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AAJTAK 2 LIVE | Brics Summit 2026 | 7 साल बाद XI jinping आएंगे भारत? | AT2 LIVE

भारत और रूस अब डिफेंस पार्टनरशिप को अगले स्तर पर ले जाएंगे. दिल्ली में शुरू होने जा रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 से पहले 11 सितंबर को जब पीएम मोदी और रूस के राष्ट्रपति पुतिन मिलेंगे तो दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच एयर डिफेंस सिस्टम S-400 के अगले फेज की डिलीवरी और ब्रह्मोस मिसाइल के डेवलपमेंट पर बात होगी. India and Russia are set to take their defense partnership to the next level. When Prime Minister Modi and Russian President Putin meet on September 11—ahead of the BRICS summit scheduled to be held in Delhi in 2026—the two leaders will discuss the delivery of the next phase of the S-400 air defense system and the development of the BrahMos missile. #BricsSummit2026 #IndiaRussia #Putin #NarendraModi #XIJinping #AT2LIVE आजतक के साथ देखिये देश-विदेश की सभी महत्वपूर्ण और बड़ी खबरें | Watch the latest Hindi news Live on the World's Most Subscribed News Channel on YouTube. #LatestNews #Aajtak #HindiNews Aaj Tak News Channel: आज तक भारत का सर्वश्रेष्ठ हिंदी न्‍यूज चैनल है । आज तक न्‍यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। आज तक न्‍यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए बने रहें । #hindinews #newsinhindi #hindisamachar #breakingnews #aajtak #samachar #news अधिक समाचारों के लिए यहां क्लिक करें: https://www.youtube.com/@aajtak?sub_confirmation=1 About Channel: Aaj Tak is India's Best Hindi News Channel. Aaj Tak News Channel Covers The Latest News, Breaking News, Politics, Entertainment News, Business News and Sports News. Stay tuned for all the News in Hindi. Join Aaj Tak Whatsapp Channel: https://whatsapp.com/channel/0029Va7Rxc32ER6hBAuIL222 Watch Our Prime Shows on Aaj Tak: Vardaat — Real-life crime stories that shook the nation https://youtube.com/playlist?list=PLP-nGFpz3fa_WLJqwFuJlwfhAepqcOd3I&si=tJXqsrKVHOvxy4BJ Black & White with Anjana Om Kashyap - Big debates, sharp opinions, and political analysis https://youtube.com/playlist?list=PLP-nGFpz3fa_aLomcIgk-c_dRhuYOBphp&si=1wAaQfSUIfZ0OrIy Halla Bol — The nation’s most powerful debate on today’s top issues https://youtube.com/playlist?list=PLP-nGFpz3fa-ZT2YKfqzI-ayeZV0n8qAh&si=nnRN8_9u02p8QlG_ DasTak 2025: https://youtube.com/playlist?list=PLP-nGFpz3fa9q68r5rws67UxSUdhcHupG&si=QMiiUiKyXUP76DUk ताज़ा खबरों और LIVE अपडेट्स के लिए जुड़े रहें Aaj Tak के साथ - https://youtube.com/live/Nq2wYlWFucg?feature=share https://youtube.com/live/gH6ftEJDLGo?feature=share Download Aaj Tak APP, India’s No.1 Hindi News App: https://play.google.com/store/apps/details?id=in.AajTak.headlines&hl=hi Subscribe to Aaj Tak YouTube Channel: https://www.youtube.com/c/aajtak Visit Aaj Tak website: https://www.aajtak.in/ Follow us on Facebook: https://www.facebook.com/aajtak Follow us on Twitter: https://twitter.com/aajtak Follow us on Instagram: https://www.instagram.com/aajtak/ Subscribe our other Popular YouTube Channels: India Today: https://www.youtube.com/c/indiatoday SoSorry: https://www.youtube.com/c/sosorrypolitoons Good News Today: https://www.youtube.com/c/GoodNewsTodayOfficial AajTak AI: https://www.youtube.com/channel/UClZU5ouD9LkfgrelmL2auTg

