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उज्जैन में क्रेन और जेसीबी भी हारीं, 11 दिन बाद भी टस से मस नहीं हुए खड़े हनुमान, अब IIT करेगा जांच

Ujjain Khade Hanuman Ji: मध्य प्रदेश स्थित धार्मिक नगरी उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है. शहर के कंठाल चौराहे से छतरी चौक यानी बड़ा सराफा मार्ग पर सड़क को चौड़ा करने का काम तेजी से चल रहा है. इस रास्ते को करीब 15 मीटर तक चौड़ा किया जाना है, जिसकी जद में करीब 170 साल पुराना प्रसिद्ध खड़े हनुमान मंदिर भी आ गया है. प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए मंदिर के भवन और चारदीवारी को तो हटा दिया, लेकिन जब गर्भगृह में विराजमान हनुमान जी की प्रतिमा को हटाने की बारी आई, तो सारी व्यवस्थाएं धरी की धरी रह गईं.

जमकर हो रहीं रील्स वायरल

उज्जैन में खड़े हनुमान के दर्शन के लिए हजारों भक्त पहुंच रहे हैं. 5 दिन की कोशिशों के बाद भी प्रतिमा नहीं हट रही है, जिसकी रील्स भी वायरल हो रहीं हैं. प्रतिमा को लेकर प्रशासन की ओर से सावधानी बरती जा रही है. फिलहाल टेंट में  हनुमानजी की प्रतिमा विराजमान है. प्रशासन ने कहा है कि जन भावनाओं के अनुरूप ही कार्रवाई होगी.

बता दें कि पिछले 11 दिनों से लगातार प्रयास करने के बाद भी बजरंगबली की प्रतिमा अपनी जगह से एक इंच भी नहीं हिली है.  भारी भरकम जेसीबी और क्रेन लगाने के बावजूद जब सफलता नहीं मिली, तो अब प्रशासन ने पूरे मामले में IIT इंदौर की मदद मांगी है.

भारी भरकम मशीनों के छूटे पसीने

सड़क चौड़ीकरण की इस परियोजना के तहत प्रतिमा को टंकी चौक पर सुरक्षित तरीके से स्थापित करने की योजना बनाई गई थी. प्रशासन ने पूरी सावधानी के साथ प्रतिमा को स्थानांतरित करने का अभियान शुरू किया था. इसके लिए बड़ी क्रेन और कई तरह की आधुनिक निर्माण मशीनें मौके पर लाई गईं. मंदिर के आसपास करीब डेढ़ फीट गहरा गड्ढा भी खोदा गया, ताकि प्रतिमा के आधार को समझा जा सके. इसके बाद भी प्रतिमा अपनी जगह से टस से मस नहीं हुई. स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जितनी ज्यादा खुदाई की गई, प्रतिमा का आधार उतना ही गहरा नजर आने लगा. इंदौर से आए सिविल इंजीनियरों और तकनीकी जानकारों की टीम भी प्रतिमा को हिलाने में पूरी तरह असफल साबित हुई.

IIT इंदौर की टीम ने शुरू की जांच

तमाम कोशिशें नाकाम होने के बाद नगर निगम और स्थानीय प्रशासन के हाथ पांव फूल गए. मंदिर के पुजारी और प्रबंधकों के सुझाव पर नगर निगम आयुक्त ने आईआईटी इंदौर के विशेषज्ञों से संपर्क साधा. इसके बाद आईआईटी की एक विशेष टीम अत्याधुनिक जांच उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची. टीम ने करीब दो घंटे तक प्रतिमा के आधार, आसपास की मिट्टी और जमीन के नीचे की बनावट का बारीकी से अध्ययन किया. वैज्ञानिक उपकरण जमीन के नीचे यह पता लगाने में जुटे हैं कि प्रतिमा की नींव कितनी गहराई तक फैली है. नगर निगम अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि आईआईटी की विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद ही आगे का कोई कदम उठाया जाएगा. जब तक सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलती, तब तक प्रतिमा को छेड़ने का काम पूरी तरह रोक दिया गया है.

