आज भारत और बांग्लादेश के बीच होगा महिला एशिया कप 2026 का पहला सेमीफाइनल मैच, जानिए कितने बजे शुरू होगा मुकाबला
India Women vs Bangladesh Women Semi Final : महिला एशिया कप 2026 का सेमीफाइनल-1 भारत और बांग्लादेश की महिला क्रिकेट टीमों के बीज आज यानी 10 सितंबर (गुरुवार) को खेला जाएगा. भारत और बांग्लादेश की टीमों के बीच महिला एशिया कप का पहला सेमीफाइनल मैच दुबई के दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा. इस मैच की जीतकर भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर फाइनल में जगह बनाना चाहेंगी और अपने विजय रथ को भी बरकरार रखना चाहेगी. वहीं निगार सुल्ताना जोटी भी जीत दर्ज कर फाइनल में स्थान बनाना चाहेंगे.
#TeamIndia gears up for the Women’s T20 Asia Cup 2026 semi-final clash! #TeamIndia #WomensAsiaCup2026@BCCIWomen pic.twitter.com/JNfws2UYJc
— Doordarshan Sports (@ddsportschannel) September 8, 2026
भारत और बांग्लादेश का एशिया कप स्क्वाड
भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना, शैफाली वर्मा, भारती फुलमाली, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष, जी कमलिनी, अरुंधति रेड्डी, प्रेमा रावत, राधा यादव, श्री चरणी, रेणुका ठाकुर, नंदनी शर्मा, क्रांति गौड़, प्रतिका रावल.
बांग्लादेश: निगार सुल्ताना जोटी (कप्तान), नाहिदा अख्तर, दिलारा अख्तर, फरजाना इस्मीन, जुएरिया फिरदौस, शर्मिन अख्तर सुप्ता, सरमिन सुल्ताना, शोभना मोस्तरी, शोर्ना अख्तर, रितु मोनी, फाहिमा खातून, राबेया खान, मारुफा अख्तर, सुल्ताना खातून, शांजीदा अख्तर मघला.
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बसपा में आकाश आनंद का रास्ता साफ, ससुर अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से लिया संन्यास, मायावती के लिए लिखी ये बात
Ashok Siddharth Renunciation: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में बड़ी हलचल हुई है. कई दिनों से आकाश आनंद और उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ को लेकर विवाद चल रहा था. अब अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास लेने का एलान कर दिया है. अशोक सिद्धार्थ ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी शेयर की.
बसपा के पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान किया है. वह बसपा नेता आकाश आनंद के ससुर भी हैं. अशोक सिद्धार्थ का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब एक दिन पहले ही बुधवार को बसपा प्रमुख मायावती ने आकाश आनंद को लेकर उन्हें राजनीति से दूर रहने की नसीहत दी थी. संन्यास का ऐलान करते हुए अशोक सिद्धार्थ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मायावती को लेकर एक लंबी पोस्ट भी लिखी. उनके इस फैसले को बसपा में आकाश आनंद की आगे की भूमिका से जोड़कर देखा जा रहा है.
परम आदरणीय बहन जी सादर चरण स्पर्श!
— Ashok Siddharth BSP (@MP_SiddharthBSP) September 10, 2026
माननीया बहन जी आपको अवगत कराना है कि, मेरे लिए आपका आदेश दुनिया की किसी भी चीज़ से बढ़ कर है। आपके आदेश के आगे मेरे रिश्ते नाते, परिवार सभी बेहद छोटे हैं। आपके मार्गदर्शन में, मैं बीते पैंतीस वर्षों से बीएसपी और मान्यवार साहेब श्री…
मायावती के लिए लिखी पोस्ट
अशोक सिद्धार्थ ने एक्स पर लंबी पोस्ट लिखी. इसमें उन्होंने मायावती को संबोधित करते हुए लिखा कि माननीया बहन जी आपको अवगत कराना है कि मेरे लिए आपका आदेश दुनिया की किसी भी चीज से बढ़ कर है. आपके आदेश के आगे मेरे रिश्ते नाते, परिवार सभी बेहद छोटे हैं. आपके मार्गदर्शन में, मैं बीते पैंतीस वर्षों से बीएसपी और मान्यवार साहेब श्री कांशीराम जी और बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर के मिशन के लिए समर्पित रहा हूं.
