आपदा से निपटने के लिए तैयार होगा उत्तराखंड, हर साल 80 हजार लोगों को मिलेगा प्रशिक्षण
Uttarakhand News: आपदा के लिहाज से संवेदनशील उत्तराखंड में अब राहत और बचाव के साथ-साथ आपदा से पहले तैयारी पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है. सरकार ने प्रदेश के आम लोगों को आपदा से निपटने के लिए जरूरी जानकारी और बचाव के तरीके सिखाने की योजना को आगे बढ़ाया है. चालू वित्तीय वर्ष में राज्यभर के 80 हजार लोगों को समुदाय आधारित आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है.
उत्तराखंड में भूकंप, भूस्खलन, बादल फटना, बाढ़, हिमस्खलन, शीतलहर और जंगल की आग जैसी आपदाओं का खतरा बना रहता है. पहाड़ी क्षेत्रों में कई बार आपदा के बाद राहत दलों के पहुंचने में समय लग सकता है. ऐसे में स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित लोग शुरुआती समय में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. इसी सोच के साथ सरकार लोगों को आपदा के दौरान सुरक्षित रहने और दूसरों की मदद करने के लिए तैयार कर रही है.
अब तक 2.69 लाख से ज्यादा लोग प्रशिक्षित
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जिलों के सहयोग से वर्ष 2020 में समुदाय आधारित आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण की शुरुआत की थी. इस पहल के तहत अब तक प्रदेश में 2,69,622 लोगों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है. इनमें स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी और शिक्षक, स्थानीय समुदाय, स्वयंसेवी संगठन, महिला और युवक मंगल दल के सदस्य तथा विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हैं.
सरकार का लक्ष्य अब इस अभियान को और व्यापक बनाना है. इस वर्ष 80 हजार लोगों को प्रशिक्षण देकर ग्रामीण क्षेत्रों और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. इससे आपदा के समय स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित लोगों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार करने में मदद मिलेगी.
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तीन से पांच दिन में सिखाए जाते हैं बचाव के तरीके
समुदाय आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम आम तौर पर तीन से पांच दिन का होता है. इसमें लोगों को आपदा आने से पहले की तैयारी के साथ-साथ आपात स्थिति में सुरक्षित व्यवहार के बारे में जानकारी दी जाती है. प्रशिक्षण में प्राथमिक उपचार, खोज एवं बचाव, सुरक्षित स्थान पर जाने की प्रक्रिया और चेतावनी संदेशों को समझने के तरीके भी बताए जाते हैं.
प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि लोगों को आपदा की स्थिति में सही समय पर सही फैसला लेने के लिए तैयार करना है. खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे प्रशिक्षण को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां स्थानीय लोगों को अपने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और रास्तों की बेहतर जानकारी होती है.
स्थानीय लोग बनेंगे पहली मदद की मजबूत कड़ी
आपदा प्रबंधन को केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी मानकर नहीं चलाया जा सकता. किसी भी आपदा के शुरुआती समय में स्थानीय समुदाय की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है. प्रशिक्षित लोग जरूरत पड़ने पर घायलों को प्राथमिक उपचार दे सकते हैं, लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में मदद कर सकते हैं और राहत-बचाव दलों के पहुंचने तक जरूरी कदम उठा सकते हैं.
सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक ग्रामीणों, युवाओं और स्थानीय स्वयंसेवी समूहों को इस अभियान से जोड़ा जाए. इससे आपदा के दौरान सरकारी मशीनरी पर शुरुआती दबाव कम करने और प्रभावित लोगों तक जल्द मदद पहुंचाने में सहायता मिल सकती है.
तैयारी बढ़ेगी तो कम होगा आपदा का जोखिम
आपदा को रोका नहीं जा सकता, लेकिन बेहतर तैयारी और सही जानकारी के जरिए इसके नुकसान को कम किया जा सकता है. इसी उद्देश्य से उत्तराखंड में समुदाय आधारित प्रशिक्षण को लगातार मजबूत किया जा रहा है। 80 हजार नए लोगों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य इस दिशा में एक बड़ा कदम है.