एक हजार साल पुरानी इंटरलॉक तकनीक का अनुमान

इस पूरे घटनाक्रम के बीच विक्रम विश्वविद्यालय के पुरातत्व विशेषज्ञों ने एक महत्वपूर्ण पहलू सामने रखा है. पुरातत्वविदों का मानना है कि यह प्रतिमा करीब 1000 साल पुरानी हो सकती है. प्राचीन काल में भारी भरकम और विशाल पाषाण प्रतिमाओं को स्थापित करने के लिए इंटरलॉकिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जाता था. इस तकनीक में पत्थरों को इस तरह एक दूसरे में फंसाकर स्थापित किया जाता था कि उन्हें बिना पूरी नींव तोड़े अलग करना नामुमकिन होता है. इसके अलावा यह प्रतिमा मालवा अंचल के बेहद कठोर बेसाल्ट पत्थर से तराशी गई जान पड़ती है. सदियों से चोला और सिंदूर चढ़ाए जाने के कारण इसका मूल स्वरूप सीधे नजर नहीं आ रहा है, जिससे किसी भी तरह की जल्दबाजी से प्रतिमा के खंडित होने का भारी जोखिम बना हुआ है.

आस्था का केंद्र और लोगों का कड़ा विरोध

इस प्राचीन मंदिर को लेकर स्थानीय नागरिकों और मालवा क्षेत्र के श्रद्धालुओं में अटूट श्रद्धा है. यहां स्थापित हनुमान जी को भक्त प्यार से डॉक्टर हनुमान कहते हैं, जबकि मंदिर को उज्जैन का एम्स भी माना जाता है. लोक मान्यता है कि यहां आकर प्रार्थना करने से बीमार बच्चों और असाध्य रोगियों के कष्ट दूर हो जाते हैं. जैसे ही प्रतिमा को हटाने के लिए मशीनों के इस्तेमाल की बात फैली, श्रद्धालुओं का गुस्सा भड़क उठा. मंगलवार और बुधवार को मंदिर परिसर में हजारों की संख्या में भक्त उमड़ पड़े. विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल जैसे संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मंदिर में डेरा डाल दिया. ढोल ताशों के साथ महाआरती की गई और घंटों तक सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ हुआ.

विकास और विश्वास के बीच फंसा पेच

भक्तों का सीधा कहना है कि जब आधुनिक क्रेन और मशीनें 11 दिन में प्रतिमा को नहीं हिला पाईं, तो यह कोई सामान्य बात नहीं है बल्कि साक्षात बजरंगबली की इच्छा का संकेत है. श्रद्धालुओं की मांग है कि सड़क के नक्शे में बदलाव किया जाए और प्रतिमा को उसी स्थान पर यथावत रहने दिया जाए. अब उज्जैन प्रशासन के सामने दोहरा संकट खड़ा हो गया है. एक तरफ सिंहस्थ 2028 जैसे महाआयोजन के लिए पुराने शहर में आवागमन सुगम बनाना अपरिहार्य है, तो दूसरी तरफ लाखों भक्तों की गहरी धार्मिक आस्था जुड़ी हुई है. फिलहाल प्रशासनिक अधिकारियों की सारी उम्मीदें आईआईटी इंदौर की आने वाली तकनीकी रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके आधार पर ही अगला रास्ता तय किया जाएगा.

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चांदी ₹3,307 बढ़कर ₹2.39 लाख किलो पर पहुंची:सोना ₹542 महंगा होकर 1.54 लाख का 10 ग्राम हुआ, इस साल दाम ₹21 हजार बढ़े

सोने-चांदी के दाम में आज यानी 10 सितंबर को बढ़त रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 542 रुपए बढ़कर 1.54 लाख रुपए पर पहुंच गई है। वहीं एक किलो चांदी की कीमत आज 3,307 रुपए बढ़कर 2.39 लाख रुपए हो गई है। इस साल सोना ₹21 हजार महंगा हो चुका इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 20 हजार रुपए महंगा हो चुका है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए पर था, जो अब 1.54 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.39 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। दिसंबर तक सोना 1.70 लाख और चांदी 3 लाख रुपए तक पहुंच सकती है कोटक सिक्युरिटीज के सीनियर वीपी एंड कमोडिटी रिसर्च हेड अनिंद्य बनर्जी कहते हैं कि सोने को आम निवेशकों के साथ ही दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों जैसे आरबीआई का भी सपोर्ट हासिल है, जो लगातार सोना खरीद रहे हैं। आगे मुश्किल हालात में भी सोने में तेजी बनी रहेगी। यदि हालात सुधरे तो चांदी में भी उछाल दिख सकता है। अभी जो भावी हालात नजर आ रहे हैं, उसके मुताबिक दिसंबर तक सोने की कीमत 1.70 लाख रुपए तक पहुंच सकती है। चांदी की कीमत भी 3 लाख रुपए तक जा सकती है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 3 बातों का रखें ध्यान

