भारत में Matcha की लोकप्रियता बढ़ी, Google Search में 1300% उछाल
‘माचा’ अब केवल इंस्टाग्राम पर पसंद किया जाने वाला हरा पेय नहीं रह गया है बल्कि भारतीय अब इसे घर पर भी तैयार कर रहे हैं और फलों के रस के साथ मिलाकर पी रहे हैं। गूगल ट्रेंड्स के अनुसार, पिछले एक साल में ‘माचा कैसे बनाएं’ की खोज में जबरदस्त 1,300 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। ‘माचा’ एक महीन पिसा हुआ चाय का चूर्ण है, जो विशेष रूप से छाया में उगाई गई चाय की पत्तियों से तैयार किया जाता है।
सर्च इंजन कंपनी गूगल द्वारा अगस्त 2026 के अंत तक जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में उपभोक्ताओं के बीच माचा को लेकर जिज्ञासा बढ़ रही है। गूगल पर पिछले एक साल में ‘माचा’ और ‘माचा क्या है’ से जुड़ी खोज में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि अगस्त 2026 में ‘माचा का स्वाद कैसा होता है’ को लेकर ‘ब्रेकआउट सर्च’ देखा गया। ‘ब्रेकआउट सर्च’ उन खोज को कहा जाता है, जिनमें किसी तय अवधि के दौरान 5,000 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की जाती है।
रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘पिछले एक साल में ‘माचा नियर मी’ (मेरे नजदीक माचा) को सबसे ज्यादा दिल्ली में सर्च किया गया, इसके बाद गोवा, चंडीगढ़ और कर्नाटक का स्थान रहा।’’ भारतीय अब इस पेय के मौसमी संस्करण भी आजमा रहे हैं। गूगल ट्रेंड्स के अनुसार, पिछले एक साल में ‘मैंगो माचा’ की खोज में 200 प्रतिशत और ‘स्ट्रॉबेरी माचा’ की खोज में 400 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। मानसून के दौरान ‘डर्टी माचा’ और ‘कोकोनट माचा’ को लेकर भी लोगों की रुचि काफी बढ़ी।
माचा बनाने की परंपरा अब तेजी से घरों तक पहुंच रही है। पिछले एक साल में ‘माचा किट’ से जुड़ी सर्च दोगुनी हो गईं, जबकि अगस्त में ‘माचा व्हिस्क’ और ‘माचा बाउल’ ब्रेकआउट सर्च के रूप में उभरे। स्वास्थ्य भी लोगों की रुचि का एक बड़ा क्षेत्र रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक साल में ‘माचा हेल्थ’ और ‘माचा प्रोटीन’ से जुड़ी खोजों में क्रमश: 1,000 प्रतिशत और 2,500 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। माचा के अलावा दो अन्य स्वाद भी चलन में हैं - ‘पर्पल याम उबे’ और ‘रोस्टेड जापानी ग्रीन टी होजिचा’। उबे फिलीपीन का एक मीठा और क्रीमी बैंगनी शकरकंद है, जबकि होजिचा जापान की कम कैफीन वाली भुनी हुई ग्रीन टी है।
Tamil Nadu Bypolls: TVK ने दो सीटों पर उतारे प्रत्याशी, DMK से टक्कर
तमिलनाडु में सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने विधानसभा की दो सीटों पर छह अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव के लिए बृहस्पतिवार को अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए, जिसके साथ ही उसका मुख्य प्रतिद्वंद्वी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के साथ सीधा चुनावी मुकाबला तय हो गया है। अन्ना द्रमुक के भी इस चुनावी मैदान में उतरने की उम्मीद है। तमिलनाडु में 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में जीत के बाद सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व में टीवीके ने सहयोगी दलों की मदद से राज्य में अपनी पहली सरकार बनाई।
इसके बाद यह राज्य में होने वाला पहला चुनावी मुकाबला होगा। पार्टी की ओर से जारी एक बयान में टीवीके के संस्थापक और मुख्यमंत्री विजय ने पूर्व अन्ना द्रमुक विधायकों के. मरकतम कुमारवेल और पी. सत्यबामा को क्रमशः मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा सीटों से उम्मीदवार बनाया है। इन दोनों सीटों का प्रतिनिधित्व वे टीवीके में शामिल होने से पहले करती थीं।
कुमारवेल और सत्यबामा ने 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में क्रमशः इन दोनों सीटों से अन्ना द्रमुक उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी। बाद में उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा देकर सत्तारूढ़ टीवीके का दामन थाम लिया था। कुमारवेल और सत्यबामा के इस्तीफे के बाद दोनों विधानसभा सीटें रिक्त हो गई थीं।
कुमारवेल टीवीके की उपमहासचिव हैं, जबकि सत्यबामा पार्टी की तिरुप्पुर दक्षिण-पूर्व जिला सचिव हैं। टीवीके के सूत्रों ने बताया कि दोनों नेताओं को टीवीके के टिकट पर दोबारा उम्मीदवार बनाकर सत्तारूढ़ पार्टी का लक्ष्य इन आरक्षित सीटों पर उनके मौजूदा स्थानीय जनाधार का लाभ उठाना और सरकार बनने के बाद अपनी राजनीतिक पकड़ को और मजबूत करना है। विजय ने एक बयान में कहा कि दोनों आरक्षित सीटों पर उपचुनाव ‘‘सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री अलायंस’’ के बैनर तले लड़ा जाएगा।
बुधवार को गठबंधन के नेताओं की बैठक के बाद इसका यही नाम तय किया गया है। इसमें कांग्रेस और एमडीएमके समेत अन्य दल शामिल हैं। द्रमुक ने मदुरांतकम सीट से अधिवक्ता आई. पारंदामन को उम्मीदवार बनाया है।
वह मदुरांतकम से पूर्व विधायक भी रह चुके हैं। वहीं, धारापुरम सीट से एस. सुगन्या को उम्मीदवार बनाया गया है। अन्ना द्रमुक के सूत्रों ने बताया कि पार्टी आगामी उपचुनावों के लिए अपनी रणनीति जल्द तय करेगी।
संभावित उम्मीदवारों के चयन के लिए पार्टी कई विकल्पों पर विचार कर रही है। उसने दोनों सीटों से चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों से आवेदन भी आमंत्रित किए हैं। पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से जोरदार जीत सुनिश्चित करने के लिए काम करने का आह्वान करते हुए विजय ने कहा, ‘‘मैं पार्टी के सभी पदाधिकारियों और साथियों से विनम्र अनुरोध करता हूं कि वे हमारे उम्मीदवारों की जीत के लिए वोट जुटाने में जुट जाएं।
हमारा एकमात्र उद्देश्य जीत होना चाहिए और यह जीत ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण होनी चाहिए।’’ भारत निर्वाचन आयोग ने दोनों सीटों पर छह अक्टूबर को मतदान और नौ अक्टूबर को मतगणना कराने का कार्यक्रम तय किया है। नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही आने वाले दिनों में दोनों क्षेत्रों में चुनाव प्रचार तेजी से जोर पकड़ने की उम्मीद है। कुमारवेल ने चेंगलपट्टू जिले की मदुरांतकम सीट पर जीत हासिल की थी।
उन्होंने उस समय अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को हराया था, जो टीवीके से थे। इसी तरह, सत्यबामा ने धारापुरम (तिरुप्पुर जिला) विधानसभा क्षेत्र में द्रमुक की इंदिराणी टी. को हराया था। इस बीच, कुमारवेल ने टीवीके सरकार के प्रदर्शन के दम पर मदुरांतकम से जीत का भरोसा जताया।
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