्यवंशी
सेमीफाइनल मुकाबले के दौरान जब नियमित कप्तान ईशान किशन कलाई की चोट के कारण मैदान से बाहर गए, तो उप-कप्तान वैभव सूर्यवंशी ने मोर्चा संभाला. महज 15 साल की उम्र में कुछ समय के लिए टीम की कमान संभालकर वैभव सूर्यवंशी दलीप ट्रॉफी के इतिहास में कप्तानी करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए.
ईशान किशन ने बनाए फाइनल में कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड
ईस्ट जोन के कप्तान और विकेटकीपर ईशान किशन ने पहली पारी में 270 रनों की विशाल पारी खेलकर रिकॉर्ड्स की झड़ी लगा दी. अपनी इस जादुई पारी के दम पर उन्होंने दलीप ट्रॉफी के फाइनल में किसी भी विकेटकीपर द्वारा बनाए गए सबसे बड़े स्कोर का रिकॉर्ड तोड़ दिया. उन्होंने दिनेश कार्तिक के 16 साल पुराने रिकॉर्ड (183 रन, साल 2010) को पीछे छोड़ दिया. ईशान किशन इसके साथ ही दलीप ट्रॉफी के इतिहास में फाइनल मैच के अंदर दोहरा शतक जड़ने वाले पहले विकेटकीपर-कप्तान बन गए हैं.
???? Record Alert ????
— BCCI Domestic (@BCCIdomestic) September 10, 2026
East Zone Captain Ishan Kishan put on an absolute masterclass as he registered the most runs in a #DuleepTrophy match ???????? #EZvSZ | @ishankishan51 pic.twitter.com/QXRLzV2ecX
ऐसा करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बने ईशान किशन
इतना ही नहीं, ईशान दलीप ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में दोहरा शतक लगाने वाले ईस्ट जोन के पहले खिलाड़ी हैं, जबकि ओवरऑल इतिहास में वह ईस्ट जोन की तरफ से दोहरा शतक जड़ने वाले 31 साल में पहले बल्लेबाज बन गए हैं. इस ऐतिहासिक पारी के साथ ईशान किशन दुनिया के इकलौते ऐसे बल्लेबाज भी बन गए हैं, जिनके नाम ODI और दलीप ट्रॉफी दोनों में दोहरा शतक दर्ज है. पूरे सीजन में उन्होंने बल्ले से गदर मचाते हुए 409 रन बनाए और टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे. उनके इस धमाकेदार प्रदर्शन के लिए उन्हें फाइनल मैच में 'प्लेयर ऑफ द मैच' और पूरे टूर्नामेंट के लिए 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' दोनों का अवार्ड मिला.
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