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सिद्धार्थ ने आगे लिखा कि आपने आज तक जो भी जिम्मेदारी दी है उसे अपने पूरे सामर्थ्य के साथ निभाने की कोशिश की है. आप मेरी राजनैतिक गुरू हैं, मेरी बड़ी बहन हैं, आपने मुझ जैसे अदने से व्यक्ति को क्या कुछ नहीं दिया, आपकी वजह से ही मैं विधान परिषद और राज्य सभा तक का सदस्य रहा हूं. आपने मुझे इस लायक समझा कि आपने मुझ जैसे मामूली से कार्यकर्ता को अपने परिवार का सदस्य बनाया. ये आपका ऋण है, जो मैं इस जीवन में चुका भी नहीं सकता.
3 सितंबर को पद से मायावती ने हटाया था, रखी थी ये शर्त
बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख मायावती ने हाल ही में 3 सितम्बर 2026 को एक राष्ट्रीय बैठक के दौरान आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक (National Convener) के पद से हटा दिया था. मायावती ने उन्हें एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में काम करने का निर्देश दिया है. साथ ही वापसी के लिए मायावती की शर्त रखी थी. मायावती ने 9 सितम्बर 2026 को साफ संदेश दिया कि आकाश आनंद की पार्टी के नेतृत्व में वापसी तभी संभव है, जब उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ पूरी तरह से राजनीति से संन्यास ले लें और अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं छोड़ दें. तभी आकाश आनंद बिना किसी बाहरी दबाव के स्वतंत्र रूप से काम कर सकेंगे.
आकाश आनंद विवाद पर रखा अपना पक्ष
पोस्ट में अशोक सिद्धार्थ ने आकाश आनंद पर बात की. मायावती को संबोधित करते हुए लिखा कि आदरणीय बहन जी, माननीय आकाश जी को सलाह देना तो दूर बीते कई महीनों से मेरी उनसे मुलाकात भी कुछ एक अवसर पर तब हुई जब उनके कार्यक्रम उन राज्यों में लगे जिनकी जिम्मेदारी आपने मुझे दी हुई थी. बहन जी हमारी पार्टी के ही कुछ साथी मुझे आपसे मिले सम्मान के कारण मुझ पर ये आरोप लगाते हैं कि मैं पार्टी पर कब्जा करना चाहता हूं, मैं माननीय आकाश आनंद जी को गुमराह करने की कोशिश कर रहा हूं. इसमें लेशमात्र भी सच्चायी नहीं है. आदरणीय बहन जी मैं आपसे विनम्र निवेदन के साथ कहा रहा हूं कि ये मेरे राजनैतिक विरोधियों की साजिश है ,जो पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं, जिसकी सच्चाई एक न एक दिन आपके सामने जरूर आ जाएगी.
आकाश के लिए साफ किया रास्ता
सिद्धार्थ ने अपनी पोस्ट में दामाद आकाश आनंद के लिए रास्ता साफ करने का प्रयास किया है, सिद्धार्थ ने लिखा कि आदरणीय बहन जी, मेरी आपसे हाथ जोड़ कर विनती है कि मेरे सन्यास लेने को आप आकाश की वापसी से मत जोड़िए. आकाश आनंद मेरे दामाद से पहले आपके भतीजे हैं, और आदरणीय आनंद भाईसाहब के बेटे हैं. उनके अंदर आपका खून बहता है, उन्होने जीवन के दो दशक आपकी छत्र छाया और देख-रेख में बिताए हैं, मेरे जैसा मामूली सा कार्यकर्ता भला उनको क्या ही गुमराह कर पाएगा. कहा कि उनका अच्छा-बुरा आप किसी और से ज्यादा बेहतर समझती हैं, उनको वापस जिम्मेदारी देना या ना देना ये आपका फैसला है. इसे मेरे सन्यास लेने से जोड़ कर आप मुझ जैसे मामूली कार्यकर्ता को उसकी हैसियत से ज्यादा महत्त्व दे रही हैं.
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