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  Sports

Women’s Asia Cup 2026: शेफाली वर्मा के तूफानी अर्धशतक से भारत फाइनल में, बांग्लादेश को 40 रन से हराया

Women’s Asia Cup 2026: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बांग्लादेश को 40 रन से हराकरWomen’s Asia Cup 2026 के फाइनल में जगह बना ली है। दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए पहले सेमीफाइनल में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 149/6 रन बनाए। जवाब में बांग्लादेश की टीम 20 ओवर में 109/7 रन ही बना सकी।

भारत की जीत की सबसे बड़ी स्टार शेफाली वर्मा रहीं। उन्होंने मुश्किल और धीमी पिच पर शानदार बल्लेबाजी करते हुए 40 गेंदों में 64 रन की तेजतर्रार पारी खेली। उनकी पारी में सात चौके और तीन छक्के शामिल रहे। बांग्लादेश ने शेफाली को कई मौके दिए और भारतीय ओपनर ने इसका पूरा फायदा उठाते हुए टीम को चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचा दिया।

शेफाली वर्मा ने संभाला मोर्चा
टॉस जीतकर बांग्लादेश ने भारत को पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाया। भारतीय टीम को शुरुआत में कुछ झटके लगे, लेकिन शेफाली वर्मा ने एक छोर संभाले रखा। उन्होंने परिस्थिति के मुताबिक अपनी पारी को आगे बढ़ाया और फिर आक्रामक अंदाज अपनाते हुए बांग्लादेशी गेंदबाजों पर दबाव बना दिया।

शेफाली ने 40 गेंदों पर 64 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 160 का रहा। उनके अलावा प्रतिका रावल ने 20, ऋचा घोष ने 21 और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने नाबाद 24 रन का योगदान दिया। इन पारियों की मदद से भारत 20 ओवर में 149 रन तक पहुंचने में सफल रहा।

भारत की गेंदबाजी के सामने बांग्लादेश बेबस
149 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बांग्लादेश की शुरुआत भारत के मुकाबले कमजोर रही। भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर विपक्षी टीम पर दबाव बनाए रखा।

दीप्ति शर्मा भारत की सबसे सफल गेंदबाज रहीं। उन्होंने 26 रन देकर तीन विकेट झटके। स्पिनरों ने दुबई की धीमी पिच का शानदार फायदा उठाया और बांग्लादेशी बल्लेबाजों को खुलकर शॉट खेलने का मौका नहीं दिया।

बांग्लादेश की टीम 20 ओवर में सात विकेट गंवाकर 109 रन ही बना सकी। इस तरह भारत ने मुकाबला 40 रन से जीत लिया और फाइनल का टिकट कटाया।

भारत की लगातार 10वीं फाइनल एंट्री
इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने Women’s Asia Cup के इतिहास में रिकॉर्ड 10वीं बार फाइनल में जगह बनाई है। भारत की नजर अब खिताब पर है।

टूर्नामेंट का दूसरा सेमीफाइनल पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच खेला जाना है। इसी मुकाबले से भारत को फाइनल में अपने प्रतिद्वंद्वी का पता चलेगा। फाइनल 13 सितंबर को खेला जाएगा।

IND vs BAN Women: मैच के अहम आंकड़े

  • भारत - 149/6 (20 ओवर)   
  • बांग्लादेश - 109/7 (20 ओवर)    
  • शेफाली वर्मा - 64 (40 गेंद)    
  • दीप्ति शर्मा - 3 विकेट    

भारत ने 40 रन से जीत दर्ज कर Women’s Asia Cup 2026 के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। अब सभी की नजरें दूसरे सेमीफाइनल और 13 सितंबर को होने वाले खिताबी मुकाबले पर रहेंगी।

Thu, 10 Sep 2026 23:47:50 +0530

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