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उज्जैन में क्रेन और जेसीबी भी हारीं, 11 दिन बाद भी टस से मस नहीं हुए खड़े हनुमान, अब IIT करेगा जांच

Ujjain Khade Hanuman Ji: मध्य प्रदेश स्थित धार्मिक नगरी उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है. शहर के कंठाल चौराहे से छतरी चौक यानी बड़ा सराफा मार्ग पर सड़क को चौड़ा करने का काम तेजी से चल रहा है. इस रास्ते को करीब 15 मीटर तक चौड़ा किया जाना है, जिसकी जद में करीब 170 साल पुराना प्रसिद्ध खड़े हनुमान मंदिर भी आ गया है. प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए मंदिर के भवन और चारदीवारी को तो हटा दिया, लेकिन जब गर्भगृह में विराजमान हनुमान जी की प्रतिमा को हटाने की बारी आई, तो सारी व्यवस्थाएं धरी की धरी रह गईं.

जमकर हो रहीं रील्स वायरल

उज्जैन में खड़े हनुमान के दर्शन के लिए हजारों भक्त पहुंच रहे हैं. 5 दिन की कोशिशों के बाद भी प्रतिमा नहीं हट रही है, जिसकी रील्स भी वायरल हो रहीं हैं. प्रतिमा को लेकर प्रशासन की ओर से सावधानी बरती जा रही है. फिलहाल टेंट में  हनुमानजी की प्रतिमा विराजमान है. प्रशासन ने कहा है कि जन भावनाओं के अनुरूप ही कार्रवाई होगी.

बता दें कि पिछले 11 दिनों से लगातार प्रयास करने के बाद भी बजरंगबली की प्रतिमा अपनी जगह से एक इंच भी नहीं हिली है.  भारी भरकम जेसीबी और क्रेन लगाने के बावजूद जब सफलता नहीं मिली, तो अब प्रशासन ने पूरे मामले में IIT इंदौर की मदद मांगी है.

भारी भरकम मशीनों के छूटे पसीने

सड़क चौड़ीकरण की इस परियोजना के तहत प्रतिमा को टंकी चौक पर सुरक्षित तरीके से स्थापित करने की योजना बनाई गई थी. प्रशासन ने पूरी सावधानी के साथ प्रतिमा को स्थानांतरित करने का अभियान शुरू किया था. इसके लिए बड़ी क्रेन और कई तरह की आधुनिक निर्माण मशीनें मौके पर लाई गईं. मंदिर के आसपास करीब डेढ़ फीट गहरा गड्ढा भी खोदा गया, ताकि प्रतिमा के आधार को समझा जा सके. इसके बाद भी प्रतिमा अपनी जगह से टस से मस नहीं हुई. स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जितनी ज्यादा खुदाई की गई, प्रतिमा का आधार उतना ही गहरा नजर आने लगा. इंदौर से आए सिविल इंजीनियरों और तकनीकी जानकारों की टीम भी प्रतिमा को हिलाने में पूरी तरह असफल साबित हुई.

IIT इंदौर की टीम ने शुरू की जांच

तमाम कोशिशें नाकाम होने के बाद नगर निगम और स्थानीय प्रशासन के हाथ पांव फूल गए. मंदिर के पुजारी और प्रबंधकों के सुझाव पर नगर निगम आयुक्त ने आईआईटी इंदौर के विशेषज्ञों से संपर्क साधा. इसके बाद आईआईटी की एक विशेष टीम अत्याधुनिक जांच उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची. टीम ने करीब दो घंटे तक प्रतिमा के आधार, आसपास की मिट्टी और जमीन के नीचे की बनावट का बारीकी से अध्ययन किया. वैज्ञानिक उपकरण जमीन के नीचे यह पता लगाने में जुटे हैं कि प्रतिमा की नींव कितनी गहराई तक फैली है. नगर निगम अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि आईआईटी की विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद ही आगे का कोई कदम उठाया जाएगा. जब तक सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलती, तब तक प्रतिमा को छेड़ने का काम पूरी तरह रोक दिया गया है.