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि आपदा प्रबंधन को केवल सरकारी तंत्र तक सीमित नहीं रखा जा सकता. इसमें समुदाय की सक्रिय भागीदारी जरूरी है. उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों को आपदा से निपटने के तरीके पता होंगे तो राहत और बचाव दलों के पहुंचने से पहले भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकेंगे.
प्रदेश में इस अभियान के विस्तार से आने वाले समय में बड़ी संख्या में ऐसे लोग तैयार होंगे, जो आपदा के समय खुद सुरक्षित रहने के साथ-साथ अपने आसपास के लोगों की भी मदद कर सकेंगे. इस तरह उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन को राहत और बचाव से आगे बढ़ाकर पहले से तैयारी और स्थानीय भागीदारी पर आधारित व्यवस्था बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है.
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Ujjain Khade Hanuman Mandir LIVE: भक्तों में जश्न, रोए इंजीनियर्स | Madhya Pradesh | Baba Mahakal
Ujjain Khade Hanuman Mandir LIVE: भक्तों में जश्न, रोए इंजीनियर्स | Madhya Pradesh | Baba Mahakal उज्जैन में सड़क चौड़ी करने के लिए खड़े हनुमान मंदिर का ढांचा तोड़ दिया गया। जेसीबी और क्रेन से प्रतिमा हटाने की कोशिश हुई, लेकिन प्रतिमा अपनी जगह से हिली तक नहीं। करीब 10 दिन की कोशिश के बाद प्रशासन ने एक्सपर्ट्स की मदद लेने का फैसला किया है। अब IIT इंदौर की टीम को बुलाया गया है। टीम ने स्पेशल इक्विपमेंट से प्रतिमा की गहराई और आसपास की जमीन की जांच की। पुरातत्व एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि प्रतिमा करीब 1000 साल पुरानी हो सकती है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि प्रतिमा के नीचे क्या है? प्रतिमा जमीन में कितनी गहराई तक है? इसके बाद एक्सपर्ट रिपोर्ट देंगे। फिर तय होगा कि इसे सुरक्षित तरीके से हटाया जा सकता है या नहीं। #ujjain #khadehanuman #khadehanumantemple #ujjainnews #hanumantemple #hanumanmandir #ujjainmahakal #Ujjain #KhadeHanuman #HanumanJi #SyedSuhail #HanumanMandir #UjjainNews #Mahakal #MadhyaPradesh #MPNews #TempleNews #ViralNews #LatestNews ------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------ Disclaimer: Republic Media Network may provide content through third-party websites, operating systems, platforms, and portals (‘Third-Party Platforms’). Republic does not control and has no liability for Third-Party Platforms, including content hosted, advertisements, security, functionality, operation, or availability. ------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------ रिपब्लिक भारत देश का नंबर वन न्यूज चैनल है। देश और दुनिया की जनहित से जुड़ी ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल और मनोरंजन की खबरों का खजाना है । इस खजाने तक पहुंचने के लिए रिपब्लिक भारत से जुड़े रहिए और सब्सक्राइब करिए। ► http://bit.ly/RBharat R. Bharat TV - India's no.1 Hindi news channel keeps you updated with non-stop LIVE and breaking news. Watch the latest reports on political news, sports news, entertainment, and much more. आप Republic Bharat से जुड़ें और अपडेट्स पाएं! ???? Facebook: https://www.facebook.com/RepublicBharatHindi/ ???? Twitter: https://twitter.com/Republic_Bharat ???? Instagram: https://www.instagram.com/republicbharat/ ???? WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029Va7GPTi7dmecQ2LFH01I ???? Telegram: https://t.me/RepublicBharatHindi ???? LinkedIn: https://www.linkedin.com/company/republic-bharat/
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