Explainer: किसी की फेक फोटो नेट पर डाली तो सीधे जेल! जानिए कितने साल की सजा और कितना जुर्माना
सोशल मीडिया पर किसी की तस्वीर के साथ छेड़छाड़ करके उसे वायरल करना आजकल बेहद आम बात हो गई है. लोग दूसरों को बदनाम करने के लिए ऐसी हरकत करते हैं. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यह मामूली मजाक नहीं बल्कि सीधा-सीधा क्राइम है. बता दें भारत में इसके लिए सख्त कानूनी प्रावधान हैं, जिसमें जेल और भारी जुर्माना दोनों के प्रावधान शामिल हैं.
हाल ही में भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया से जुड़ा एक मामला भी इसी वजह से सुर्खियों में रहा है. जिसमें उनके नाम से एक एआई जनित फर्जी ग्राफिक शेयर किए जाने पर उन्होंने कोर्ट का रुख कर लिया. कोर्ट ने अब इस मामले में सख्त आदेश पारित किया है. आइए आपको इस विषय पर डिटेल में बताते हैं.
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— Gaurav Bhatia गौरव भाटिया ???????? (@gauravbhatiabjp) September 10, 2026
"CJP's Saurav Das, Ashutosh Ranka to delete posts against BJP's Gaurav Bhatia; Delhi High Court asks Meta, X to take down identical posts in future"
"Will Take Down Posts Against Sr Advocate Gaurav Bhatia In 24 Hours: CJP's Saurav Das, Ashutosh Ranka Tell… pic.twitter.com/TyqcyUTdOc
फेक या मॉर्फ्ड फोटो डालना कानूनन क्या माना जाता है?
नियमों के अनुसार अगर कोई व्यक्ति किसी दूसरे की तस्वीर के साथ छेड़छाड़ करके, बिना उसकी सहमति के इंटरनेट पर डालता है तो यह निजता के उल्लंघन, पहचान की चोरी और कई मामलों में मानहानि की श्रेणी में आता है. तस्वीर का मकसद बदनाम करना हो या किसी की छवि बिगाड़ना, दोनों ही सूरतों में इसे अपराध माना जाता है.
इसमें कौन-कौन सी धाराएं लगती हैं?
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम यानी आईटी एक्ट की धारा 66सी के तहत किसी की पहचान चुराकर उसका गलत इस्तेमाल करने पर मामला दर्ज हो सकता है. वहीं, धारा 66डी कंप्यूटर या मोबाइल के जरिए किसी को धोखा देने या नकली पहचान बनाकर नुकसान पहुंचाने से जुड़ी है. बता दें अगर तस्वीर के जरिए किसी की निजता भंग होती है तो धारा 66ई के तहत कार्रवाई हो सकती है. वहीं, यदि तस्वीर अश्लील प्रकृति की है तो कानून की धारा 67 के तहत सख्त सजा का प्रावधान है.
कितने साल की सजा और कितना जुर्माना हो सकता है?
अधिवक्ता डॉ. भारत नागर के मुताबिक पहचान चुराने से जुड़े मामलों में तीन साल तक की जेल और एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. वहीं, निजता भंग करने पर भी करीब तीन साल की सजा और दो लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है. इसके अलावा अगर फोटो अश्लील मानी जाती है तो पहली बार पकड़े जाने पर तीन साल तक की सजा और पांच लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है. वहीं, दोबारा ऐसा करने पर यह सजा पांच साल तक और जुर्माना दस लाख रुपये तक जा सकता है. उनका कहना था कि मानहानि साबित होने पर अलग से जेल और आर्थिक हर्जाने की सजा का भी प्रावधान है.
???? BIG: Government of India has unveiled one of the most comprehensive legal frameworks to combat AI-generated deepfakes, synthetic media, misinformation and unlawful online content.
— Akshay Kumar (@akshay_vicky) August 6, 2026
The framework brings together the IT Act, 2000, Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS), 2023, IT Rules,… pic.twitter.com/5XgSERVQ0D
फेक फोटो मामले में पीड़ित को क्या करना चाहिए?
दिल्ली पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक सबसे पहले संबंधित पोस्ट या फोटो का स्क्रीनशॉट और लिंक सुरक्षित रखना चाहिए. इसके बाद नजदीकी साइबर सेल या नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं. इसके अलावा गंभीर मामलों में पीड़ित सिविल कोर्ट में मानहानि का दावा भी कर सकता है.
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बीजेपी नेता गौरव भाटिया केस क्या है, केस से क्या मिलती है सीख?
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने एक संगठन के प्रवक्ता पर आरोप लगाया कि उसने उनके नाम से एक फर्जी, एआई से बना ग्राफिक शेयर किया, जिसमें भाटिया के हवाले से आपत्तिजनक बातें लिखी गई थीं. भाटिया ने पहले पोस्ट हटाने और माफी मांगने के लिए समय दिया लेकिन बिना शर्त माफी न मिलने पर उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में सिविल मानहानि मुकदमा दायर कर दिया. कानून के जानकारों के मुताबिक यह मामला दिखाता है कि अब फर्जी या एआई जनित फोटो-ग्राफिक को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है और पीड़ित के पास कानूनी कार्रवाई के कई रास्ते खुले होते हैं.
क्या माफी मांगने से मामला खत्म हो सकता है?
अगर आरोपी समय रहते पोस्ट हटा दे और सार्वजनिक तौर पर बिना शर्त माफी मांग ले तो कई बार मामला शुरुआती स्तर पर ही सुलझ सकता है. लेकिन अगर पीड़ित पक्ष संतुष्ट न हो तो वह कानूनी कार्रवाई जारी रखने के लिए स्वतंत्र होता है जैसा गौरव भाटिया के मामले में हुआ है.
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नीचे से काली पड़ गई है कड़ाही? घंटों रगड़ने की नहीं जरूरत, ये आसान और कारगर तरीके छुड़ा सकते हैं जिद्दी दाग
Burnt Kadhai Cleaning: खाना बनाते-बनाते कड़ाही के नीचे जमी काली और जली हुई परत को साफ करना मुश्किल हो सकता है. ऐसे दागों को तुरंत जोर लगाकर रगड़ने के बजाय पहले नरम करना सफाई को आसान बना सकता है. बेकिंग सोडा और गर्म पानी का पेस्ट जमी हुई परत को ढीला करने में मदद कर सकता है. चिकनाई वाले दागों के लिए बेकिंग सोडा के साथ डिशवॉश लिक्विड का इस्तेमाल किया जा सकता है. जिद्दी निशानों पर सफेद सिरका भी काम आ सकता है, लेकिन बर्तन के मटेरियल का ध्यान रखना जरूरी है. नॉन-स्टिक या कोटिंग वाली कड़ाही पर बहुत कठोर स्क्रबर और तेज धार वाले औजार इस्तेमाल करने से बचना चाहिए.
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