एक हजार साल पुरानी इंटरलॉक तकनीक का अनुमान

इस पूरे घटनाक्रम के बीच विक्रम विश्वविद्यालय के पुरातत्व विशेषज्ञों ने एक महत्वपूर्ण पहलू सामने रखा है. पुरातत्वविदों का मानना है कि यह प्रतिमा करीब 1000 साल पुरानी हो सकती है. प्राचीन काल में भारी भरकम और विशाल पाषाण प्रतिमाओं को स्थापित करने के लिए इंटरलॉकिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जाता था. इस तकनीक में पत्थरों को इस तरह एक दूसरे में फंसाकर स्थापित किया जाता था कि उन्हें बिना पूरी नींव तोड़े अलग करना नामुमकिन होता है. इसके अलावा यह प्रतिमा मालवा अंचल के बेहद कठोर बेसाल्ट पत्थर से तराशी गई जान पड़ती है. सदियों से चोला और सिंदूर चढ़ाए जाने के कारण इसका मूल स्वरूप सीधे नजर नहीं आ रहा है, जिससे किसी भी तरह की जल्दबाजी से प्रतिमा के खंडित होने का भारी जोखिम बना हुआ है.

आस्था का केंद्र और लोगों का कड़ा विरोध

इस प्राचीन मंदिर को लेकर स्थानीय नागरिकों और मालवा क्षेत्र के श्रद्धालुओं में अटूट श्रद्धा है. यहां स्थापित हनुमान जी को भक्त प्यार से डॉक्टर हनुमान कहते हैं, जबकि मंदिर को उज्जैन का एम्स भी माना जाता है. लोक मान्यता है कि यहां आकर प्रार्थना करने से बीमार बच्चों और असाध्य रोगियों के कष्ट दूर हो जाते हैं. जैसे ही प्रतिमा को हटाने के लिए मशीनों के इस्तेमाल की बात फैली, श्रद्धालुओं का गुस्सा भड़क उठा. मंगलवार और बुधवार को मंदिर परिसर में हजारों की संख्या में भक्त उमड़ पड़े. विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल जैसे संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मंदिर में डेरा डाल दिया. ढोल ताशों के साथ महाआरती की गई और घंटों तक सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ हुआ.

विकास और विश्वास के बीच फंसा पेच

भक्तों का सीधा कहना है कि जब आधुनिक क्रेन और मशीनें 11 दिन में प्रतिमा को नहीं हिला पाईं, तो यह कोई सामान्य बात नहीं है बल्कि साक्षात बजरंगबली की इच्छा का संकेत है. श्रद्धालुओं की मांग है कि सड़क के नक्शे में बदलाव किया जाए और प्रतिमा को उसी स्थान पर यथावत रहने दिया जाए. अब उज्जैन प्रशासन के सामने दोहरा संकट खड़ा हो गया है. एक तरफ सिंहस्थ 2028 जैसे महाआयोजन के लिए पुराने शहर में आवागमन सुगम बनाना अपरिहार्य है, तो दूसरी तरफ लाखों भक्तों की गहरी धार्मिक आस्था जुड़ी हुई है. फिलहाल प्रशासनिक अधिकारियों की सारी उम्मीदें आईआईटी इंदौर की आने वाली तकनीकी रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके आधार पर ही अगला रास्ता तय किया जाएगा.

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Opinion: मेडल जीतने से पहले डोप टेस्ट में हार रहे भारत के पहलवान! आखिर जिम्मेदार कौन?

एशियन गेम्स से ठीक पहले तीन-तीन पहलवानों के डोप टेस्ट में फेल होना कई सवाल खड़े करते हैं. कौन से सप्लीमेंट खिलाड़ियों को दिए जा रहे हैं? उनकी जांच कौन करता है? कैंप में एंटी डोपिंग नियम बताए जाते हैं या नहीं? और सबसे अहम सवाल अगर कोई खिलाड़ी डोप टेस्ट में पॉजिटिव आता है तो ये सिर्फ उसकी जिम्मेदारी है या उस पूरे सिस्टम की. Fri, 11 Sep 2026 00:25:40 +0530

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